स्पेन के चर्चित पर्यटन केंद्र मैगालुफ में ब्रिटिश नागरिक टॉबी व्हाइट-सैनसम की मौत के लगभग चार साल बीत जाने के बाद इस पूरे मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। नॉटिंघम के रहने वाले दो बच्चों के पिता टॉबी व्हाइट-सैनसम जुलाई 2022 में एक स्पैनिश अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए थे। अब फॉरेंसिक जांच से जुड़ी एक नई ब्लड स्पैटर रिपोर्ट और हालिया अदालती आदेश के बाद उनके परिवार को उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है कि स्पेनिश अदालत में इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है। परिवार का शुरू से यह मानना रहा है कि उस रात नाइटक्लब के सुरक्षा गार्डों और पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए हिंसक और अमानवीय व्यवहार के कारण ही टॉबी की जान गई थी।
टॉबी के बड़े भाई और मेडिकल कैनबिस कारोबारी मैक्सिमिलियन व्हाइट अपने भाई को इंसाफ दिलाने के लिए लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। 46 वर्षीय मैक्सिमिलियन ने साफ किया है कि जब तक उनके छोटे भाई को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे। अपने भाई को अपनी ही बाहों में दम तोड़ते देखने का दर्द बयां करते हुए उन्होंने कहा कि इस पूरी त्रासदी पर बात करना आज भी उनके लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। यह पूरी घटना उस समय घटी जब टॉबी अपने परिवार के साथ वहां छुट्टियां मनाने गए हुए थे।
नाइटक्लब में टी-शर्ट उतारने पर शुरू हुआ था विवाद
पारिवारिक सदस्यों के विवरण के अनुसार, उस रात नाइटक्लब के भीतर गर्मी लगने की वजह से जब टॉबी व्हाइट-सैनसम ने अपनी टी-शर्ट उतारी, तो वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों के साथ उनकी कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते इस मामूली बात ने बड़ा रूप ले लिया और क्लब के बाउंसर्स ने उन्हें जमीन पर दबोच लिया। इसके बाद स्पैनिश सिविल गार्ड यानी ग्वार्डिया सिविल को मौके पर बुला लिया गया।
परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आते ही टॉबी को हथकड़ी पहनाई, उन पर टेजर गन से बिजली के झटके दिए और उन्हें शांत करने के लिए कई ट्रैंक्विलाइजर इंजेक्शन लगाए। अत्यधिक बल प्रयोग और दवाओं के इस भारी असर के चलते टॉबी को कार्डियक अरेस्ट आ गया और उनका दिल अचानक धड़कना बंद हो गया। आनन-फानन में उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां पांच दिनों तक वह जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में बाहरी बल प्रयोग के संकेत
अदालती प्रक्रिया के तहत सामने आई फॉरेंसिक ब्लड स्पैटर रिपोर्ट ने अब मामले को पूरी तरह पलट दिया है। यह रिपोर्ट उस कानूनी जांच का अहम हिस्सा है, जिसके आधार पर कोर्ट के जज को यह तय करना है कि क्या इस मामले में औपचारिक आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने टॉबी की टी-शर्ट, उनके जूतों और मोजे पर मिले खून के निशानों का गहन विश्लेषण किया।
रिपोर्ट में साफ तौर पर यह पाया गया कि कपड़ों पर मौजूद खून के कई अलग-अलग धब्बे ऐसे हैं जो गुरुत्वाकर्षण के कारण सामान्य रूप से टपके हुए खून के साथ-साथ किसी भारी बाहरी दबाव या बल प्रयोग के कारण उछले हुए छींटों से मेल खाते हैं। परिवार का कहना है कि यह वैज्ञानिक साक्ष्य उनके इस दावे को मजबूती से साबित करता है कि टॉबी पर उस रात क्रूरता से हमला किया गया था और जरूरत से ज्यादा बाहरी ताकत का इस्तेमाल हुआ था।
एंबुलेंस रिकॉर्ड और पुलिस का रुख
दूसरी ओर, उस रात मौके पर पहुंची एंबुलेंस सेवा की रिपोर्ट में यह दर्ज किया गया है कि टॉबी व्हाइट-सैनसम ने नशीले पदार्थों का सेवन किया हुआ था और वह काफी उत्तेजित व आक्रामक अवस्था में थे। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें नियंत्रित करने के लिए फेंटेनाइल समेत कई तरह की दवाएं दी गई थीं।
