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खेरसॉन के ओलेशकी से सुरक्षित निकाले जा रहे हैं नागरिक, सीजफायर के बीच खुला बचाव गलियारायूरोप
30 अक्तू॰ 2026, 7:52 pm (1 घंटे पहले)· 1

खेरसॉन के ओलेशकी से सुरक्षित निकाले जा रहे हैं नागरिक, सीजफायर के बीच खुला बचाव गलियारा

खेरसॉन के फ्रंटलाइन इलाके में युद्धविराम लागू होने के बाद ओलेशकी शहर से नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस निकासी अभियान के दौरान लोगों को सुरक्षित मार्ग और मानवीय सहायता मुहैया कराई जा रही है।

यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में स्थित और रूसी कब्जे वाले शहर ओलेशकी से स्थानीय निवासियों को बाहर निकालने का काम शुरू हो गया है। रूसी और यूक्रेनी दोनों पक्षों के अधिकारियों ने इस राहत अभियान की पुष्टि की है। इस पूरे क्षेत्र में मंगलवार से एक सीजफायर लागू है, जिसे अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से संभव बनाया गया। इस अस्थायी शांति समझौते के चलते शहर से बाहर निकलने वाली प्रमुख सड़कों से बारूदी सुरंगों को हटाने का काम पूरा किया जा सका, जिससे लोगों की सुरक्षित आवाजाही का रास्ता साफ हुआ।

सीमित समय और निकासी की व्यवस्था

ओलेशकी से निकलने के इच्छुक बाशिंदों के लिए चार घंटे का एक खास समय तय किया गया था। इस अवधि में करीब 750 लोगों को सुरक्षित निकालने के मकसद से 25 बसों का एक बड़ा काफिला तैनात किया गया। यह व्यवस्था दोपहर 14:00 बजे (12:00 जीएमटी) तक प्रभावी रही। इसके साथ ही चलने-फिरने में असमर्थ और गंभीर रूप से बीमार लोगों की मदद के लिए विशेष एम्बुलेंस भी मौके पर भेजी गईं, ताकि किसी भी जरूरतमंद को रास्ते में चिकित्सकीय दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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शहर में भीषण तबाही मची हुई है और बुनियादी नागरिक सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है। नलों में पानी नहीं आ रहा है, गैस की आपूर्ति ठप है और बिजली ग्रिड पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। इन विकट परिस्थितियों के बावजूद, कई सौ नागरिकों ने शहर छोड़कर कहीं भी न जाने का फैसला किया है और वे अपने क्षतिग्रस्त मकानों में ही डटे हुए हैं।

मानवाधिकार अधिकारियों की संयुक्त पहल

यूक्रेन के मानवाधिकार लोकपाल दिमित्रो लुबिनेट्स ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि जो कोई भी ओलेशकी छोड़ना चाहता है, उसे सुरक्षित रूप से जाने का अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जो लोग वहीं रुकने का निर्णय लेते हैं, उन्हें हर आवश्यक मानवीय सहायता प्रदान की जाएगी। यूक्रेन का स्वतंत्र नियंत्रण वाला इलाका ओलेशकी से मात्र 5 किलोमीटर (3.1 मील) की दूरी पर है। हालांकि, सीधे संपर्क मार्ग बंद होने के कारण वहां से निकलने वाले लोगों को एक लंबा और जटिल रास्ता तय करना होगा।

निकासी योजना के अनुसार, नागरिकों को सबसे पहले रूसी कब्जे वाले क्षेत्र से होते हुए दक्षिणी रूस के शहर अनापा ले जाया जाएगा। अनापा से उन्हें रूसी सरकारी विमान के जरिए बेलारूस के गोमेल शहर पहुंचाया जाएगा। इसके बाद वे सड़क मार्ग से सीमा पार करके यूक्रेन के चेर्निहाइव क्षेत्र में दाखिल होंगे। दूसरी ओर, कुछ नागरिकों के बारे में यह अनुमान है कि वे रूसी नियंत्रण वाले इलाकों में ही बसने का विकल्प चुन सकते हैं।

