पोलैंड की राजधानी वारसॉ स्थित एक शिक्षण संस्थान में शनिवार को हुई चाकूबाजी की हिंसक वारदात में तीन युवतियां घायल हो गईं। पुलिस ने इस मामले में 21 वर्षीय एक महिला को हिरासत में लिया है, जो उसी स्कूल की छात्रा बताई जा रही है। देश भर के स्कूलों में एक ही हफ्ते के दौरान धारदार हथियार से हमले की यह तीसरी घटना है, जिसने पूरे देश के शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वारसॉ के शिक्षण संस्थान में शनिवार को क्या हुआ
वारसॉ में घटी इस ताजा घटना में 21 साल की हमलावर ने एक बेहद खतरनाक वस्तु का इस्तेमाल कर 17 वर्षीय एक किशोरी को निशाना बनाया। हमले के तुरंत बाद घायल 17 वर्षीय किशोरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। इसी दौरान संस्थान में दाखिला लेने से जुड़े दस्तावेज जमा करने पहुंचीं दो अन्य युवतियां भी इस हमले की चपेट में आकर घायल हो गईं, जिनकी उम्र 17 वर्ष और 24 वर्ष है।
शुरुआती पड़ताल के बाद स्थानीय पुलिस ने बताया कि संदिग्ध हमलावर छात्रा पहले से इन तीनों युवतियों को नहीं जानती थी। वारदात की जगह मौजूद अन्य लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इस औचक हमले के पीछे का मुख्य उद्देश्य क्या था।
हफ्ते भर में लगातार तीन घटनाएं और स्कूलों में तलाशी अभियान
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब महज एक दिन पहले ही पोलैंड भर के हजारों पुलिसकर्मियों ने स्कूलों का दौरा कर सघन सुरक्षा निरीक्षण किया था। इससे पहले 7 और 8 अक्टूबर को देश के विभिन्न शैक्षणिक परिसरों में चाकूबाजी के मामले सामने आए थे। उन हमलों में से एक घटना में स्कूल की एक महिला कार्यवाहक की जान चली गई थी।
देशव्यापी सुरक्षा अभियान के दौरान पोलैंड की पुलिस अब तक 76 लोगों को हिरासत में ले चुकी है। वारसॉ पुलिस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि वे अभी आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि शनिवार को हुआ यह ताजा हमला पहले की दो वारदातों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है या नहीं। हालांकि, जांचकर्ता हर संभावित पहलू को खंगाल रहे हैं।
इंटरनेट चैलेंज से जुड़े होने का गहराता शक
स्थानीय पुलिस प्रवक्ता के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों को ऐसे संकेत और सूचनाएं मिली हैं जिनसे यह आशंका जताई जा रही है कि बीते हफ्ते सामने आईं ये हिंसक घटनाएं किसी ऑनलाइन इंटरनेट चैलेंज से जुड़ी हो सकती हैं। पुलिस इस बिंदु पर भी तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर साक्ष्य जुटा रही है।
बुधवार के दिन भी मध्य पोलैंड के माज़ोवियन प्रांत में स्थित एक व्यावसायिक स्कूल में 19 वर्षीय छात्र ने अचानक हमला कर दिया था, जिसमें नौ लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा आंतरिक मंत्री मार्सिन कीरविंस्की ने बताया कि वारसॉ के उत्तर-पश्चिम में स्थित सिएर्प्स शहर में एक 17 वर्षीय लड़के को पकड़ा गया, जिसने कथित तौर पर स्कूल परिसर में खड़े होकर यह ऐलान किया था कि वह कुछ बेहद खतरनाक करने वाला है और किसी को गंभीर नुकसान पहुंचाने का इरादा रखता है।
सुरक्षा पर पोलैंड सरकार का सख्त रुख
शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर देश के शीर्ष नेतृत्व ने बेहद कड़ा संदेश दिया है। बड़े पैमाने पर चलाए गए इस पुलिस अभियान से पहले पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने दो टूक शब्दों में कहा था कि जब बात पोलैंड के बच्चों की सुरक्षा और हमारे स्कूलों में शांति की आती है, तो किसी भी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां अब देश के सभी प्रमुख स्कूलों में निगरानी तंत्र को और ज्यादा मजबूत करने में जुटी हैं।



















