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शांति वार्ता जारी रखने के लिए रूस पर लगे प्रतिबंध अस्थायी रूप से रोके गए: डोनाल्ड ट्रंपयूरोप
19 अक्तू॰ 2026, 6:27 am (10 दिन पहले)· 1

शांति वार्ता जारी रखने के लिए रूस पर लगे प्रतिबंध अस्थायी रूप से रोके गए: डोनाल्ड ट्रंप

मॉस्को को बातचीत की मेज पर बनाए रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर लगे कई प्रतिबंधों को निलंबित करने के कदम को सही ठहराया है, जबकि यूक्रेन ने इस रुख पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

वाशिंगटन की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में आए ताजा बदलाव के तहत रूस पर लागू कई प्रमुख पाबंदियों को निलंबित करने के फैसले का बचाव किया गया है। इस रणनीतिक फैसले के पीछे यह तर्क दिया गया है कि युद्धविराम और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए मॉस्को को वार्ता प्रक्रिया से जोड़े रखना बेहद आवश्यक है। अगर कड़े आर्थिक कदम जारी रखे जाते, तो वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह पटरी से उतर सकती थी।

शांति वार्ता और कूटनीतिक संतुलन की दलील

ट्रुथ सोशल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को समाप्त कराने और शांति स्थापित करने की सक्रिय प्रक्रिया में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहते, जो रूस को मूर्खतापूर्ण तरीके से बातचीत की मेज से दूर धकेल दे। उनके अनुसार, कूटनीतिक समझौतों तक पहुँचने के लिए दोनों पक्षों को वार्ता में शामिल रखना पहली अनिवार्यता है।

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इसी क्रम में ट्रंप ने यूक्रेनी नेतृत्व के पिछले रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की इस युद्ध को खत्म नहीं करना चाहते और शायद उन्होंने कभी ऐसा चाहा भी नहीं था। ट्रंप ने यह भी कहा कि ज़ेलेंस्की के पास दो साल पहले मौजूदा समय की तुलना में कहीं बेहतर और अनुकूल समझौता करने का अवसर मौजूद था, जिसे उन्होंने गंवा दिया।

यूक्रेन का कड़ा विरोध और ऐतिहासिक गलती की चेतावनी

दूसरी तरफ, यूक्रेन ने इस ताजा अमेरिकी रुख का पुरजोर विरोध किया है। वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एनबीसी न्यूज से बातचीत करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पक्ष लेना या उनके प्रति नरमी दिखाना एक ऐतिहासिक भूल साबित होगी। यूक्रेनी नेतृत्व का लगातार यह कहना रहा है कि जब से रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर अपना पूर्ण स्तर का आक्रमण शुरू किया है, तब से पुतिन वास्तव में कभी शांति नहीं चाहते थे।

यूक्रेन ने यह भी रेखांकित किया है कि वह हमेशा से इस खूनी संघर्ष को समाप्त करने के पक्ष में रहा है, लेकिन न्यायसंगत शर्तों के बिना किसी भी तरह का समर्पण स्वीकार नहीं किया जा सकता। ब्रुसेल्स में शुक्रवार को आयोजित यूरोपीय संघ के नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए ज़ेलेंस्की ने अपनी बात रखी। इस दौरान ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद, जिसमें उन्होंने ज़ेलेंस्की को पुतिन की तुलना में डील करने के लिहाज से अधिक कठिन बताया था, ज़ेलेंस्की ने कहा कि सच्चे और वास्तविक नेताओं के बीच उपस्थित होना सुखद अनुभव है।

रूस की सकारात्मक प्रतिक्रिया और वैश्विक बाजार का तर्क

अमेरिकी फैसले पर मॉस्को से बेहद अनुकूल प्रतिक्रिया देखने को मिली है। रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने प्रतिबंधों को निलंबित करने के आदेश का स्वागत करते हुए इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सचमुच ऐतिहासिक क्षण करार दिया है। दिमित्रिएव ने यह भी रेखांकित किया कि यदि ये कठोर प्रतिबंध इसी तरह बरकरार रहते, तो इससे न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बल्कि समग्र वैश्विक बाजार को भी गंभीर नुकसान पहुंचता।

