स्पेन के परिवहन तंत्र पर गहराते संकट और तोलेदो प्रांत में हुए भीषण हाई-स्पीड ट्रेन हादसे के छह दिन बाद परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंटे ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ दिया है। संसद के निचले सदन कांग्रेस में मंगलवार शाम चली एक लंबी और तनावपूर्ण चर्चा के बाद उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की। इस दुर्घटना में कम से कम 69 यात्रियों की जान चली गई थी और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विपक्ष के लगातार बढ़ते दबाव और रेल नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच मंत्री ने न केवल मंत्रिमंडल छोड़ने का फैसला किया, बल्कि आगामी विधायी चुनावों की अपनी उम्मीदवारी सूची से भी खुद को अलग कर लिया।
संसद में इस्तीफे का ऐलान और नैतिक जिम्मेदारी की बात
स्पेन की संसद में रेल सुरक्षा से जुड़े नए प्रस्तावों को पेश करने और विपक्षी दलों के तीखे सवालों का सामना करने के बाद ऑस्कर पुएंटे ने सदन के पटल पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि स्पेन जैसे आधुनिक यूरोपीय देश में एक साल के भीतर दो गंभीर रेल त्रासदियां घटने के बाद किसी परिवहन मंत्री का पद पर बने रहना उचित नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी परिस्थितियों में नैतिक जवाबदेही सर्वोपरि होती है। पुएंटे ने सदन को संबोधित करते हुए यह भी जोड़ा कि वे सिर्फ मंत्रालय का प्रभार ही नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि जल्द होने वाले विधायी चुनावों की सूची से भी अपना नाम वापस ले रहे हैं, जिससे इस मामले की राजनीतिक निष्पक्षता बनी रहे।
तोलेदो प्रांत के उर्डा में कैसे घटी यह भीषण दुर्घटना
यह घातक टक्कर राजधानी मैड्रिड के दक्षिण में स्थित तोलेदो प्रांत के उर्डा कस्बे के निकट पिछले बुधवार की सुबह हुई थी। रेल प्रणाली के बुनियादी ढांचे का प्रबंधन करने वाले सरकारी संचालक एडीआईएफ के अनुसार, दोनों ट्रेनें मैड्रिड से रवाना होकर दक्षिण-पश्चिमी स्पेन के प्रमुख शहर सेविले की ओर एक ही दिशा में बढ़ रही थीं। सैकड़ों दैनिक और लंबी दूरी के यात्रियों को ले जा रही इन तेज रफ्तार ट्रेनों में से निजी ऑपरेटर इर्यो की एक ट्रेन ग्रामीण इलाके में दो गांवों के बीच ट्रैक पर रुकी हुई थी। इसी दौरान सरकारी रेल कंपनी रेनफे द्वारा संचालित हाई-स्पीड ट्रेन पीछे से आकर रुकी हुई ट्रेन के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि रुकी हुई ट्रेन के पिछले दो डिब्बे पटरी से उतरकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
यूरोप के आधुनिक इतिहास और स्पेन के हालिया वर्षों की सबसे बड़ी त्रासदी
तोलेदो में 28 अक्टूबर को हुई यह दुर्घटना वर्ष 2013 के बाद से स्पेन की धरती पर दर्ज सबसे घातक रेल आपदा मानी जा रही है, जिसने पूरे यूरोप के रेल सुरक्षा इतिहास को हिलाकर रख दिया है। हादसे की भयावहता इसलिए भी अधिक गंभीर हो गई क्योंकि दक्षिणी स्पेन में इसी साल जनवरी महीने में उसी हाई-स्पीड कॉरिडोर पर एक और भीषण हादसा हुआ था, जिसमें 46 लोगों की मौत हुई थी। जनवरी के उस हादसे में भी सरकारी कंपनी रेनफे और निजी कंपनी इर्यो की ही ट्रेनें शामिल थीं। एक ही साल के भीतर दो बार एक ही रेल मार्ग पर समान ऑपरेटरों की ट्रेनों का इस तरह टकराना स्पेन के आधुनिक हाई-स्पीड नेटवर्क के ऑटोमेशन, सिग्नलिंग और नियंत्रण कक्षों के समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सुरक्षा उपायों और आगामी राजनीतिक कदमों पर असर
कांग्रेस के लंबे सत्र के दौरान ऑस्कर पुएंटे ने सांसदों को बताया कि रेल नेटवर्क पर निगरानी और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग प्रोटोकॉल को लेकर कुछ नए सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि विपक्षी दल इस बात पर अड़े थे कि जब जनवरी में 46 जानें जा चुकी थीं, तब पर्याप्त एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए गए। 69 मौतों की पुष्टि के तुरंत बाद ही पुएंटे की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर जनआक्रोश भड़क गया था। इस इस्तीफे के बाद अब स्पेन सरकार के सामने न केवल हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे का व्यापक ऑडिट कराने की चुनौती है, बल्कि आगामी चुनावों से ठीक पहले सार्वजनिक परिवहन की साख बहाल करने की भी मजबूरी आ खड़ी हुई है।



















