मॉस्को के दक्षिण में स्थित एक प्रमुख रूसी तेल शोधन संयंत्र पर हवाई हमले के दावों के बीच यूक्रेन और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट खुलकर सतह पर आ गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि वाशिंगटन ने रूसी हमलों से जुड़ी अहम खुफिया सूचनाओं को साझा करना बंद कर दिया है ताकि कीव पर हमले पूरी तरह रोकने का दबाव बनाया जा सके। यह स्थिति तब बनी जब अमेरिका ने रूसी डीजल आयात करने का एक समझौता किया, जिसके बाद यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं और सैन्य संचार व्यवस्था पर पाबंदियां लगाए जाने के दावे किए गए।
रियाज़ान रिफाइनरी पर ड्रोन और मिसाइल हमला
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार तड़के कीव ने मॉस्को के दक्षिण में स्थित रियाज़ान की रिफाइनरी को निशाना बनाकर बड़ा हमला करने का प्रयास किया। रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने चार मिसाइलों और दर्जनों ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन नीचे गिरे मलबे की वजह से औद्योगिक स्थल पर भीषण आग भड़क उठी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह भी कहा कि यूक्रेन ने बुधवार को भी रिफाइनरियों पर प्रहार की कोशिश की थी, हालांकि उन्होंने माना कि इन हमलों से संयंत्रों को कोई बड़ा या गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है। यूक्रेन ने बुधवार वाले हमले के दावे को पूरी तरह खारिज किया था।
दूसरी ओर, वोलोडिमिर जेलेंस्की का कहना है कि जब यूक्रेन ने अमेरिकी अनुरोध पर रूसी ईंधन ठिकानों पर प्रहार रोके थे, तब भी रूस की ओर से कोई रियायत नहीं बरती गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रविवार को घोषित एनर्जी सीजफायर यानी ऊर्जा युद्धविराम का उल्लेख करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि वह इस पर तभी सहमत होते जब मॉस्को भी इसका पालन करता। जेलेंस्की के मुताबिक, घोषणा के कुछ ही घंटों भीतर रूस ने इस प्रस्तावित व्यवस्था को धता बताते हुए यूक्रेन पर भीषण हमले किए, जिसके चलते लाखों यूक्रेनी नागरिक बिजली संकट में फंस गए। रूस ने कभी आधिकारिक तौर पर इस समझौते को स्वीकार करने की पुष्टि नहीं की थी।
स्टारलिंक सेवाओं पर पाबंदी और अमेरिकी दबाव
यूक्रेन के सैन्य अभियानों में उपग्रह इंटरनेट नेटवर्क की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, विशेष रूप से ड्रोन संचालन और वायु रक्षा समन्वय के लिए। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि यूक्रेन की सेना द्वारा उपयोग की जाने वाली स्टारलिंक उपग्रह सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध तकनीकी खराबी नहीं बल्कि जानबूझकर उठाया गया कदम था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई तकनीकी समस्या नहीं बल्कि स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम था। उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि अमेरिकी समकक्षों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि रूसी रिफाइनरियों पर हमले नहीं रुके, तो खुफिया जानकारी रोक दी जाएगी।
हालांकि, गुरुवार सुबह तक स्टारलिंक की कुछ कार्यप्रणाली फिर से बहाल होने की जानकारी सामने आई है। यूक्रेन के सैन्य हलकों के मुताबिक, चलते-फिरते सैन्य अभियानों में काम आने वाली स्टारशील्ड सेवा फिर चालू कर दी गई है। इसके बावजूद, ड्रोन उड़ानों की उस गति सीमा पर लगी पाबंदियां पूरी तरह हटी हैं या नहीं, जिस पर स्टारलिंक कनेक्शन बरकरार रहता है, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। अधिकारी अभी भी इन प्रतिबंधों के पीछे के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत समीक्षा में जुटे हैं। गौरतलब है कि स्टारशील्ड सेवा यूक्रेन को अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुबंध के तहत दी जाती है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने खुफिया जानकारी रोकने के आरोपों से इनकार किया है।
