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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, जेल से रिहा हुए ७४ वर्षीय अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्डयूरोप
23 अक्तू॰ 2026, 4:10 pm (6 दिन पहले)· 4

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, जेल से रिहा हुए ७४ वर्षीय अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड

रूसी जेल में सजा काट रहे ७४ वर्षीय अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में हुई बैठक के दौरान यह बड़ा कदम उठाया गया।

रूस ने ७४ वर्षीय अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया है, जिन्हें यूक्रेन की तरफ से लड़ने के आरोप में जेल में बंद किया गया था। यह रिहाई ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। रूसी राष्ट्रपति ने बैठक के शुरुआती दौर में ही जानकारी दी कि स्टीफन हबर्ड को पुलकोवो एयरपोर्ट पहुंचा दिया गया है, जहां से उन्हें वापस स्वदेश भेजा जा रहा है।

सजा और रिहाई की पृष्ठभूमि

स्टीफन हबर्ड को साल २०२४ में एक पेनल्टी कॉलोनी में लगभग सात साल की सजा सुनाई गई थी। उन पर आरोप लगाया गया था कि जब साल २०२२ में रूस ने पूर्ण पैमाने पर सैन्य आक्रमण किया था, तो उन्होंने यूक्रेन के इज्युम शहर में एक रक्षा इकाई के लिए सेवाएं दी थीं। रूसी बलों ने उन्हें संघर्ष की शुरुआत के तुरंत बाद ही पकड़ लिया था। रिहाई की पुष्टि होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि यह कदम उन्होंने पिछले हफ्ते सीधे व्लादिमीर पुतिन से किए गए अनुरोध के बाद उठाया है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि इस रिहाई के एवज में किसी भी प्रकार के कैदी अदलाबदली की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

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अमेरिका की प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य स्थिति

इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने मिशिगन के रहने वाले स्टीफन हबर्ड को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया नागरिक घोषित किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस रिहाई के संकेत मंगलवार को ही दे दिए थे जब उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा था कि आगे की घटनाक्रम पर नजर रखें क्योंकि प्रशासन पूरी तरह से हबर्ड की रिहाई पर ध्यान केंद्रित किए हुए था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेल में रहने के दौरान स्टीफन हबर्ड की सेहत काफी बिगड़ चुकी थी और रिहाई के बाद उन्हें विशेष चिकित्सा उपचार के लिए सीधे टेक्सास ले जाने की योजना है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने इस मानवीय कदम के लिए रूसी राष्ट्रपति की सराहना करते हुए कहा कि वे भी एक मानवतावादी हैं और इस निर्णय को सलाम करते हैं।

शांति वार्ता और कूटनीतिक बैठकें

सेंट पीटर्सबर्ग की इस महत्वपूर्ण बैठक से ठीक एक दिन पहले अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी लंबी चर्चा की थी। रूसी राष्ट्रपति के साथ हुई बैठक के दौरान विटकॉफ ने यह भी आग्रह किया कि रूस को यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता को फिर से शुरू करने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि यह युद्ध अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। बैठक के दौरान पुतिन ने यह भी घोषणा की कि एक समझौते के तहत डीजल की पहली खेप अगले दो से तीन दिनों में रूस से रवाना कर दी जाएगी। इस डीजल सौदे को लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की ओर से कड़ी नाराजगी जताई गई थी जिसके कारण हाल के हफ्तों में कूटनीतिक रिश्तों में भारी खटास आ गई थी।

प्रतिबंधों और ऊर्जा बाजार पर असर

इस कूटनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई प्रतिबंधों को निलंबित कर दिया था और यहां तक कह दिया था कि अब यूक्रेन के लिए एक नए नेतृत्व को चुनने का समय आ गया है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप ने बढ़ते हुए ईंधन मूल्यों के लिए यूक्रेनी हमलों को जिम्मेदार ठहराया है, खासकर उन हमलों को जो रूस की ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए गए थे। दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने मंगलवार को यह पुष्टि की थी कि ओस्लो में विटकॉफ के साथ हुई रचनात्मक बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया फिर से बहाल हो चुकी है। सेंट पीटर्सबर्ग में जारी वार्ताओं के बीच जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि इस बात पर बहुत कुछ निर्भर करता है कि अमेरिकी पक्ष रूस से शांति के संबंध में कुछ नया सुन पाता है या फिर युद्ध जारी रखने की बातें ही सामने आती हैं।

