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स्वीडन में आम चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने पद छोड़ायूरोप
19 सित॰ 2026, 2:37 pm (29 मिनट पहले)· 0

स्वीडन में आम चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने पद छोड़ा

स्वीडन के आम चुनाव में दक्षिणपंथी गठबंधन की बेहद करीबी हार के बाद प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। विपक्षी सोशल डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाला गठबंधन अब 176 सीटों के साथ नई सरकार गठित करने की तैयारी में है।

स्वीडन में संपन्न हुए आम चुनाव के बेहद करीबी परिणामों के बाद देश के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दक्षिणपंथी गठबंधन को मिली मामूली शिकस्त के तुरंत बाद प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। लगभग 1 करोड़ की आबादी वाले इस नॉर्डिक देश में हुए मतदान की शुरुआती गिनती के अनुसार, दोनों मुख्य राजनीतिक खेमों के बीच महज 50,000 वोटों का मामूली अंतर रहा। इस बेहद कांटेदार चुनावी मुकाबले में वाम झुकाव वाले विपक्षी खेमे ने संसद में स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली, जिसके चलते मौजूदा कंजरवेटिव नेतृत्व को सत्ता छोड़नी पड़ी।

संसद में सीटों का गणित और सोशल डेमोक्रेट्स की वापसी

स्वीडन की 349 सीटों वाली संसद रिक्सडैग में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 175 के जादुई आंकड़े को पार करते हुए विपक्षी गठबंधन ने 176 सीटें जीतने का अनुमान हासिल किया है। इस विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन के हाथों में है, जो सोशल डेमोक्रेट्स दल की प्रमुख हैं। स्वीडिश इलेक्शन अथॉरिटी के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के नेतृत्व वाला चार दलों का दक्षिणपंथी ब्लॉक 173 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। मतगणना के अंतिम और आधिकारिक नतीजे इस सप्ताह के अंत तक पूरी तरह प्रमाणित होने की उम्मीद है।

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इस्तीफे की औपचारिक घोषणा करते हुए उल्फ क्रिस्टरसन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वे चाहते हैं कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया बिना किसी देरी के तुरंत शुरू हो सके। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'अब स्पीकर ही नई सरकार की राह के अगले चरण का नेतृत्व करेंगे। मैं प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्यमुक्त होने का अनुरोध करता हूं ताकि यह कार्य तुरंत शुरू हो सके।' उधर अपनी चुनावी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए मैग्डेलेना एंडरसन ने इंस्टाग्राम पर एक भाषण में कहा, 'स्वीडन के लोगों ने हमारे देश के लिए एक नई दिशा के पक्ष में मतदान किया है।'

नई सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया और चुनौतियां

स्वीडन की राजनीति पारंपरिक रूप से दो बड़े राजनीतिक गठबंधनों में बंटी रही है, जिसमें चार दल दक्षिणपंथी खेमे में और चार दल वामपंथी खेमे में शामिल रहते हैं। देश में अक्सर गठबंधन या अल्पमत की सरकारें काम करती आई हैं, इसलिए सत्ता के इस तरह के समीकरण यहां के नागरिकों के लिए अपरिचित नहीं हैं। स्थापित संवैधानिक नियमों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद रिक्सडैग के स्पीकर संसद के सभी राजनीतिक दलों के साथ विचार विमर्श का दौर शुरू करते हैं। इस चर्चा के बाद स्पीकर सदन के समक्ष नए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करते हैं, जिस पर संसद सदस्यों द्वारा मतदान कराया जाता है।

हालांकि, मैग्डेलेना एंडरसन के लिए नई सरकार का गठन करना बेहद पेचीदा साबित हो सकता है। सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही स्वीडन के शासन में प्रमुख भूमिका निभाती रही है और पिछली सदी के अधिकांश समय तक यह देश की सबसे ताकतवर राजनीतिक शक्ति रही है। चार साल तक विपक्ष में बैठने के बाद एंडरसन अब द लेफ्ट पार्टी, द सेंटर पार्टी और द ग्रीन पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने की वार्ताएं शुरू कर चुकी हैं। इसके बावजूद, विशेष रूप से टैक्स और वित्तीय नीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर इन दलों के बीच गंभीर मतभेद मौजूद हैं, जिसकी वजह से सत्ता हस्तांतरण और मंत्रिमंडल के गठन में लंबा समय लग सकता है।

