वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मिला-जुला रुख देखने को मिला। शुरुआती घंटों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.34% की मजबूती दर्ज करते हुए यह मुद्रा 0.6970 के आसपास कारोबार कर रही थी। हालांकि, बाद के एशियाई कारोबारी सत्र में ताजा बिकवाली का दबाव देखा गया और भाव फिसलकर 0.6900 के स्तर की ओर बढ़ गए। इस उठापटक के पीछे अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े आर्थिक आंकड़े, ट्रेजरी यील्ड का उच्च स्तर और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख वजह रहे हैं। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार AUD/USD 0.6966 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 0.6929 से 0.54% ऊपर है।
अमेरिकी सेवा क्षेत्र में विस्तार की रफ्तार स्थिर
अमेरिकी सेवा क्षेत्र के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कारोबारी गतिविधियां अब भी सकारात्मक दायरे में बनी हुई हैं, हालांकि कुछ संकेत मिश्रित हैं। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) द्वारा जारी सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर में घटकर 54.9 पर आ गया, जो अगस्त के 55.4 से मामूली कम है और 55 के बाजार अनुमान से थोड़ा नीचे रहा। इसके बावजूद यह आंकड़ा 50 के महत्वपूर्ण स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है, जो मंदी और विस्तार के बीच की सीमा रेखा मानी जाती है।
सर्वेक्षण के विस्तृत आंकड़ों से संकेत मिलता है कि लागत से जुड़ा दबाव फिर से बढ़ रहा है। प्राइसेज पेड इंडेक्स पिछले 72.6 से बढ़कर 74.0 पर पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि सेवा क्षेत्र में कंपनियों को इनपुट लागत के मोर्चे पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है। दूसरी ओर रोजगार सूचकांक में मामूली सुधार दर्ज हुआ और यह 47.8 से सुधरकर 50.1 पर आ गया। इसके विपरीत नए ऑर्डर्स का सूचकांक अगस्त के 60.9 से घटकर 59.8 पर आ गया, जिससे पता चलता है कि मांग की रफ्तार में हल्का ठहराव आया है।
इसके समानांतर एसएंडपी ग्लोबल की ओर से जारी अंतिम सर्विसेज पीएमआई सितंबर महीने में 58.8 पर संशोधित की गई, जो 58.7 के प्रारंभिक अनुमान से थोड़ी बेहतर रही। कुल मिलाकर इन दोनों संकेतकों से स्पष्ट होता है कि कुछ पैमानों पर गति धीमी पड़ने के बावजूद अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है, जिसने डॉलर को व्यापक स्तर पर सहारा दिया है।
ट्रेजरी यील्ड और यूरो की कमजोरी से डॉलर को मिला समर्थन
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर के मूल्य को मापता है, सोमवार को 102.50 के पार निकल गया। यह स्तर डॉलर इंडेक्स के लिए पिछले 18 महीनों का उच्चतम स्तर है। डॉलर में आई इस तेजी की एक बड़ी वजह यूरो में कमजोरी रही है, जिसकी डॉलर इंडेक्स में 57.6% हिस्सेदारी है। यूरोपीय साझी मुद्रा पर फ्रांस के सरकारी कर्ज को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण भारी दबाव बना हुआ है। फ्रांस और जर्मनी के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर बढ़कर लगभग 150 बेसिस प्वाइंट्स पर पहुंच गया है, जो 2011 के बाद से सबसे चौड़ा स्प्रेड है।
इसके अलावा अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड्स के उच्च स्तर पर बने रहने से भी डॉलर को मजबूत आधार मिल रहा है। अमेरिका का बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.30% के आसपास बना हुआ है, जो इसके हालिया 5.34% के उच्च स्तर के बेहद करीब है। गौरतलब है कि 5.34% का यह स्तर साल 2002 के बाद से अब तक का उच्चतम स्तर दर्ज किया गया है। बॉन्ड बाजार की यह मजबूती डॉलर के आकर्षण को विदेशी निवेशकों के बीच बढ़ा रही है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने नीतिगत असमंजस
मुद्रास्फीति के मोर्चे पर यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के समक्ष जटिल स्थिति पैदा हो गई है। आम परिस्थितियों में जब महंगाई दर केंद्रीय बैंक के निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तो नीति निर्माताओं का सीधा कदम ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना होता है। लेकिन वर्तमान आर्थिक हालात सामान्य नहीं हैं। इस समय बॉन्ड बाजार में यील्ड बढ़ने की वजह से वित्तीय सख्ती का एक हिस्सा पहले ही अपने आप हो रहा है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए आगे की मौद्रिक नीति तय करना कठिन दुविधा बन गया है।