जटिल यात्रा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस निकासी अभियान को संचालित करने के लिए दिमित्रो लुबिनेट्स और उनकी रूसी समकक्ष याना लांत्रातोवा शुक्रवार को एक साथ ओलेशकी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने रूसी कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप के आर्मियान्स्क से अपनी यात्रा शुरू की थी। युद्ध शुरू होने के बाद से यह पहला मौका है जब यूक्रेन का कोई उच्च अधिकारी रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्र के दौरे पर गया है। इसके अलावा, शनिवार को निकाले गए नागरिकों को वापस यूक्रेन लाते समय लुबिनेट्स रूस का दौरा करने वाले पहले यूक्रेनी अधिकारी भी बन जाएंगे।

ओलेशकी में युद्धविराम को लागू कराने और मानवीय गलियारा बनाने के लिए लांत्रातोवा के साथ नजदीकी तालमेल बैठाना पड़ा। लुबिनेट्स ने इस कदम को पूरी तरह इंसानी जिंदगियों को बचाने के हित में उठाया गया कदम बताया है। हालांकि, यूक्रेन के भीतर कुछ हलकों में इस मुलाकात को लेकर नाराजगी भी देखी गई है। आलोचकों का मानना है कि जिस रूसी सत्ता ने शहर के कई नागरिकों की जान ली और बाकी बचे लोगों का जीवन दूभर कर दिया, उसके प्रतिनिधि के साथ यूक्रेनी अधिकारी का खड़े होना असहज करने वाला है।

जमीनी हालात और सहायता के प्रयास

लुबिनेट्स और लांत्रातोवा दोनों ने ओलेशकी से अपने सोशल मीडिया चैनलों पर कई वीडियो साझा किए। इन वीडियो में बताया गया कि नागरिकों को उनकी इच्छा के अनुसार दो अलग-अलग समूहों में बांटा गया, ताकि जो लोग रूसी नियंत्रण वाले क्षेत्र में जाना चाहते हैं वे वहां जा सकें और जो यूक्रेन लौटना चाहते हैं उन्हें यूक्रेन भेजा जा सके। एक वीडियो में लुबिनेट्स रोते-बिलखते स्थानीय निवासियों से मिलते हुए दिखाई देते हैं, जहां उन्होंने कहा कि असली समस्या यह है कि बहुत से लोग रुक रहे हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि उन्हें बताया गया है कि यह नागरिकों की अपनी मर्जी है, और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

रूस ने गुरुवार को जानकारी दी थी कि जो लोग शहर नहीं छोड़ना चाहते, उनके लिए दर्जनों टन राहत सामग्री तैयार रखी गई है। इस सहायता पैकेज में भोजन, जीवनरक्षक दवाएं, स्वच्छता उत्पाद और जनरेटर चलाने के लिए जरूरी ईंधन शामिल किया गया है, जिससे बुनियादी जरूरतें पूरी की जा सकें।

स्थानीय लोगों के रुकने की दर्दनाक वजहें

ओलेशकी की एक महिला निवासी ने शहर न छोड़ने का फैसला किया। उनका कहना था कि बचाव दल उनके पालतू जानवरों को साथ ले जाने की अनुमति नहीं दे रहे थे, इसलिए उन्होंने रुकने का मन बना लिया। कीव में रहने वाली ओलेना ने बताया कि ओलेशकी में उनकी दादी और परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं रुके हुए हैं। बुजुर्ग पीढ़ी अपनी मिट्टी और घर को छोड़कर कहीं जाने को तैयार नहीं है। ओलेना ने बताया कि वह अपने पिता को जाने के लिए बमुश्किल राजी कर पाईं, क्योंकि उन्होंने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है जिसे उनके पिता अन्यथा कभी नहीं देख पाते।