गठबंधन बनने में अतीत में भी लगा था लंबा वक्त

स्वीडन में चुनावी नतीजों के बाद सरकार बनने का इतिहास बताता है कि यह प्रक्रिया काफी जटिल और धीमी हो सकती है। वर्ष 2022 के पिछले चुनाव के बाद नई सरकार तैयार होने में पूरे 37 दिनों का समय लगा था। वहीं अगर 2018 के आम चुनाव की बात करें, तो विभिन्न दलों के बीच लंबी खींचतान के चलते सरकार बनने में 134 दिन लग गए थे। अपने इस्तीफे में उल्फ क्रिस्टरसन ने इसी जटिलता की ओर इशारा किया और कहा कि मतदान से पहले विपक्षी दलों द्वारा दिए गए परस्पर विरोधी बयानों के कारण नई सरकार बनाना काफी उलझन भरा साबित होगा।

क्रिस्टरसन का दक्षिणपंथी खेमा उनकी अपनी पार्टी मॉडरेट्स के साथ-साथ क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स, लिबरल्स और अति दक्षिणपंथी स्वीडन डेमोक्रेट्स (एसडी) के सहयोग से मिलकर बना था। स्वीडन डेमोक्रेट्स की स्थापना 1980 के दशक में नाजी समर्थकों द्वारा की गई थी और दशकों तक मुख्यधारा की राजनीति ने उन्हें पूरी तरह अछूत मानकर अलग रखा था। हालांकि, 2000 के दशक के मध्य से पार्टी ने अपनी छवि को बदलने का प्रयास किया। 2022 के चुनाव में इमिग्रेशन और हिंसक अपराधों को मुख्य मुद्दा बनाकर यह पार्टी देश की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी थी।

स्वीडन डेमोक्रेट्स के वोट बैंक में गिरावट और अंतिम मतगणना

पिछली सरकार में स्वीडन डेमोक्रेट्स ने क्रिस्टरसन के गठबंधन को बाहर से समर्थन दिया था, जिसके बदले सरकार ने आव्रजन नीतियों में काफी कड़े प्रावधान लागू किए थे। इस आम चुनाव में क्रिस्टरसन ने वादा किया था कि यदि वे दोबारा सत्ता में आते हैं, तो वे स्वीडन डेमोक्रेट्स को सीधे कैबिनेट में शामिल करेंगे। लेकिन पार्टी के लिए यह चुनाव एक बड़ा झटका साबित हुआ। वर्ष 2010 में संसद में पहली बार कदम रखने के बाद यह पहला मौका है जब स्वीडन डेमोक्रेट्स के वोट शेयर में गिरावट आई है, जो 2022 के मुकाबले तीन प्रतिशत अंक नीचे लुढ़क गया।

रविवार शाम को मतदान खत्म होने के बाद से शुरू हुई मतों की प्रारंभिक गिनती पूरे सप्ताह जारी रही। बुधवार को चुनाव समितियों ने देर से जमा हुए शुरुआती मतों और विदेशों से प्राप्त उन डाक मतपत्रों की गिनती शुरू की जो मतदान के दिन तक नहीं पहुंच सके थे। इन मतों की गिनती पूरी होते ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई कि वामपंथी विपक्षी खेमे ने तीन सीटों की मामूली लेकिन निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। अब देश की नजरें रिक्सडैग के स्पीकर की आगामी वार्ताओं और नए मंत्रिमंडल के स्वरूप पर टिकी हुई हैं।

सवाल-जवाब

स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने इस्तीफा क्यों दिया?
आम चुनाव में उनके दक्षिणपंथी गठबंधन को विपक्षी खेमे से 173 के मुकाबले 176 सीटों से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ दिया।
स्वीडन की संसद रिक्सडैग में कुल कितनी सीटें हैं और बहुमत के लिए कितनी चाहिए?
रिक्सडैग में कुल 349 सीटें हैं और किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए कम से कम 175 सीटों के समर्थन की आवश्यकता होती है।
विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व सोशल डेमोक्रेट्स की नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन कर रही हैं।
स्वीडन डेमोक्रेट्स के प्रदर्शन में क्या खास बदलाव देखा गया?
2010 में संसद में प्रवेश करने के बाद यह पहला मौका है जब स्वीडन डेमोक्रेट्स के वोट शेयर में 2022 के मुकाबले तीन प्रतिशत अंक की गिरावट आई है।
अब स्वीडन में नई सरकार कैसे चुनी जाएगी?
रिक्सडैग के स्पीकर सभी दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे और फिर नए प्रधानमंत्री के नाम का प्रस्ताव संसद के मतदान के लिए रखेंगे।
दोनों राजनीतिक खेमों के बीच वोटों का कितना अंतर रहा?
लगभग 1 करोड़ की आबादी वाले स्वीडन में दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच सिर्फ 50,000 वोटों का अंतर रहा।
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