रूस और यूक्रेन के बीच सीमा पार भीषण हवाई हमले देखने को मिले हैं, जहां दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य और बुनियादी ठिकानों पर रातभर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण बमबारी की। इस ताबड़तोड़ गोलीबारी और बमबारी में कुल सात लोगों की जान चली गई, जबकि कई दर्जन नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। यूक्रेनी हमलों से रूस के सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही हुई, वहीं दूसरी तरफ रूसी मिसाइलों ने यूक्रेन के कई प्रमुख शहरों में आवासीय इमारतों और बंदरगाहों को निशाना बनाया।
बेलगोरोड और खार्किव में भारी तबाही
यूक्रेन की ओर से किए गए लंबी दूरी के ड्रोन हमलों ने रूस के सीमांत क्षेत्र बेलगोरोड को बुरी तरह प्रभावित किया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई और एक चार साल के बच्चे समेत 24 लोग घायल हुए हैं। बमबारी की वजह से 29 अपार्टमेंट ब्लॉक, पांच निजी घर, प्रशासनिक इमारतें और कुछ कमर्शियल स्थल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अतिरिक्त, रूस के नोवोरोस्सिय्स्क शहर में भी ड्रोन का मलबा दो कंपनियों और एक निजी मकान पर गिरा। मेयर एंड्री क्रावचेंको ने जानकारी दी कि मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति घायल हुआ, दो मकानों को नुकसान पहुंचा और एक अपार्टमेंट की खिड़की टूट गई।
दूसरी ओर, यूक्रेन के खार्किव शहर में रूसी मिसाइल एक बहुमंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक पर जा गिरी। इस हमले में दो नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई और 13 अन्य लोग घायल हो गए। इसके साथ ही, यूक्रेन के रणनीतिक ब्लैक सी पोर्ट शहर ओडेसा पर दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए, जिनमें आठ लोग घायल हुए।
पैट्रियट सिस्टम की कमी और जेलेंस्की की रणनीति
यूक्रेनी शहरों की सुरक्षा के लिए पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ही एकमात्र मुख्य सहारा बना हुआ है। हालांकि, यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की के पास इस सिस्टम की इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी हो गई है। दरअसल, अमेरिका खुद ईरान के साथ संघर्ष में उलझा हुआ है, जिससे पैट्रियट सिस्टम और उसकी मिसाइलों की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए जेलेंस्की अमेरिका से यूक्रेन के भीतर ही पैट्रियट सिस्टम बनाने की अनुमति मांग रहे हैं। इसके साथ ही, वे एलन मस्क के स्टारलिंक सैटेलाइट कम्यूनिकेशन सिस्टम का उपयोग करके रूस के अंदर मौजूद मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाने की मंजूरी हासिल करने में जुटे हैं।
रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर हमला और ईंधन का संकट
यूक्रेन लगातार लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए रूस के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है। रूस के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज और ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों से रूस के कई हिस्सों में ईंधन का संकट गहरा गया है। इस बीच, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 153 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। रूसी अधिकारियों के अनुसार, उनकी सेना ने खार्किव में यूक्रेनी ड्रोन वेयरहाउस और ओडेसा पोर्ट स्थित सेना के फ्यूल डिपो और स्टोरेज ठिकानों पर सटीक हमले किए।


















