यूक्रेन इस समय रूस के भीषण हवाई हमलों का सामना कर रहा है, जिससे राजधानी कीव सहित कई बड़े शहरों में गंभीर तबाही मच गई है। रूसी सेना ने भारी मिसाइलें और ड्रोन दागकर यूक्रेन के नागरिक और सामरिक बुनियादी ढांचे को झकझोर कर रख दिया है। इन हमलों से बड़े व्यापारिक केंद्र, अस्पताल और दफ्तर जलकर खाक हो रहे हैं। इस संकट के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के सामने सबसे बड़ी चुनौती हवाई सुरक्षा की कमी बनकर उभरी है, क्योंकि उनके पास रूसी मिसाइलों को रोकने के लिए जरूरी इंटरसेप्टर खत्म हो चुके हैं। पश्चिमी देशों से हथियारों की आपूर्ति में आई रुकावट ने यूक्रेन की स्थिति को अत्यंत नाजुक बना दिया है।
ऊर्जा ढांचे और कीव पर रूस का चौतरफा वार
रूसी सेना ने सुनियोजित तरीके से यूक्रेन की 10 अलग-अलग बिजली कंपनियों को निशाना बनाकर बड़ा नुकसान पहुंचाया है। राजधानी कीव पर आसमान से लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें गिर रही हैं, जिनके जोरदार धमाकों से रिहायशी और प्रशासनिक इलाके दहल उठे हैं। इस बार के हमलों में कीव के मेट्रो स्टेशन को भी बख्शा नहीं गया, जहां गेरान-4 ड्रोन के जरिए प्रहार किया गया। रात भर चले इस व्यापक अभियान में रूस ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और जेट इंजन से लैस 269 ड्रोन दागे। यूक्रेनी सेना 243 ड्रोनों को मार गिराने में तो सफल रही, लेकिन वह एक भी बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में नहीं रोक सकी। इस असफलता के चलते जेलेंस्की से जुड़े कम से कम 25 प्रमुख ठिकाने पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए।
अर्ली वॉर्निंग सिस्टम न मिलने से जेलेंस्की की नाराजगी
इस भारी तबाही के बाद यूक्रेनी नेतृत्व ने अमेरिका और अपने यूरोपीय सहयोगियों के प्रति कड़ा असंतोष व्यक्त किया है। जेलेंस्की ने सवाल उठाया कि पश्चिमी साझीदारों ने रात में होने वाले बैलिस्टिक हमलों की पूर्व चेतावनी समय पर क्यों नहीं दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर उंगली उठाते हुए स्पष्ट किया कि साझीदार देशों में केवल अमेरिका के पास ऐसा आधुनिक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम उपलब्ध है जो रूसी बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की तुरंत सूचना दे सकता है। आवश्यक जानकारी के अभाव में कीव स्थित एक अहम डेटा सेंटर तबाह हो गया। इसके अलावा, फायर पॉइंट लॉजिस्टिक्स हब भी ध्वस्त हो गया, जहां यूक्रेन अपनी घरेलू फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल के कलपुर्जे तैयार करता था और कई ड्रोनों को असेंबल किया जाता था। मिसाइलों को असेंबल करके रखने वाला एक बड़ा लोकोमोटिव केंद्र भी इस हमले की भेंट चढ़ गया।
स्टारशील्ड नेटवर्क बंद और हथियारों का भारी संकट
जेलेंस्की प्रशासन की मौजूदा प्राथमिकताओं में स्टारशील्ड सैटेलाइट नेटवर्क की बहाली सबसे ऊपर है। डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी के बाद यह महत्वपूर्ण नेटवर्क निलंबित कर दिया गया था, जिससे यूक्रेनी सेना के लिए सामरिक संचार लगभग ठप हो गया है। स्टारशील्ड के बिना युद्ध के मैदान में समन्वय बनाए रखना बेहद कठिन साबित हो रहा है। इसके साथ ही, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलें न मिलने के कारण यूक्रेन रूसी बैलिस्टिक हमलों के आगे पूरी तरह लाचार हो चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि सैन्य मदद और तकनीकी नेटवर्क रोककर जेलेंस्की पर समझौते की मेज पर आने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा है।
शेन्जेन में बड़े नेताओं की बैठक और यूक्रेन की अनदेखी
दूसरी तरफ, व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की पूरी जिम्मेदारी चीन और अमेरिका के पाले में डाल दी है। एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक होने की संभावना है। यह आर्थिक सम्मेलन चीन के शेन्जेन शहर में 18 और 19 नवंबर को आयोजित होने वाला है। इस पूरी कवायद में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस देश के भविष्य का फैसला होना है, उस यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को इस बैठक में आमंत्रित तक नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, यूरोप के किसी भी शीर्ष नेता को इस बातचीत का हिस्सा नहीं बनाया गया है। बिना अपनी मौजूदगी के तय होने वाले समझौते को लेकर यूक्रेन में गहरी चिंता और अनिश्चितता का माहौल है।



