AUD/USD के लिए अहम तकनीकी स्तर
चार्ट पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए ऊपरी दिशा में तात्कालिक प्रतिरोध 0.6980 पर स्थित है, जिसके ठीक आगे 200-पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.6988 पर मौजूद है। यदि तेजी जारी रहती है, तो बुल्स को 0.7005 और फिर 0.7045 के स्तर को पार करना होगा। इसके बाद 0.7075 से 0.7105 का दायरा और फिर 0.7140 का स्तर सामने आएगा।
दूसरी ओर नीचे की तरफ तात्कालिक सहारा 0.6955 पर और 100-पीरियड SMA पर 0.6953 पर मौजूद है। यदि गिरावट और गहरी होती है, तो 0.6907 और 0.6883 के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में काम करेंगे। यदि 0.6883 का स्तर टूटता है, तो वर्तमान सकारात्मक रुझान कमजोर पड़ सकता है और बाजार का ध्यान एक व्यापक सुधारात्मक गिरावट की ओर जा सकता है।
लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार 14-पीरियड आरएसआई 33 पर चल रहा है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम -0.00 पर मंदी का संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेजेज के मामले में 20-दिन का ईएमए 0.7051, 50-दिन का ईएमए 0.7074 और 200-दिन का ईएमए 0.6967 पर है, जिसमें 50-दिन का ईएमए 200-दिन के ईएमए से ऊपर रहते हुए गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनाए हुए है, हालांकि कीमत दीर्घकालिक डाउनट्रेंड के भीतर है। 50-दिन का एसएमए 0.7091 और 200-दिन का एसएमए 0.7030 पर है। बोलिंजर बैंड्स 0.6906 से 0.7263 के दायरे में फैले हैं और मध्य रेखा 0.7084 पर है। ट्रेंड की ताकत मापने वाला एडीएक्स 37 पर है, जो सक्रिय ट्रेंडिंग बाजार को दर्शाता है। स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 26 और सिग्नल लाइन 17 पर है। एटीआर 0.01 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। पिवट बिंदु 0.6959 पर है, जिसमें पहला रेजिस्टेंस R1 0.6982 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 0.6998 है, जबकि पहला सपोर्ट S1 0.6943 और दूसरा सपोर्ट S2 0.6919 है। इस मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 रहा है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और कमोडिटी बाजार का हाल
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य मुद्राओं में भी डॉलर की मजबूती का प्रभाव देखा गया। USD/JPY ने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में दोबारा 158.00 का स्तर छू लिया। फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त नीतिगत उम्मीदें और संभावित मुद्रा हस्तक्षेप का जोखिम जापानी येन में उछाल ला सकता है, जिससे इस जोड़ी की बढ़त सीमित रह सकती है।
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखा गया। शुक्रवार की गिरावट के बाद पीली धातु सोमवार की शुरुआत में 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के करीब आ गई। सोने में यह नरमी डॉलर में जारी तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण आई है। ऊर्जा क्षेत्र में कच्चे तेल की कीमतें, बॉन्ड यील्ड्स और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की आगामी मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाएं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए अगले दिशा-निर्देश तय करेंगी।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन सोमवार को 86,000 डॉलर के स्तर के ऊपर सीमित दायरे में कंसोलिडेशन के दौर में दिखाई दिया। वहीं ऑल्टकॉइन्स में सकारात्मक रुझान देखा गया, जहां एथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर और रिपल 1.52 डॉलर के ऊपर स्थिर बना रहा। रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशक आगामी मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।


