ओलेना ने पिछले साल सर्दियों में घटी एक दुखद घटना का भी जिक्र किया, जब उनकी नानी की बहन की ओलेशकी में जान चली गई थी। बर्फ से ढकी जमीन पर बिछी एक बारूदी सुरंग पर पैर पड़ने से उन्होंने अपने दोनों पैर गंवा दिए थे। स्थानीय लोग उन्हें बगीचे में इस्तेमाल होने वाली हाथगाड़ी में लादकर अस्पताल ले गए थे। ओलेना के अनुसार, ओलेशकी में घायल और मृत लोगों को अस्पताल तथा मुर्दाघर तक पहुंचाने के लिए स्थानीय लोग केवल बगीचे की हाथगाड़ियों का ही सहारा लेते हैं।

युद्धविराम की सीमा और कूटनीतिक आयाम

यह युद्धविराम रविवार 1 नवंबर के अंत तक लागू रहने वाला है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण आक्रमण के बाद से खेरसॉन क्षेत्र में यह शांति के पहले कुछ दिन साबित हुए हैं। खेरसॉन के निवासी इस सीजफायर से काफी राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों में यह गहरी चिंता भी है कि इस शांति समझौते की आड़ में रूस नीप्रो नदी के किनारों पर अपनी सैन्य ताकत को दोबारा मजबूत कर सकता है, जिससे सीजफायर खत्म होने के बाद एक नया भीषण हमला शुरू होने का खतरा बना हुआ है।

शुक्रवार को क्रेमलिन ने यह स्पष्ट कर दिया कि ओलेशकी में हुए इस समझौते की सफलता का यह अर्थ बिल्कुल नहीं निकाला जाना चाहिए कि रूस पूरे यूक्रेन में युद्धविराम का विस्तार करने को तैयार है। मॉस्को ने इस निकासी प्रक्रिया को दिखाने के लिए मुट्ठी भर विदेशी पत्रकारों को भी आमंत्रित किया है, ताकि इसे ओलेशकी की जनता की रक्षा के लिए दया भाव से चलाए गए एक मानवीय मिशन के रूप में पेश किया जा सके। वहीं यूक्रेन में कई लोगों का मानना है कि रूस का वास्तविक इरादा व्हाइट हाउस के साथ संबंध सुधारना और आगामी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राजनीतिक बढ़त दिलाना है।

सवाल-जवाब

ओलेशकी शहर से लोगों को निकालने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
नागरिकों को निकालने के लिए 25 बसों का काफिला और बीमार लोगों के लिए विशेष एम्बुलेंस लगाई गई हैं, जिससे 750 लोग निकल सकें।
इस क्षेत्र में युद्धविराम किसकी मध्यस्थता से हुआ है?
यह युद्धविराम अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से संभव हुआ है।
ओलेशकी से निकलने वाले लोगों को यूक्रेन जाने के लिए कौन सा रास्ता लेना होगा?
लोगों को पहले रूस के अनापा शहर जाना होगा, फिर विमान से बेलारूस के गोमेल और वहां से सड़क मार्ग से यूक्रेन के चेर्निहाइव पहुंचना होगा।
खेरसॉन में लागू यह सीजफायर कब तक चलेगा?
यह युद्धविराम रविवार 1 नवंबर के अंत तक प्रभावी रहने के लिए तय किया गया है।
शहर में रहने वाले लोगों को क्या सुविधाएं दी जा रही हैं?
शहर में रुकने वालों के लिए दर्जनों टन भोजन, दवाइयां, स्वच्छता उत्पाद और जनरेटर के लिए ईंधन भेजा जा रहा है।
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टिप्पणियाँ 2

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·1 घंटे पहले

अनापा और बेलारूस के रास्ते इतनी लंबी यात्रा पर लोग कैसे जाएंगे, बात कुछ ठीक नहीं बैठ रही।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·1 घंटे पहले

यूकी जी, युद्ध के हालातों में रास्ते कभी सीधे नहीं होते, कूटनीति के पेंच ऐसे ही घुमावदार होते हैं।

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