पोप लियो चौदहवें (Pope Leo XIV) के स्वास्थ्य को लेकर वेटिकन (Vatican) की ओर से राहत भरी खबर सामने आई है। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि उनके फेफड़े से कैंसरयुक्त गांठ निकालने के बाद अब किसी भी प्रकार के अतिरिक्त उपचार की कोई आवश्यकता नहीं है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के ठीक बाद, 71 वर्षीय पोप ने बुधवार को सेंट पीटर्स स्क्वायर (St Peter's Square) में आयोजित साप्ताहिक आम सभा में हिस्सा लिया और लोगों से मुलाकात की।
सर्जरी और पैथोलॉजी रिपोर्ट के नतीजे
यह महत्वपूर्ण सर्जरी गत 13 अक्टूबर को संपन्न हुई थी, जो लगभग 90 मिनट तक चली। इस ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े के निचले लोब (lobe) को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया था। सर्जरी के दौरान निकाले गए ऊतकों की पैथोलॉजी जांच के बाद यह बात पूरी तरह पुख्ता हो गई कि उन्हें फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा (adenocarcinoma) था, जिसकी पुष्टि शुरुआती निदान में ही कर दी गई थी। वेटिकन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह भी बताया गया कि बीमारी पूरी तरह से स्थानीयकृत यानी एक ही स्थान तक सीमित थी। इसके बाद किए गए ऑन्कोलॉजिकल असेसमेंट में डॉक्टरों ने पुष्टि की कि आगे किसी भी इलाज की कोई जरूरत नहीं है।
अस्पताल से वापसी और सार्वजनिक गतिविधियां
रोम (Rome) के जेमेली अस्पताल (Gemelli Hospital) से चार दिनों तक भर्ती रहने के बाद, पोप को सप्ताह के अंत में डिस्चार्ज कर दिया गया था। अस्पताल परिसर से बाहर निकलते समय उन्होंने कुछ पल रुककर वहां मौजूद शुभचिंतकों से बातचीत भी की थी। छुट्टी मिलने के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था, जहां उन्होंने बुधवार को सेंट पीटर्स स्क्वायर में आयोजित पारंपरिक साप्ताहिक सभा की अध्यक्षता की। इससे पहले, सर्जरी के कुछ दिन बाद शुक्रवार को भी उनकी एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें वह अस्पताल के कमरे में ही हरे रंग के वस्त्र पहनकर और एक अस्थाई वेदी के पीछे खड़े होकर मास (Mass) की प्रार्थना करते नजर आए थे।
कूटनीतिक बातचीत और आगामी विदेश यात्रा
अस्पताल में रिकवरी के दौरान भी पोप वैश्विक शांति और कूटनीति के मामलों में सक्रिय रहे। पिछले शुक्रवार को वेटिकन ने जानकारी दी थी कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से फोन पर लंबी बातचीत की थी। इस बातचीत के दौरान उन्होंने रूसी नियंत्रण वाले यूक्रेनी शहर ओलेशकी (Oleshky) में भोजन और सहायता सामग्री पहुंचाने के लिए संघर्ष विराम लागू करने की अपील की थी तथा शांति और संवाद का मार्ग अपनाने पर जोर दिया था। इसके बाद, सोमवार को उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) के साथ भी टेलीफोन पर ऐसी ही एक महत्वपूर्ण चर्चा की थी। इसके अलावा, पोप के बेहद करीबी सूत्रों ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह नवंबर की शुरुआत में निर्धारित अपनी लैटिन अमेरिका की यात्रा को लेकर पूरी तरह उत्सुक हैं और इसे टालना नहीं चाहते हैं।



















