स्विट्जरलैंड के आराव शहर में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी के सिलसिले में स्थानीय पुलिस ने एक 43 वर्षीय स्विस नागरिक को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी एक व्यापक और लंबी तलाश के बाद हुई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
यह दुखद घटना आराव के शाचेन घुड़दौड़ मैदान में आयोजित एक विशाल टेक्सनो रेव पार्टी के दौरान सामने आई। यह स्थान देश के सबसे बड़े वित्तीय केंद्र ज्यूरिख से लगभग 46 किलोमीटर या 29 मील पश्चिम में स्थित है। इस हिंसक हमले में 22 वर्षीय इतालवी नागरिक मारिया स्पिनेली की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
लगभग 24 घंटे की तलाश के बाद संदिग्ध काबू में
गोलीबारी की इस घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एक व्यापक अभियान शुरू किया जो लगभग 24 घंटे तक चला। आराव केंटन पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि उन्होंने संदिग्ध को सोमवार को तड़के 01:00 बजे के आसपास यानी रविवार को रात 23:00 जीएमटी पर हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना के सटीक क्रम, इसके पीछे की पृष्ठभूमि और संभावित उद्देश्यों की गहराई से जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारियों के आधार पर अधिकारियों का यह मानना है कि संदिग्ध ने इस वारदात को अकेले ही अंजाम दिया था।
गोलीबारी का खौफनाक मंजर और घायलों की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, शाचेन रेस ट्रैक पर गोलीबारी होने की पहली सूचना रविवार को स्थानीय समयानुसार लगभग 02:30 बजे यानी 00:30 जीएमटी पर प्राप्त हुई थी। संगीत की धुनें थमने के कुछ ही मिनटों बाद गोलियों की आवाज गूंज उठी थी।
एक चश्मदीद ने स्विस मीडिया आउटलेट ब्लिक्क को अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उसने संगीत बंद होने के तुरंत बाद अचानक गोलियों की आवाज सुनी थी। शुरुआत में उसे लगा कि शायद यह आतिशबाजी का शोर है। उस चश्मदीद को एक महिला और पुरुष ने तुरंत छिपने की सलाह दी थी, और बाद में उस महिला को भी गोली लग गई थी।
इस संगीत कार्यक्रम में आयोजकों ने लगभग 3,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई थी। आराव शहर की कुल आबादी करीब 23,000 है और यह जर्मनी की सीमा से 40 किलोमीटर से भी कम दूरी पर बसा हुआ है। जर्मन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में पुलिस ने स्विस सुरक्षा बलों का पूरा सहयोग किया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक कदम
इस भीषण गोलीबारी की घटना पर इटली की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने पहले ही यह विश्वास जताया था कि स्विस अधिकारी इस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाएंगे और इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को ढूंढ निकालेंगे।
इसके अलावा, इटली के विदेश मंत्रालय ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी कि वे ज्यूरिख में अपने अधिकारियों को भेज रहे हैं ताकि इस पूरे मामले की जांच पर बहुत करीब से नजर रखी जा सके।
स्विट्जरलैंड में बंदूक संस्कृति और ऐतिहासिक संदर्भ
अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, स्विट्जरलैंड में यूरोप की सबसे अधिक बंदूक रखने की दरों में से एक दर्ज है, हालांकि इसके बावजूद वहां हिंसक गोलीबारी की घटनाएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं। पिछले कुछ वर्षों के दौरान सरकार ने हथियारों की बिक्री और नियंत्रण को लेकर काफी कड़े नियम भी लागू किए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, इस देश में आखिरी बड़ी गोलीबारी की घटना साल 2001 में हुई थी, जब लूसर्न के पास स्थित जुग शहर की संसद और स्थानीय सरकार के 14 सदस्यों को एक हमलावर ने मौत के घाट उतार दिया था और बाद में उसने खुद भी अपनी जान ले ली थी।



















