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माजोविया के स्कूलों में चाकूबाजी के बाद पोलैंड में 76 लोग हिरासत में, 59 संस्थानों में पढ़ाई रोकी गईयूरोप
10 अक्तू॰ 2026, 6:15 pm (19 दिन पहले)· 0

माजोविया के स्कूलों में चाकूबाजी के बाद पोलैंड में 76 लोग हिरासत में, 59 संस्थानों में पढ़ाई रोकी गई

माजोविया प्रांत के दो शिक्षण संस्थानों में चाकू से किए गए हमलों में एक कर्मचारी की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद पोलैंड भर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हिंसा की आशंका और अफवाहों के बीच 76 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है जबकि 59 स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी गईं।

पोलैंड के माजोविया प्रांत में स्थित दो शैक्षणिक संस्थानों में सप्ताह की शुरुआत में हुए घातक हमलों के बाद पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। हिंसा के किसी भी नए प्रयास को नाकाम करने के मकसद से देश भर में व्यापक धरपकड़ अभियान चलाते हुए 76 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक तंत्र ने करीब 50 हजार स्कूलों में सघन तलाशी और जांच का काम पूरा किया है। इन वारदातों में बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि एक स्कूल कर्मी की जान चली गई। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बलों ने शिक्षण संस्थानों के आसपास निगरानी तेज कर दी है और डरे हुए अभिभावक बच्चों को घर पर ही रखने को विवश हुए हैं।

माजोविया में लगातार दो दिन हुए खूनी वारदातों का ब्योरा

हिंसा की पहली घटना बुधवार को सामने आई, जब माजोविया प्रांत के एक वोकेशनल स्कूल में 19 वर्षीय छात्र ने अचानक धारदार हथियार से हमला बोल दिया। इस सिरफिरे हमले में साथी विद्यार्थी, शिक्षक और रास्ते से गुजर रहे आम नागरिक चपेट में आ गए, जिससे कुल 9 लोग जख्मी हो गए। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे नजदीकी इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया। इस सनसनी से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि अगले ही दिन गुरुवार को इसी प्रांत में एक और खौफनाक वारदात घटी। वहां 15 साल का एक किशोर अपने पूर्व स्कूल में दाखिल हुआ और चाकूबाजी शुरू कर दी। इस हमले में स्कूल के एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य लोग घायल हो गए।

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ब्लडी फ्राइडे का खौफ और कक्षाओं को रद्द करने का फैसला

गुरुवार की रात तक इंटरनेट पर अभिभावकों के विभिन्न समूहों और मुख्यधारा के समाचार माध्यमों में यह आशंका तेजी से फैलने लगी कि दोनों घटनाएं किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। चर्चाओं में यह बात सामने आई कि शुक्रवार को भी इसी तरह के हमले दोहराए जा सकते हैं, जिसके चलते इस दिन को ब्लडी फ्राइडे यानी खूनी शुक्रवार का नाम देकर दहशत का माहौल बन गया। खतरे की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को एहतियात के तौर पर 59 स्कूलों में कक्षाएं पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया गया। बंद किए गए इन संस्थानों में सबसे अधिक तादाद राजधानी वारसॉ वाले माजोविया प्रांत के स्कूलों की रही।

प्रवेश द्वारों पर पहरा और बैग की सघन जांच

शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों ने अभिभावकों और छात्रों को संदेश भेजकर उठाए गए एहतियाती कदमों की जानकारी साझा की। स्कूलों के मुख्य द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अवांछित व्यक्ति का प्रवेश रोका जा सके। इसके अलावा परिसर में आने वाले प्रत्येक छात्र के बैग की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा तंत्र का मुख्य ध्यान अब स्कूलों को भयमुक्त वातावरण में वापस लाने और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते विफल करने पर टिका हुआ है।

सवाल-जवाब

पोलैंड में स्कूलों में हुए हमलों में कितने लोग हताहत हुए?
इन दो हमलों में एक स्कूल कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि बच्चों, शिक्षकों और राहगीरों सहित कुल 11 लोग घायल हुए।
हमलावरों के बारे में क्या जानकारी सामने आई है?
पहला हमलावर 19 साल का वोकेशनल स्कूल का छात्र था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा हमलावर 15 साल का लड़का था जिसने अपने पूर्व स्कूल में हमला किया।
प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कितने लोगों को हिरासत में लिया?
देश भर में किसी भी नई हिंसा की आशंका को रोकने के लिए 76 लोगों को हिरासत में लिया गया और 50 हजार स्कूलों की जांच की गई।
शुक्रवार को कितने स्कूलों में पढ़ाई रोकी गई और क्यों?
खूनी शुक्रवार के नाम से फैली अफवाहों और हमलों के डर के चलते एहतियातन 59 स्कूलों में कक्षाएं रद्द की गईं, जिनमें ज्यादातर माजोविया प्रांत के थे।
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