अजय देवगन और प्रकाश राज की भिड़ंत ने जब भी हिलाया सिनेमाघर, ये तीन फिल्में बनीं मिसालफर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र रैकेट पर महाराष्ट्र साइबर का शिकंजा, डॉक्टर बनने की जुगत में लगे दो अभ्यर्थियों समेत तीन दबोचे गएघर की रसोई में तैयार करें गोरखपुर वाला देसी हांडी मटन, जानें सही मसाले और पकाने का पारंपरिक तरीकाअदालत में जब आतंकी अजमल कसाब ने खुद को बताया था नाबालिग, वकील उज्ज्वल निकम ने ऐसे तोड़ा था झूठदक्षिण कोरियाई वॉन को मिला मजबूत निर्यात और नीतिगत फैसलों का सहारा, मुद्रास्फीति घटकर 2.9% पर आईअपनी मासिक आय और बचत के हिसाब से चुनें सही फ्लैट, जानिए डाउन पेमेंट और कानूनी जांच के अहम नियमयूरोपीय बॉन्ड बाजार में बिखराव का डर बढ़ा, यूरो पर गहराया दबावअमेरिकी सेवा क्षेत्र में मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ाव, ट्रेजरी यील्ड ने सीमित की बढ़तफ्रांस के वित्तीय संकट से यूरो पर दबाव, क्या 0.9297 का सपोर्ट बचा पाएगा ईयूआर/सीएचएफ?मुथुवेल पांडियन के रूप में रजनीकांत की वापसी, धमाकेदार एक्शन और सितारों की फौज के साथ 'जेलर 2' का हिंदी ट्रेलर जारी
भागलपुर में आम की बागवानी से तगड़ी कमाई का मौका, जानिए जर्दालू, हेम सागर और मालदा में से कौन सी किस्म चुनेभारत
5 अक्तू॰ 2026, 9:56 pm (31 मिनट पहले)· 0

भागलपुर में आम की बागवानी से तगड़ी कमाई का मौका, जानिए जर्दालू, हेम सागर और मालदा में से कौन सी किस्म चुने

पारंपरिक खेती के बजाय आम के बगीचे लगाने में भागलपुर के किसान मुनाफा देख रहे हैं। सही मौसम में पौधारोपण के साथ जर्दालू, हेम सागर और मालदा जैसी किस्मों का चुनाव उत्पादन और आय को कई गुना बढ़ा सकता है।

पारंपरिक खेती के साथ-साथ अब आम के बगीचे तैयार करना किसानों के लिए लाभ का एक बड़ा माध्यम बन रहा है। खासकर भागलपुर और आसपास के इलाकों में किसान बागवानी की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। मौजूदा मौसम में लगाए गए आम के नए पौधों की जड़ें मिट्टी में अच्छी तरह जम जाती हैं। इसके बाद जैसे ही मार्च का महीना शुरू होता है और तापमान में बढ़ोतरी होती है, पौधों का विकास और वानस्पतिक बढ़वार काफी तेज हो जाती है। आम की सफल खेती के लिए सबसे बुनियादी और अहम कदम उपयुक्त किस्म का चयन करना होता है। जर्दालू, हेम सागर अथवा मालदा जैसी उन्नत किस्में सही समय पर बाजार पहुंचकर किसानों को बेहतरीन रिटर्न दे सकती हैं।

अनुकूल मौसम में पौधारोपण से मिलता है सीधा फायदा

बिहार में मैंगो मैन के रूप में पहचान बना चुके विशेषज्ञ अशोक चौधरी के अनुसार, इस समय नए बगीचे लगाना उत्पादकों के लिए व्यावहारिक रूप से काफी मुफीद रहता है। अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के चलते नए रोपे गए पौधे तेजी से जमीन पकड़ लेते हैं। इसके बाद मार्च के दौरान मौसम बदलते ही उनकी शाखाओं और तनों में तीव्र वृद्धि देखी जाती है। बागवानी को सफल बनाने के लिए केवल पौधा रोप देना भर काफी नहीं होता। किसानों को खेत की मिट्टी की जांच करवानी चाहिए, पौधों के बीच तय दूरी रखनी चाहिए, और सिंचाई के साथ संतुलित खाद की व्यवस्था करनी चाहिए। हर किस्म की कीमत और मांग मंडियों में अलग होती है, इसलिए किस्म के चुनाव में दूरदर्शिता बरतना आवश्यक है।