सहयोग में दरार और यूरोपीय नेताओं का रुख
पियर्स मॉर्गन के साथ बातचीत में जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि जब वाशिंगटन ने अपनी अहम सैन्य सहायता वापस खींचनी शुरू की, तो उन्हें विश्वासघात महसूस हुआ। उन्होंने दो टूक कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतिन जैसे निरंकुश नेताओं के प्रति झुकाव दिखता है। पिछले संबंधों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ओवल ऑफिस में हुई पिछली तीखी बैठक में ट्रंप ने जेलेंस्की को ही शांति समझौते की राह का मुख्य रोड़ा बताया था। इस बार जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि संबंधों को सुधारना उनकी जिम्मेदारी नहीं है क्योंकि यूक्रेन ने किसी रिश्ते को नहीं तोड़ा है।
ब्रुसेल्स में यूरोपीय नेताओं के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की शुरुआत के अवसर पर जेलेंस्की ने नाटो प्रमुख मार्क रुटे से मुलाकात की। नाटो प्रमुख ने कहा कि चर्चा ऊर्जा युद्धविराम को लागू करने और यूक्रेन के लिए नाटो सहयोगियों के निरंतर समर्थन पर केंद्रित रही। इस बीच यूरोपीय नेताओं ने कीव के समर्थन में आवाज उठाई है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने कहा कि यदि अमेरिका खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगाता है तो यह एक बहुत बड़ी और गंभीर गलती होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रक्षा का बुनियादी जरिया है और इसे रोकने का अर्थ एक देश को अपनी रक्षा के अवसर से वंचित करना है। क्रोसेटो ने तर्क दिया कि शांति तभी आ सकती है जब पुतिन को लगे कि युद्ध में गतिरोध आ चुका है और वह आगे नहीं बढ़ सकते, लेकिन यदि अमेरिका संसाधन हटाकर कमजोरी दिखाएगा तो पुतिन सोचेंगे कि वह जीत सकते हैं और युद्ध जारी रखेंगे।
पैट्रियट मिसाइल की शर्त और यूक्रेन में भीषण तबाही
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अब अपने रुख को और कड़ा कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह रूसी तेल बुनियादी ढांचे पर हमलों को तभी रोकेंगे जब अमेरिका अतिरिक्त पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति करेगा। कीव का मानना है कि रूसी सैन्य तंत्र की आर्थिक जीवनरेखा को काटने के लिए तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाना बेहद जरूरी है। इसके विपरीत, ईरान युद्ध छिड़ने के बाद से अमेरिकी रक्षा भंडारों पर दबाव पड़ा है और यूक्रेन को मिलने वाले रक्षा उपकरणों में भारी कमी आई है। जेलेंस्की ने आशंका जताई कि तेल के बाद अगला अमेरिकी सौदा गैस को लेकर हो सकता है।
इस कूटनीतिक रस्साकशी के बीच यूक्रेन के भीतर युद्ध की विभीषिका लगातार गहरा रही है। जेलेंस्की के अनुसार, पिछले एक दिन में दर्जनों यूक्रेनी शहरों पर 850 से अधिक ड्रोनों के जरिए निरंतर हमले किए गए। बुधवार को इन हमलों में देश भर में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई। मध्य क्षेत्र किरोवोग्राद में 2022 में शुरू हुए पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद का सबसे बड़ा हमला दर्ज किया गया, जहां 10 घंटे के दौरान करीब 360 ड्रोन दागे गए और कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा डोनेट्स्क, खेरसॉन और वोलिन में भी मौतों की पुष्टि हुई। डोनेट्स्क के स्लोवियास्क में रात भर हुए हमलों में कई आवासीय इमारतें जमींदोज हो गईं और दो नागरिकों की मौत हो गई। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह साफ है कि रूस ने प्रतिबंधों में ढील और यूक्रेन पर बढ़ते बाहरी दबाव का फायदा उठाकर जानबूझकर इन हमलों को तेज किया है।



