वाशिंगटन और कीव के बीच गहराता तनाव

पिछले कुछ हफ्तों से वाशिंगटन और कीव के बीच राजनयिक रिश्तों में साफ तौर पर तल्खी महसूस की जा रही है। तनाव की शुरुआत तब और गहरी हो गई जब अमेरिका ने पिछले सप्ताह रूसी डीजल के आयात को लेकर एक विवादित समझौता किया। इस फैसले ने यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों को चौंका दिया था।

इसके तुरंत बाद यूक्रेन ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह जंग के इस नाजुक मोड़ पर महत्वपूर्ण सैन्य सहायता वापस ले रहा है। सैन्य आपूर्ति में कटौती और प्रतिबंधों में ढील दिए जाने से युद्ध के मैदान और कूटनीतिक पटल दोनों जगह नए समीकरण बनने लगे हैं, जिससे यूरोप के सहयोगी देशों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी प्रतिबंधों को निलंबित करने की क्या वजह बताई?
ट्रंप ने कहा कि वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता करा रहे हैं और नहीं चाहते कि कोई भी कड़ा कदम रूस को बातचीत की मेज से दूर कर दे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ज़ेलेंस्की ने एनबीसी न्यूज से कहा कि पुतिन का पक्ष लेना एक ऐतिहासिक भूल होगी और पुतिन कभी वास्तविक शांति नहीं चाहते थे।
रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने इस फैसले पर क्या कहा?
दिमित्रिएव ने इसे एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि प्रतिबंध जारी रहने से अमेरिकी और वैश्विक बाजार को भारी नुकसान होता।
वाशिंगटन और कीव के बीच तनाव हाल ही में क्यों बढ़ गया?
अमेरिका द्वारा पिछले सप्ताह रूसी डीजल आयात करने का विवादित सौदा करने और यूक्रेन की महत्वपूर्ण सैन्य सहायता वापस लेने से तनाव बढ़ा है।
ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को लेकर क्या दावा किया?
ट्रंप ने दावा किया कि ज़ेलेंस्की युद्ध खत्म नहीं करना चाहते और वे दो साल पहले मौजूदा समय से कहीं बेहतर समझौता कर सकते थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·10 दिन पहले

बातचीत के लिए दबाव कम करना जोखिम भरा दांव है। ऊर्जा और तेल बाजारों में अस्थिरता के बीच मॉस्को को इस तरह की राहत देना कूटनीतिक संतुलन बिगाड़ सकता है, और ज़ेलेंस्की का विरोध भी पूरी तरह स्वाभाविक है।

Ravikash Gupta@ravikash·10 दिन पहले

जब मैं कीव में था, तब लोगों की आँखों में डर साफ दिखता था। ट्रंप का यह फैसला उन्हें और निराश करेगा।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·10 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात से पूरी तरह सहमत होना मुश्किल है। पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने के लिए थोड़ा लचीलापन दिखाना जरूरी लग रहा है, वरना युद्ध कभी खत्म नहीं होगा।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·10 दिन पहले

प्रतिबंध हटाने से क्या सच में बातचीत आगे बढ़ेगी या रूस इसका फायदा उठा जाएगा? ज़ेलेंस्की का गुस्सा लाजिमी है, पर ट्रंप की कूटनीति का अगला दांव क्या होगा, यह समझ नहीं आ रहा।

Li Wei@li-wei·10 दिन पहले

यूकी, तुम्हारी बात सही है कि रूस इसका फ़ायदा उठा सकता है। ट्रंप ग्लोबल ट्रेड और इकोनॉमी पर दबाव को देखते हुए ही शायद ऐसा दांव खेल रहे हैं।

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