ये भी पढ़ें

भागलपुर की शान जर्दालू आम और उसका बाजार मूल्य

भागलपुर क्षेत्र की पहचान हमेशा से जर्दालू आम से जुड़ी रही है। जिले भर में किसान बड़े पैमाने पर इस खास किस्म के बगीचे विकसित कर रहे हैं। जर्दालू आम अपनी बेजोड़ खुशबू, मिठास और सुपाच्य प्रकृति के चलते ग्राहकों के बीच विशेष रूप से पसंद किया जाता है। अशोक चौधरी के मुताबिक, मंडियों में जर्दालू की सामान्य बिक्री दर ₹60 से ₹80 प्रति किलो तक देखने को मिलती है। हालांकि, यह बिक्री मूल्य फसल के मौसम, फलों की गुणवत्ता और स्थानीय मंडियों में आपूर्ति एवं मांग के रुख पर भी निर्भर करता है।

हेम सागर और मालदा के जरिए बाजार में कमाई के विकल्प

यदि किसान जर्दालू के अलावा अन्य विकल्प तलाशना चाहते हैं, तो हेम सागर एक बेहतरीन प्रजाति साबित हो सकती है। हेम सागर एक ऐसी किस्म है जो अपेक्षाकृत देर से पककर तैयार होती है। बाजार में जब आम की शुरुआती किस्में समाप्त होने लगती हैं, तब हेम सागर की आवक होती है, जिससे उत्पादकों को इसका अतिरिक्त प्रीमियम मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं मालदा आम भी किसानों के लिए अत्यधिक मुनाफे वाला विकल्प है। अपने रसीले गूदे और विशिष्ट स्वाद के कारण मालदा की मांग बिहार के साथ-साथ देश के दूसरे राज्यों में भी भरपूर रहती है।

किस्म के साथ बागवानी प्रबंधन का भी रखें ध्यान

आम के बगीचे से बंपर उत्पादन हासिल करने के लिए केवल किस्म का चयन ही एकमात्र पैमाना नहीं है। किसानों को संपूर्ण प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। इसमें खेत में उचित जल निकासी का प्रबंध, पंक्तियों और पौधों के बीच पर्याप्त दूरी, समयानुकूल सिंचाई चक्र, जैविक व रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग, रोगों तथा कीटों से बचाव और नियमित छंटाई शामिल हैं। इन सभी वैज्ञानिक उपायों को अमल में लाकर ही किसान अपनी फसल की गुणवत्ता सुधार सकते हैं और अधिकतम लाभ अर्जित कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

इस मौसम में आम के नए पौधे लगाने का मुख्य फायदा क्या है?
इस समय पौधे लगाने से उनकी जड़ें जमीन को अच्छी तरह पकड़ लेती हैं, जिससे मार्च में तापमान बढ़ने पर उनका विकास काफी तेजी से होता है।
भागलपुर में जर्दालू आम का सामान्य बाजार भाव क्या रहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, जर्दालू आम का सामान्य बाजार भाव ₹60 से ₹80 प्रति किलो के आसपास रहता है, जो मांग और गुणवत्ता पर निर्भर करता है।
हेम सागर आम की किस्म लगाने से किसानों को क्या अतिरिक्त फायदा मिल सकता है?
हेम सागर देर से पकने वाली किस्म है, इसलिए मुख्य सीजन समाप्त होने के बाद बाजार में आने पर इसकी ऊंची कीमत मिलने की संभावना रहती है।
आम के बगीचे में बंपर पैदावार के लिए किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?
किस्म के चुनाव के साथ-साथ मिट्टी की जांच, पौधों के बीच सही दूरी, उचित जल निकासी, नियमित सिंचाई, संतुलित खाद और कीट प्रबंधन जरूरी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 मिनट पहले

पिछले साल भागलपुर गया था, तो वहाँ एक किसान ने जर्दालू आम खिलाए थे। सच में उसकी खुशबू और मिठास ऐसी है कि आदमी दीवाना हो जाए। अगर सही देखभाल से ऐसे बगीचे लग जाएं, तो किसानों की तो सच में मौज आ जाएगी।

Rohan Verma@rohan-verma·7 मिनट पहले

करण भाई, सच कहा आपने! ₹60 से ₹80 किलो का भाव मिल जाए तो किसानों की वाकई मौज आ जाएगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp