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फ्रांसीसी अदालत का बड़ा फैसला: एयर फ्रांस की केबिन क्रू के ब्रेस्ट कैंसर की वजह कॉस्मिक रेडिएशन मानी गईयूरोप
26 अग॰ 2026, 4:09 pm (64 दिन पहले)· 10

फ्रांसीसी अदालत का बड़ा फैसला: एयर फ्रांस की केबिन क्रू के ब्रेस्ट कैंसर की वजह कॉस्मिक रेडिएशन मानी गई

फ्रांस के बयोन शहर की एक अदालत ने 59 वर्षीय पूर्व एयर फ्रांस फ्लाइट अटेंडेंट सोफी लेनॉल्ट के ब्रेस्ट कैंसर को कॉस्मिक रेडिएशन और कार्यस्थल के जोखिमों से जोड़ते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

फ्रांस में श्रम कानून और उड्डयन स्वास्थ्य से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने ऐतिहासिक निर्णय दिया है। बयोन शहर स्थित एक फ्रांसीसी अदालत ने पहली बार आधिकारिक रूप से माना है कि अंतरिक्ष से आने वाली कॉस्मिक रेडिएशन एयरलाइन केबिन क्रू में ब्रेस्ट कैंसर की मुख्य वजहों में से एक हो सकती है। यह मामला एयर फ्रांस में लंबे समय तक सेवा देने वाली 59 वर्षीय पूर्व फ्लाइट अटेंडेंट सोफी लेनॉल्ट से संबंधित है, जिन्होंने अपनी बीमारी को कार्यस्थल की परिस्थितियों से उत्पन्न व्यावसायिक बीमारी के रूप में मान्यता देने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी थी।

कानूनी लड़ाई और अदालत के फैसले के मुख्य बिंदु

सोफी लेनॉल्ट ने अपनी याचिका में कहा था कि विमान में लगातार बिताए गए हजारों घंटों के दौरान उन्हें गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ा। अदालत ने उनके पक्ष में निर्णय देते हुए तीन प्रमुख कार्सिनोजेनिक यानी कैंसर पैदा करने वाले खतरों को सूचीबद्ध किया। अदालत के अनुसार, उनके पेशे के दौरान अत्यधिक कॉस्मिक रेडिएशन का जोखिम, लंबे समय तक नाइट शिफ्ट में काम करना और पैसिव स्मोकिंग वे तीन मुख्य कारण थे जिन्होंने उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया। ध्यान देने योग्य बात यह है कि वर्ष 2000 तक एयर फ्रांस की उड़ानों के दौरान यात्रियों और क्रू को धूम्रपान करने की अनुमति थी, जिससे केबिन क्रू को लंबे समय तक धुएं के बीच काम करना पड़ता था।

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इस ऐतिहासिक फैसले के बाद, कैंसर से उबर चुकीं लेनॉल्ट को अब शुरुआती सेवानिवृत्ति का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही फ्रांसीसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली द्वारा उनके आगे के सभी इलाज और चिकित्सा खर्चों की पूरी भरपाई की जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि केबिन क्रू के लिए ब्रेस्ट कैंसर को आधिकारिक तौर पर पेशागत जोखिम मानने से अब इस उद्योग में काम करने वाले कई अन्य कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह के दावे करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

तीन दशकों का उड़ान करियर और ध्रुवीय मार्गों का जोखिम

सोफी लेनॉल्ट के उड़ान रिकॉर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि उन्होंने वर्ष 1989 से वर्ष 2019 के बीच एयर फ्रांस में एयर होस्टेस और बाद में पर्सर के रूप में कुल 12,600 उड़ान घंटे पूरे किए थे। उनके कुल उड़ान घंटों में से आधे से भी अधिक घंटे रात के समय की उड़ानों में बीते थे। पेरिस से संचालित होने वाली उनकी कई लंबी दूरी की उच्च-ऊंचाई वाली उड़ानें अक्सर उत्तरी ध्रुव के करीब से गुजरती थीं।

