उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर परिसर में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिर प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना था। प्रशासनिक समिति और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों ने चयन समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट पर गहन मंथन किया। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नए CEO के नाम का आधिकारिक ऐलान बहुत जल्द कर दिया जाएगा।
चयन समिति ने सौंपी तीन नामों की शॉर्टलिस्ट
राम मंदिर के प्रथम CEO की खोज के लिए तीन सदस्यीय एक विशेष सर्च कमेटी गठित की गई थी। इस उच्चस्तरीय पैनल में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे तथा पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। इस समिति ने देश भर के योग्य उम्मीदवारों का आकलन करने के बाद तीन प्रमुख नामों की एक संक्षिप्त सूची तैयार की और मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी।
रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन, अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट (DM) शशांक त्रिपाठी तथा निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठकों के दौर के बाद यह तय किया गया कि बुधवार को होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पूर्ण बैठक में इन सिफारिशों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ट्रस्ट की बैठक में निर्णय और आधिकारिक प्रक्रिया
प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने स्पष्ट किया कि चयन समिति की रिपोर्ट को ट्रस्ट की औपचारिक बैठक के समक्ष रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, "इस रिपोर्ट पर बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में चर्चा की जाएगी। मुझे उम्मीद है कि नाम तय हो जाएगा, लेकिन इसका आधिकारिक ऐलान करने का अंतिम फैसला ट्रस्ट ही करेगा।"
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि एक समर्पित मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति से परिसर की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, दैनिक व्यवस्थाओं तथा वित्तीय पारदर्शिता को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
खाली पदों पर नई नियुक्तियों का खाका तैयार
CEO के चयन के अतिरिक्त राम मंदिर ट्रस्ट में रिक्त चल रहे पदों को भरने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफे तथा हाल ही में राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के दुखद निधन के कारण ट्रस्ट में तीन स्थान खाली हैं। बुधवार को आयोजित होने वाली बैठक में इन तीनों रिक्तियों पर नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सचिव पद और संभावित नए सदस्यों के नाम
ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में सचिव का पद लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों और उपलब्ध जानकारियों के अनुसार जगदीश आफले को सचिव पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिसकी औपचारिक घोषणा बुधवार को संभावित है।
इसके साथ ही, दिवंगत राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के पुत्र और प्रसिद्ध साहित्यकार यतीन्द्र मिश्रा को ट्रस्ट में शामिल करने की मजबूत संभावना है। इनके अलावा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा और केंद्रीय परामर्श समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश जी को भी ट्रस्ट के नए सदस्यों के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इन सभी प्रशासनिक बदलावों से राम मंदिर के दीर्घकालिक संचालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



















