अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर अमरीकी डॉलर के मुकाबले अल्पकालिक गिरावट का सामना कर रहा है। हालिया कारोबारी सत्रों में लगभग एक महीने की लगातार बढ़त के बाद ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में सीमित नरमी दर्ज की गई है। हालांकि, व्यापक दीर्घकालिक परिदृश्य में यह मुद्रा जोड़ी अब भी सकारात्मक रुझान के भीतर बनी हुई है। लाइव बाजार डेटा के अनुसार AUD/USD का भाव 0.7157 के आसपास बना हुआ है, जो पिछले बंद स्तर 0.7163 की तुलना में 0.08 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाता है। बाजार प्रतिभागी इस समय वैश्विक केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीब से नज़र बनाए हुए हैं।
ऑस्ट्रेलियन डॉलर का 24 घंटे का तकनीकी दृष्टिकोण
हालिया कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर 0.7208 के उच्च स्तर तक पहुंचने में सफल रहा था, लेकिन इसके तुरंत बाद तेज बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सत्र के अंत में यह 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.7158 के स्तर पर बंद हुआ। इसके बाद के सत्रों में विश्लेषकों का अनुमान था कि AUD/USD 0.7145 के स्तर की ओर खिसक सकता है। हालांकि, मौजूदा गति को देखते हुए इस स्तर से नीचे का बड़ा ब्रेकडाउन काफी कम संभावित माना गया था।
वास्तविक मूल्य कार्रवाई में ऑस्ट्रेलियन डॉलर उम्मीद से कम गिरकर 0.7152 के निचले स्तर को छूने के बाद रिकवर हुआ और 0.7171 का उच्च स्तर हासिल किया। तकनीकी संकेतकों में सुधार यह दर्शाता है कि मुद्रा जोड़ी में ऊपर की ओर जाने की क्षमता बची हुई है। हालांकि, निकट भविष्य में AUD/USD के 0.7155 से 0.7180 के सीमित दायरे में कारोबार करने की अधिक संभावना जताई जा रही है।
1 से 3 हफ्तों का तकनीकी परिदृश्य और मुख्य स्तर
मध्यम अवधि के दृष्टिकोण से देखा जाए तो ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में पिछले एक महीने से जारी मजबूती का चरण फिलहाल थमता हुआ नजर आ रहा है। तकनीकी चार्ट पर ओवरबॉट स्थितियों और नेगेटिव डाइवर्जेंस के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। ये कारक संकेत देते हैं कि AUD/USD 0.7120 के सपोर्ट ज़ोन की ओर और अधिक पुलबैक कर सकता है।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बिकवाली का दबाव 0.7120 के स्तर को निर्णायक रूप से तोड़ पाता है या नहीं। यदि यह जोड़ी ऊपर की ओर रुख करती है, तो 0.7200 का स्तर एक बेहद मजबूत प्रतिरोध के रूप में काम करेगा। यदि मूल्य 0.7200 के इस कड़े प्रतिरोध स्तर को पार करने में सफल रहता है, तो पुलबैक की संभावना समाप्त हो जाएगी और मुद्रा जोड़ी एक सीमित दायरे में समेकन के दौर में प्रवेश कर सकती है।
लाइव तकनीकी इंडिकेटर्स और पिवट पॉइंट विश्लेषण
लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार, AUD/USD का Relative Strength Index यानी RSI(14) वर्तमान में 61 के स्तर पर है, जो तटस्थ से सकारात्मक क्षेत्र को दर्शाता है। Moving Average Convergence Divergence यानी MACD में सिग्नल रेखा के साथ बुलिश क्रॉसओवर बना हुआ है। इसके अलावा, 20-दिवसीय Exponential Moving Average यानी EMA20 0.7114 पर, EMA50 0.7068 पर और EMA200 0.6920 पर स्थित हैं। EMA50 का EMA200 से ऊपर होना दीर्घकालिक गोल्डन क्रॉस संरचना को बनाए रखता है।
बोलिंगर बैंड्स विश्लेषण के अनुसार, ऊपरी बैंड 0.7210 और निचला बैंड 0.7006 पर है, जबकि मध्य बैंड 0.7108 पर स्थित है। वर्तमान मूल्य इन बैंड्स के भीतर कारोबार कर रहा है। पिवट पॉइंट स्तरों में मुख्य पिवट 0.7166 पर है, पहला प्रतिरोध R1 0.7174 और R2 0.7192 पर है। नीचे की ओर पहला सपोर्ट S1 0.7148 और दूसरा सपोर्ट S2 0.7139 पर देखा जा रहा है। AUD/USD का 52 हफ्तों का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है।
यूरो और ब्रिटिश पाउंड पर डॉलर की रिकवरी का असर
अमरीकी डॉलर की व्यापक बहाली का प्रभाव केवल ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी इसका दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड यानी GBP/USD 1.3550 के स्तर से नीचे मामूली नुकसान के साथ कारोबार करता नजर आया। मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमरीकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने ग्रीनबैक को सहारा दिया है।
दूसरी ओर, यूरो यानी EUR/USD भी 1.1600 के स्तर के करीब संघर्ष कर रहा है। रातों-रात हुई रिकवरी के बावजूद यूरो अपनी बढ़त को बनाए रखने में विफल रहा। यूरो क्षेत्र के Harmonized Index of Consumer Prices यानी HICP के शुरुआती मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
सोना, कच्चा तेल और ईंधन बाजार का रुख
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें 4,430 डॉलर प्रति औंस के आसपास मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रही हैं, जो डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर के बेहद करीब है। अमरीकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश की हालिया टिप्पणियों के बाद बाजार में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें तेज हो गई हैं, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति सोने की मांग पर असर पड़ा है।
इसी बीच, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में लगातार इजाफा हो रहा है। ऊर्जा कीमतों में उछाल और सख्त मौद्रिक नीति की संभावनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचा दिया है। इसके अलावा, अमरीकी डीजल बाजार में ऐतिहासिक उछाल देखा गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम यानी crack spread इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया और 102.00 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को छू गया।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तकनीकी कमजोरी
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी मंदी का माहौल देखा जा रहा है। पिछले सप्ताह दोहरे अंकों की भारी गिरावट दर्ज करने के बाद रिपल यानी XRP, कार्डानो यानी ADA और डॉजकॉइन यानी DOGE में कमजोरी बनी हुई है। ये प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी वर्तमान में अपने महत्वपूर्ण Exponential Moving Averages यानी EMA सपोर्ट का परीक्षण कर रही हैं। तकनीकी परिदृश्य चेतावनी दे रहा है कि तेजी का रुझान कमजोर पड़ने के कारण इन डिजिटल परिसंपत्तियों में और गिरावट आ सकती है।



