अन्य कूटनीतिक और आर्थिक मुद्दे

रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती के अनुसार, अमेरिका और रूस के बीच ओस्लो वार्ता के परिणामों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और स्टीव विटकॉफ अपने साथ कुछ ऐसे दस्तावेज भी लेकर आए थे जिनमें शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के दृष्टिकोण शामिल थे। दोनों नेताओं के बीच ईरान से जुड़ी मौजूदा परिस्थितियों, चीन में संभावित बैठक और अमेरिका के साथ आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा हुई। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि रूस अमेरिकी बाजार को भारी मात्रा में उर्वरक की आपूर्ति करने में सक्षम है। कूटनीतिक गलियारों में इन तमाम चर्चाओं को मौजूदा वैश्विक तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

सवाल-जवाब

स्टीफन हबर्ड कौन हैं और उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया था?
स्टीफन हबर्ड ७४ वर्षीय अमेरिकी नागरिक और पूर्व शिक्षक हैं, जिन्हें २०२२ में रूसी आक्रमण के दौरान यूक्रेन के इज्युम में रक्षा इकाई के लिए लड़ने के आरोप में जेल में डाला गया था।
स्टीफन हबर्ड की रिहाई किसके प्रयासों से संभव हुई?
उनकी रिहाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले सप्ताह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे किए गए अनुरोध के बाद हुई।
क्या इस रिहाई के लिए किसी कैदी की अदलाबदली की गई थी?
नहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस रिहाई के लिए किसी भी प्रकार के कैदी की अदलाबदली की आवश्यकता नहीं पड़ी है।
स्टीव विटकॉफ और व्लादिमीर पुतिन की बैठक कहां आयोजित हुई?
अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यह बैठक सेंट पीटर्सबर्ग में हुई।
रिहाई के बाद स्टीफन हबर्ड को कहां भेजा जा रहा है?
खराब स्वास्थ्य के चलते उन्हें विशेष चिकित्सा उपचार के लिए विमान से सीधे टेक्सास ले जाया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·5 दिन पहले

बिना किसी कैदी अदलाबदली के ७४ साल के बुजुर्ग की रिहाई बड़ी राहत की बात है, खासकर जब कूटनीति इतने तनाव के दौर से गुजर रही हो।

Li Wei@li-wei·5 दिन पहले

बुजुर्ग अमेरिकी नागरिक की बिना किसी कैदी अदलाबदली के रिहाई वाकई हैरान करने वाली है, खासकर जब ट्रंप और पुतिन की सीधी बातचीत से यह संभव हुआ। क्या इसके बदले में अमेरिका ने रूस को कोई गुप्त रियायत दी है या यह पूरी तरह मानवीय फैसला था?

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·5 दिन पहले

लि वे, आपकी बात सही है कि बिना अदलाबदली रिहाई अजीब है। क्या ट्रंप और पुतिन की इस डील के पीछे कोई बड़ा ऊर्जा समझौता छिपा है?

Ravikash Gupta@ravikash·5 दिन पहले

ट्रंप की कूटनीति यहाँ काफी असरदार दिख रही है, बिना किसी कैदी की अदलाबदली के बुजुर्ग अमेरिकी का रिहा होना बड़ी राहत की बात है। साथ ही ओस्लो से सेंट पीटर्सबर्ग तक चल रही इन मुलाकातों से वैश्विक बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ना तय है।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·5 दिन पहले

रविकेश जी, बिना कैदी बदले ७४ साल के बुजुर्ग का यू छोड़ देना सचमुच हैरान करता है, पुतिन ने वाकई बड़ा दिल दिखाया है।

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