यूरोप के हवाई क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर उस समय हड़कंप मच गया जब पोलैंड की राजधानी वारसॉ की ओर जा रहे दो वाणिज्यिक यात्री विमानों को अलग-अलग बम धमकियों का सामना करना पड़ा। इन चेतावनियों के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए, जिसके परिणामस्वरूप शहर के बाहरी इलाके में स्थित वारसॉ मोड्लिन हवाईअड्डे के संचालन को एहतियातन कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा। दोनों विमान सुरक्षित रूप से उतरने में सफल रहे, जिसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने गहन तलाशी अभियान शुरू किया।
लंदन से आ रहे विमान की मोड्लिन में आपात लैंडिंग
पहली घटना पोलिश ध्वजवाहक एयरलाइन एलओटी (LOT) की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान से जुड़ी थी, जो 181 लोगों को लेकर लंदन हीथ्रो से वारसॉ के मुख्य शोपिन हवाईअड्डे के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान ही विमान में संभावित खतरे की सूचना मिली। इस आपातकालीन चेतावनी के जारी होते ही विमान के मार्ग को बदला गया और उसे राजधानी के उत्तरी छोर पर स्थित वारसॉ मोड्लिन हवाईअड्डे की ओर मोड़ दिया गया।
वारसॉ मोड्लिन हवाईअड्डे के प्रशासन के अनुसार, बोइंग 737 मैक्स (Boeing 737 Max) विमान 10:01 (09:01 GMT) पर सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया। विमान के रुकते ही सभी 181 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को योजनाबद्ध तरीके से बाहर निकाला गया। इसके बाद पूरे हवाई क्षेत्र में सुरक्षा जांच दल सक्रिय हो गए और विमान को अलग-थलग क्षेत्र में ले जाया गया। हवाईअड्डा अधिकारियों ने बाद में स्पष्ट किया कि संबंधित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संभावित बम खतरे की गहन पड़ताल पूरी किए जाने के बाद सामान्य उड़ान संचालन को फिर से बहाल कर दिया गया। आमतौर पर मोड्लिन हवाईअड्डे का उपयोग बजट एयरलाइंस द्वारा किया जाता है।
कोपेनहेगन से आई उड़ान और शोपिन हवाईअड्डे की स्थिति
इस घटना के समानांतर, कोपेनहेगन से वारसॉ के मुख्य शोपिन हवाईअड्डे की ओर आ रही एक दूसरी उड़ान में भी बम होने की चेतावनी प्राप्त हुई। डेनिश मीडिया में आई जानकारी के अनुसार, स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस (SAS) द्वारा संचालित यह विमान बिना किसी मार्ग परिवर्तन के अपने निर्धारित समय पर शोपिन हवाईअड्डे पर उतरने में सफल रहा।
विमान के उतरने के बाद सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत शोपिन हवाईअड्डे के एप्रन पर मौजूद एक रनवे को कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया ताकि आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा सकें। शोपिन हवाईअड्डे के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की कि इस आंशिक प्रतिबंध के बावजूद हवाईअड्डे के समग्र संचालन पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा और बाकी उड़ानें सामान्य रूप से चलती रहीं। उतरने के बाद इस विमान की भी संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की गई।
यूरोपीय उड़ानों में लगातार सामने आ रही सुरक्षा चुनौतियां
वारसॉ जाने वाले इन दो विमानों को मिली धमकियां अलग-थलग घटना नहीं थीं, बल्कि उसी दौरान यूरोपीय हवाई मार्गों पर सुरक्षा अलार्म का एक सिलसिला देखने को मिला। इससे ठीक पहले विज एयर (Wizz Air) की एक उड़ान, जो ब्रिटेन के ल्यूटन से बुल्गारिया के सोफिया जा रही थी, सुरक्षा कारणों से हंगरी में आपातकालीन लैंडिंग करने के लिए मजबूर हुई थी।
विज एयर ने उस घटना के बाद आधिकारिक तौर पर बताया कि हंगरी में उतरने के बाद सभी मानक सुरक्षा जांचें पूरी की गईं और विमान या यात्रियों के सामान में कोई भी संदिग्ध या खतरनाक वस्तु बरामद नहीं हुई। विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य और पूर्वी यूरोप के हवाई मार्गों पर एक के बाद एक सामने आई इन चेतावनियों ने विभिन्न देशों के हवाईअड्डा सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर ला खड़ा किया, हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी विमानों में सवार यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।



