घटना के समय ग्वार्डिया सिविल ने एक संक्षिप्त बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि जब पुलिस दल मौके पर पहुंचा, तो वह व्यक्ति हिंसक था और चिकित्सा सहायता मुहैया कराने के लिए पुलिस को उसे काबू में करना पड़ा था। इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सा के दौरान ही उसे चोट पहुंचाने के अपराध के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, उस शुरुआती बयान के बाद से अब तक ग्वार्डिया सिविल ने इस मौत के संबंध में कोई अन्य विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
अस्पताल में लाइफ सपोर्ट हटाने का दर्दनाक फैसला
अस्पताल में भर्ती कराए जाने के पांच दिन बाद डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया था कि टॉबी का मस्तिष्क काम करना बंद कर चुका है और उन्हें केवल लाइफ सपोर्ट मशीन के सहारे ही जीवित रखा गया है। इसके बाद मैक्सिमिलियन और परिवार के अन्य सदस्यों को एक बेहद दिल दहला देने वाला फैसला लेना पड़ा।
मैक्सिमिलियन ने उन पलों को याद करते हुए बताया कि परिवार ने आपस में विचार-विमर्श करके यह महसूस किया कि मशीन के जरिए इस तरह उन्हें जिंदा रखना अमानवीय है और टॉबी को स्वाभाविक रूप से विदा होने देना चाहिए। अंततः मैक्सिमिलियन ने खुद अपने हाथों से लाइफ सपोर्ट मशीन को बंद करने का असहनीय कदम उठाया। चिकित्सकों का अनुमान था कि मशीन हटते ही पांच से छह मिनट में उनकी सांसें थम जाएंगी, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति वाले टॉबी के दिल ने आखिरी सांस लेने में 11 मिनट का वक्त लिया और उन्होंने अपने भाई की बाहों में ही दम तोड़ा।
सच्चाई और गरिमा की बहाली के लिए चार साल का संघर्ष
पिछले चार वर्षों के दौरान मैक्सिमिलियन लगातार यह साबित करने के प्रयास में जुटे हैं कि उनके भाई के साथ जो हुआ, वह घोर क्रूरता थी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। उनका कहना है कि यह केवल सजा दिलाने की बात नहीं है, बल्कि टॉबी के दो मासूम बच्चों के सामने उनके पिता की असल छवि को बेदाग रखने का सवाल है। वह चाहते हैं कि बच्चे यह जान सकें कि उनके पिता एक नेक और जिम्मेदार इंसान थे, न कि मैगालुफ की गलियों में हुड़दंग मचाने वाले कोई शराबी पर्यटक।
मैक्सिमिलियन ने बताया कि उस रात उनके अपने टीनेज बेटे ने बाहर घूमने जाने की इच्छा जताई थी। वह नहीं चाहते थे कि उनका बेटा अकेला जाए, इसलिए टॉबी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ केवल उस लड़के की देखभाल और सुरक्षा के लिए नाइटक्लब गए थे। मैक्सिमिलियन के अनुसार, टॉबी वहां किसी बैचलर पार्टी या दोस्तों के उपद्रवी समूह के साथ नहीं गए थे, इसलिए उनके साथ हुए इस व्यवहार को वह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं कर सकते थे। 2022 में टॉबी की याद में नॉटिंघम शहर के केंद्र में आयोजित शोक सभा में भी भारी भीड़ उमड़ी थी।
स्पेन में कानूनी देरी और जांच अधिकारी की भूमिका
स्पेन में परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील जैमे कैंपनर ने मामले की धीमी चाल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसी पेचीदा परिस्थितियों और इतनी अत्यधिक देरी वाला कोई दूसरा केस नहीं देखा है। वकील का सीधा आरोप है कि ग्वार्डिया सिविल के असहयोग और सुस्त रवैये की वजह से ही इस जांच में इतने साल लग गए। उन्होंने कहा कि पाल्मा जैसे शहर में सामान्यतः जांच प्रक्रिया इतनी लंबी नहीं खिंचती।
जब इस संबंध में संपर्क किया गया, तो ग्वार्डिया सिविल ने केवल इतना कहा कि मामला वर्तमान में अदालत के विचाराधीन है और वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। स्पेनिश जांच जज अब हाल ही में पेश की गई इस नई फॉरेंसिक रिपोर्ट और साक्ष्यों का परीक्षण करेंगे। इसके आधार पर ही जज यह फैसला सुनाएंगे कि क्या मामले को औपचारिक आपराधिक मुकदमे में बदला जाए या फिर इसे बंद कर दिया जाए। जैमे कैंपनर का अनुमान है कि जांच का यह चरण इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा और संभवतः अगले वर्ष औपचारिक अदालती सुनवाई शुरू हो सकती है। वहीं मैक्सिमिलियन का संकल्प है कि यदि स्पेन में उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे इस कानूनी लड़ाई को यूनाइटेड किंगडम ले जाएंगे।



















