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उत्तर प्रदेश के पुरा महादेव मंदिर में सावन पर 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना, सुरक्षा के कड़े इंतजामअध्यात्म
26 अक्तू॰ 2026, 8:48 am (2 घंटे पहले)· 2

उत्तर प्रदेश के पुरा महादेव मंदिर में सावन पर 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बागपत स्थित ऐतिहासिक पुरा महादेव परशुरामेश्वर मंदिर में श्रावण मास के जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ जुट रही है, जहां महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या चरम पर पहुंचने का अनुमान है।

श्रावण मास के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित ऐतिहासिक पुरा महादेव परशुरामेश्वर मंदिर में शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। भगवान शिव के दर्शन और पवित्र जलाभिषेक के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु लगातार यहां पहुंच रहे हैं। अनुमान है कि इस पूरे सावन मेले के दौरान 20 लाख से 25 लाख श्रद्धालु मंदिर में हाजिरी लगाएंगे, जिसमें महाशिवरात्रि के दिन भक्तों का सैलाब अपने चरम पर रहेगा।

ड्रोन और कैमरों से कड़ी सुरक्षा निगरानी

लाखों की संख्या में उमड़ती भीड़ को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक या अव्यवस्था को रोकने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के सभी प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा, पूरे इलाके में पैनी नजर रखने के उद्देश्य से आधुनिक ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

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परशुरामेश्वर धाम और पहली कांवड़ यात्रा का इतिहास

यह धार्मिक स्थल ऐतिहासिक और पौराणिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। प्रचलित धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम ने स्वयं इस पावन मंदिर की स्थापना की थी। ऐसी मान्यता है कि उन्होंने हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी से पवित्र गंगाजल लाकर इसी स्थान पर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। इसी पावन घटना के बाद से यहां कांवड़ परंपरा की नींव पड़ी, जिसके कारण इस पावन धाम को विश्व की पहली कांवड़ यात्रा का उद्गम स्थल भी माना जाता है।

भक्तों की निरंतर बढ़ती आस्था

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा ने बताया कि श्रावण मास में हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने यहां पहुंचते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि इस प्राचीन मंदिर में आने वाले भक्तों का आंकड़ा प्रतिवर्ष लगातार बढ़ रहा है। आज यह तीर्थ केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि समूचे देश के करोड़ों शिव भक्तों के लिए अगाध आस्था और सनातन परंपरा का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।

सवाल-जवाब

पुरा महादेव मंदिर किस जिले में स्थित है?
यह ऐतिहासिक मंदिर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित है।
इस वर्ष सावन के दौरान कितने श्रद्धालुओं के आने की संभावना है?
प्रशासनिक अनुमान के अनुसार इस सावन 20 लाख से 25 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच सकते हैं।
पुरा महादेव मंदिर की स्थापना किसने की थी?
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर की स्थापना भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम ने की थी।
इस मंदिर को कांवड़ यात्रा से क्यों जोड़ा जाता है?
मान्यता है कि परशुराम ने हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लाकर यहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया था, जिससे पहली कांवड़ यात्रा की शुरुआत मानी जाती है।
भीड़ और सुरक्षा नियंत्रण के लिए प्रशासन ने क्या प्रबंध किए हैं?
प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया है और ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों से मंदिर परिसर एवं मार्गों पर नजर रखी जा रही है।
मंदिर के मुख्य पुजारी कौन हैं?
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा हैं।
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