करौली नगर परिषद के चुनावों में एक बेहद दिलचस्प वाकया सामने आया है, जिसने स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। चुनाव मैदान से जुड़ी इस अजीबोगरीब स्थिति में वार्ड नंबर 55 से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एक ही महिला को अपना उम्मीदवार बना दिया है। गुड्डी देवी जाटव का नाम दोनों ही प्रमुख दलों की आधिकारिक प्रत्याशी सूचियों में शामिल है। अब पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि गुड्डी देवी जाटव आखिरकार किस पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।
नामांकन को लेकर असमंजस और राजनीतिक चर्चाएं
दोनों ही बड़ी पार्टियों द्वारा एक ही महिला पर दांव खेलने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। गुड्डी देवी जाटव को लेकर स्थिति तब साफ होगी जब वह अपना नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंचेंगी। लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या यह किसी तरह की तकनीकी चूक का नतीजा है या इसके पीछे कोई सोची-समझी राजनीतिक रणनीति छिपी हुई है। चुनावी सरगर्मी के बीच वार्ड नंबर 55 का यह मामला सबसे हॉट टॉपिक बन गया है और हर कोई इसी के बारे में बात कर रहा है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक और पार्टी कार्यकर्ता भी अपने-अपने तरीके से इस अनूठी स्थिति का आकलन करने में जुटे हुए हैं।
भारतीय जनता पार्टी की सूची और खाली छोड़े गए वार्ड
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा की तरफ से जारी की गई उम्मीदवारों की सूची को लेकर भी एक अन्य अहम पहलू सामने आया है। पार्टी ने कुल 55 वार्डों वाली करौली नगर परिषद में से केवल 45 वार्डों पर ही अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। इसका मतलब यह है कि पार्टी ने 10 सीटों पर अभी तक किसी भी उम्मीदवार के नाम को हरी झंडी नहीं दिखाई है और इन सीटों को खाली छोड़ दिया गया है। जिन वार्डों में प्रत्याशियों के नाम के आगे जगह खाली छोड़ी गई है, उनमें वार्ड नंबर 16, 18, 20, 21, 22, 35, 36, 38, 39, 48 और 53 शामिल हैं। हालांकि यहां आंकड़ों को लेकर एक तकनीकी पेंच भी नजर आ रहा है, क्योंकि वार्डों की गिनती करने पर कुल संख्या 11 बैठती है, जबकि सूची में खाली छोड़े गए वार्डों की कुल संख्या 10 बताई गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारियों में इस गिनती के अंतर को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टता सामने नहीं आई है।
मुस्लिम बहुल वार्डों और अधिकारियों को सूची सौंपने की प्रक्रिया
सामने आई जानकारी के अनुसार, भाजपा द्वारा जिन 10 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए गए हैं, उनमें कुछ मुस्लिम बहुल वार्ड भी बताए जा रहे हैं। कुल 55 वार्डों के इस निकाय चुनाव में भाजपा का 45 सीटों पर प्रत्याशी उतारना और बाकी सीटों पर पत्ते न खोलना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। दूसरी तरफ, भाजपा के तमाम पदाधिकारी सूची लेकर रिटर्निंग अधिकारी और SDM राकेश रावत के दफ्तर पहुंचे। सुशील दीक्षित और अन्य नेताओं की मौजूदगी में यह सूची रिटर्निंग अधिकारी को सौंपी गई। जैसे-जैसे नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे तस्वीर और साफ होती जाएगी। फिलहाल वार्ड नंबर 55 का यह मामला और दोनों दलों की सूचियों में एक ही नाम का होना हर किसी के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है और सबकी निगाहें गुड्डी देवी जाटव के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।





















