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बलूचिस्तान के माशकेल में BLF के बहुस्तरीय हमले में 25 से अधिक पाकिस्तानी जवान ढेर होने का दावापाकिस्तान
1 सित॰ 2026, 1:25 pm (1 घंटे पहले)· 3

बलूचिस्तान के माशकेल में BLF के बहुस्तरीय हमले में 25 से अधिक पाकिस्तानी जवान ढेर होने का दावा

बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने बलूचिस्तान के वाशुक जिले के माशकेल में सरकारी इमारतों, पुलिस स्टेशनों और सैन्य शिविरों पर बड़ा हमला करने और 25 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मारने का दावा किया है।

बलूचिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वाशुक जिले में स्थित माशकेल शहर में सशस्त्र अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने बड़े पैमाने पर समन्वित गुरिल्ला हमला करने का दावा किया है। संगठन के आधिकारिक मीडिया मंच आ शोब (AASHOB) के माध्यम से जारी किए गए विस्तृत बयान के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग 3:30 बजे संगठन के लड़ाकों ने माशकेल शहर की पूरी तरह से घेराबंदी की और पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों तथा प्रशासनिक इमारतों पर एक साथ योजनाबद्ध कार्रवाई की। इस बहुस्तरीय सैन्य अभियान के दौरान अलगाववादी लड़ाकों ने कई घंटों तक शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों और सरकारी परिसरों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने का दावा पेश किया है।

छह लड़ाकू दस्तों की तैनाती और माशकेल की पूर्ण घेराबंदी

संगठन के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच के नाम से सामने आए बयान में बताया गया कि इस पूरे अभियान को अंजाम देने के लिए लड़ाकों को छह अलग-अलग विशेष दस्तों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक दस्ते को विशिष्ट सामरिक लक्ष्य सौंपे गए थे, ताकि एक ही समय पर कई मोर्चों पर हमला बोलकर सुरक्षा बलों को भ्रमित किया जा सके। अभियान के शुरुआती चरण में लड़ाकों ने माशकेल शहर में प्रवेश करने वाले और बाहर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी कर दी। इन रास्तों पर जांच चौकियां स्थापित करके आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे शहर का संपर्क बाहरी इलाकों से पूरी तरह कट गया।

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कस्टम पुलिस स्टेशन पर कब्जा और सैन्य टुकड़ी पर घात लगाकर हमला

पहले चरण के तहत एक लड़ाकू दस्ते ने माशकेल स्थित कस्टम पुलिस स्टेशन को चारों तरफ से घेरकर अपने नियंत्रण में ले लिया। परिसर में मौजूद सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। बयान के मुताबिक, कर्मचारियों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सुरक्षित छोड़ दिया गया। हालांकि, संगठन ने स्टेशन के भीतर रखे तमाम सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया और वहां खड़े एक आधिकारिक कस्टम वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के तुरंत बाद जब कस्टम स्टेशन की मदद के लिए पाकिस्तानी सेना की एक सुदृढ़ीकरण टुकड़ी उस ओर बढ़ी, तो पहले से घात लगाए बैठे लड़ाकों ने उस पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जोरदार प्रतिरोध के बाद सेना की टुकड़ी को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।

माशकेल पुलिस स्टेशन का पतन और सरकारी हथियारों की जब्ती

अभियान के दूसरे चरण में दूसरे लड़ाकू दस्ते ने माशकेल पुलिस स्टेशन पर धावा बोला और कम समय में ही उस पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया। वहां तैनात पुलिसकर्मियों को हथियार डालने पर मजबूर किया गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। लड़ाकों ने पुलिस स्टेशन के शस्त्रागार से सभी सरकारी हथियार, गोला-बारूद और अन्य संवेदनशील सैन्य उपकरण जब्त कर लिए। कस्टम स्टेशन की तर्ज पर पुलिस स्टेशन में मौजूद सभी आधिकारिक फाइलों और रिकॉर्ड को भी जलाकर नष्ट कर दिया गया। बाद में हिरासत में लिए गए पुलिसकर्मियों को सुरक्षित स्थान से बाहर जाने का रास्ता दे दिया गया। पुलिस स्टेशन पर कब्जा जमाने के बाद लड़ाकों ने इमारत के आसपास मजबूत मोर्चाबंदी की और वहां से पास स्थित फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के मुख्य सैन्य कैंप पर सीधा हमला शुरू कर दिया।

फ्रंटियर कॉर्प्स के मुख्य कैंप पर हमला और आम बस्तियों पर मोर्टार

मुख्य फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) परिसर को निशाना बनाने के लिए लड़ाकों ने कई दिशाओं से एक साथ धावा बोला। कैंप के मुख्य द्वार के पास स्थित दो सुरक्षा चौकियों को भारी गोलाबारी का शिकार बनाया गया। इस हमले में हल्के मशीन गन (LMG), रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड लॉन्चर जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया। गोलाबारी की इस तीव्र बौछार में पांच एफसी जवान मारे गए और कई अन्य सैनिक घायल हो गए। बलूच संगठन का आरोप है कि हमले से बौखलाए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कैंप के भीतर से जवाबी कार्रवाई करते हुए अंधाधुंध मोर्टार के गोले दागे। इनमें से कई मोर्टार के गोले आसपास के असैन्य और रिहाइशी इलाकों में जाकर गिरे, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी दहशत फैल गई।

कमिश्नर हाउस के निकट बख्तरबंद काफिले पर हमला

जैसे ही शहर में स्थिति बिगड़ने लगी, कमिश्नर हाउस के पास तैनात फ्रंटियर कॉर्प्स के बख्तरबंद वाहनों सहित तीन गाड़ियों के काफिले ने लड़ाकों को घेरने के लिए आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि, वहां तैनात BLF दस्ते ने बख्तरबंद काफिले पर सटीक जवाबी हमला कर दिया। भारी गोलीबारी और रॉकेट हमलों के सामने टिक न पाने के कारण एफसी के वाहनों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। संगठन का दावा है कि कमिश्नर हाउस के पास हुई इस झड़प में तीन और एफसी जवान मारे गए तथा चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।

हवाई निगरानी तंत्र को ध्वस्त करने और ड्रोन मार गिराने का दावा

धरातल पर जारी जमीनी जंग के साथ-साथ बलूच अलगाववादियों ने पाकिस्तानी सेना के हवाई निगरानी तंत्र को भी निशाना बनाने का दावा किया है। अभियान के दौरान आकाश से स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पाकिस्तानी सेना के क्वाडकॉप्टर और निगरानी ड्रोन पर लड़ाकों ने नीचे से निशाना साधा। दावे के अनुसार, पूरे ऑपरेशन के दौरान कुल तीन क्वाडकॉप्टर और एक निगरानी ड्रोन को मार गिराने में सफलता मिली। सबसे पहले एक सेना के क्वाडकॉप्टर को नष्ट किया गया, इसके बाद एक surveillance drone और एक अन्य क्वाडकॉप्टर को मार गिराया गया, तथा अंत में एक और क्वाडकॉप्टर को निशाना बनाया गया।

दूसरे सैन्य शिविर की घेराबंदी और 25 से अधिक जवानों के मारे जाने का कुल दावा

शहर में मौजूद एक अन्य सैन्य शिविर पर भी BLF के एक अलग दस्ते ने शिकंजा कसा। लड़ाकों ने शिविर को चारों तरफ से घेरकर रॉकेटों और भारी हथियारों से उसके दो प्रमुख कंक्रीट बंकरों को निशाना बनाया। इस हमले में चार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। लगातार हो रहे हमलों के कारण शिविर में मौजूद सैनिक बैरकों से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सके और वहीं कैद होकर रह गए। संगठन द्वारा जारी किए गए संपूर्ण आंकड़ों को जोड़ने पर इस पूरे माशकेल ऑपरेशन में 25 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने का दावा किया गया है।

वाशुक की सामरिक स्थिति और पाकिस्तानी अधिकारियों का मौन

माशकेल बलूचिस्तान के वाशुक जिले में स्थित एक बेहद संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्र है। इसकी भौगोलिक स्थिति और रणनीतिक बनावट इसे सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तानी राज्य और विभिन्न बलूच राष्ट्रवादी तथा अलगाववादी समूहों के बीच सशस्त्र संघर्ष का मुख्य केंद्र रहा है। बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) इस क्षेत्र में एक स्वतंत्र बलूचिस्तान राज्य की स्थापना के लिए पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के खिलाफ लंबे समय से छापामार युद्ध चला रहा है। माशकेल में किया गया यह बड़ा ऑपरेशन इसी जारी संघर्ष की एक कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी पाकिस्तान सरकार या उसकी सैन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस भीषण हमले और नुकसान के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान जारी नहीं किया गया है।

सवाल-जवाब

माशकेल में क्या घटना घटी?
बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) के छह लड़ाकू दस्तों ने बलूचिस्तान के वाशुक जिले में माशकेल शहर की घेराबंदी कर सैन्य शिविरों, पुलिस और कस्टम स्टेशनों पर समन्वित हमला किया।
BLF ने कितने पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया है?
संगठन द्वारा जारी बयान के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर हुई मुठभेड़ों में 25 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई घायल हुए।
हमले के दौरान किन हथियारों और सैन्य संपत्तियों का इस्तेमाल किया गया?
लड़ाकों ने LMG, रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड लॉन्चर का इस्तेमाल किया, जबकि तीन क्वाडकॉप्टर और एक निगरानी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया।
क्या पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है?
नहीं, इस पूरे घटनाक्रम और हताहतों के आंकड़ों पर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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