वैज्ञानिक दृष्टि से, उच्च ऊंचाई और ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर उड़ने वाले विमानों में अंतरिक्ष से आने वाले रेडिएशन का असर सबसे ज्यादा होता है। यह रेडिएशन मुख्य रूप से सूर्य और अन्य तारों से निकलने वाले सूक्ष्म कणों से बनता है। आम तौर पर पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र इस रेडिएशन से सुरक्षा कवच प्रदान करता है, लेकिन ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर यह चुंबकीय ढाल कमजोर पड़ जाती है, जिससे उच्च ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले विमानों के यात्रियों और क्रू पर रेडिएशन का प्रभाव बढ़ जाता है।

विमानन कर्मचारियों में रेडिएशन का खतरा और वैज्ञानिक आंकड़े

हालांकि सामान्य हवाई यात्रियों के लिए उच्च ऊंचाई पर यात्रा के दौरान रेडिएशन की खुराक बहुत कम और सांख्यिकीय रूप से नगण्य मानी जाती है, लेकिन दशकों तक उड़ानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्थिति अलग होती है। एक विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, फ्लाइट अटेंडेंट्स की कुल मौतों में से 6.9 प्रतिशत और पायलटों की मौतों में से 6.7 प्रतिशत मौतें रेडिएशन से जुड़े कैंसर के कारण हुई हैं।

यह आंकड़ा परमाणु प्रौद्योगिकीविदों जैसे अन्य जोखिम भरे पेशों से भी अधिक पाया गया है। परमाणु क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी नियमित रूप से गैर-कॉस्मिक रेडिएशन स्रोतों के संपर्क में रहते हैं, फिर भी कैंसर मृत्यु दर के मामले में वे सूची में 12वें स्थान पर हैं। फ्रांस में इससे पहले नर्सों जैसे कुछ अन्य पेशों में ब्रेस्ट कैंसर और कार्यस्थल के जोखिमों के बीच संबंध को कानूनी मान्यता दी जा चुकी थी, लेकिन किसी एयर होस्टेस के मामले में ऐसा निर्णय पहली बार सामने आया है।

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रियाएं और एयरलाइन का रुख

अदालत के इस फैसले के बाद सोफी लेनॉल्ट ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा यह है कि यह निर्णय उन अन्य महिलाओं को साहस दे जिन्होंने अब तक यह कदम उठाने की हिम्मत नहीं जुटाई थी। उनकी वकील एलिजाबेथ लेरॉक्स ने स्पष्ट किया कि फ्रांस में अन्य पेशों के लिए यह नियम पहले से लागू थे, परंतु एयरलाइन क्रू के लिए यह एक क्रांतिकारी मोड़ है।

दूसरी ओर, एयर फ्रांस ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उसने इस कानूनी मामले में कोई सीधी भूमिका नहीं निभाई थी और उसे अदालत के फैसले के विस्तृत कारणों को देखने का अवसर नहीं मिला है। एयरलाइन ने कहा कि उसके कर्मचारियों का स्वास्थ्य और सुरक्षा एक अनिवार्य प्राथमिकता है और प्रत्येक कर्मचारी को चिकित्सा निगरानी प्रदान की जाती है जो नियामक न्यूनतम आवश्यकताओं से काफी आगे जाती है।

सवाल-जवाब

फ्रांसीसी अदालत ने सोफी लेनॉल्ट के मामले में क्या फैसला दिया?
अदालत ने आधिकारिक रूप से माना कि उनकी बीमारी का मुख्य कारण कॉस्मिक रेडिएशन, पैसिव स्मोकिंग और लंबे समय तक नाइट शिफ्ट में काम करना था।
सोफी लेनॉल्ट ने एयर फ्रांस में कितने घंटे उड़ान भरी थी?
उन्होंने 1989 से 2019 के बीच कुल 12,600 उड़ान घंटे पूरे किए थे, जिनमें से आधे से अधिक रात के समय थे।
क्या सामान्य हवाई यात्रियों को कॉस्मिक रेडिएशन से खतरा है?
नहीं, सामान्य हवाई यात्रियों के लिए रेडिएशन का जोखिम बहुत कम और सांख्यिकीय रूप से नगण्य माना जाता है।
ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर उड़ानों में रेडिएशन अधिक क्यों होता है?
उत्तरी ध्रुव के करीब पृथ्वी का चुंबकीय सुरक्षा कवच कमजोर हो जाता है, जिससे उच्च ऊंचाई पर अंतरिक्षीय रेडिएशन का असर बढ़ जाता है।
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