मध्य प्रदेश के बड़े तकनीकी विश्वविद्यालयों में गिने जाने वाले राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी आरजीपीवी में परीक्षा शुरू होने से चंद मिनट पहले प्रश्नपत्रों के 9 बंडल गायब मिले, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को तय परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इस घटना से कैंपस में हड़कंप मच गया और छात्रों का एक समूह सीधे कुलपति के पास पहुंच गया।
कंप्यूटर साइंस के छात्र पवन रजक के मुताबिक परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन इससे ठीक पहले सुबह 10:55 बजे इसे रद्द कर दिया गया। रिपोर्ट्स बताती हैं कि चोर खिड़की तोड़कर बायोटेक्नोलॉजी विभाग में घुस आए, जहां आगामी परीक्षा के प्रश्नपत्र रखे हुए थे। यहीं से अलग-अलग विषयों के 9 बंडल गायब पाए गए। घटना का पता चलते ही छात्रों का एक समूह परीक्षा नियंत्रक से मिलने पहुंचा, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद छात्र कुलपति आलोक शर्मा से मिलने पहुंचे।
छात्रों को क्यों हो रहा है शक
पवन रजक ने कहा कि पूरी घटना ही शक पैदा करने वाली है। उनका कहना था कि सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी और तय सुरक्षा नियमों के बावजूद प्रश्नपत्र कैसे गायब हो गए, यह बड़ा सवाल है। छात्रों को डर है कि यह महज चोरी नहीं बल्कि पेपर लीक जैसी किसी बड़ी गड़बड़ी को दबाने की कोशिश भी हो सकती है। रजक के अनुसार छात्रों ने कुलपति से यही जानना चाहा कि तमाम सुरक्षा इंतजामों के बीच आखिर पेपर चोरी कैसे हो गए, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। हालांकि कुलपति ने भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले की जांच शुरू करा दी गई है। छात्रों का कहना है कि अब देखना यह होगा कि जांच किस नतीजे तक पहुंचती है।
कुलपति ने कहा, कमेटी बनाई गई है
कुलपति आलोक शर्मा ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए 3 सदस्यों की एक कमेटी गठित करने की बात कही है। उनके मुताबिक इस बारे में जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी होने की उम्मीद है। कुलपति ने यह भी कहा कि यह सिर्फ आरजीपीवी तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इस घटना ने उनसे ऊपर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इसे बेहद दुखद घटना बताया। इस मामले में पुलिस में विधिवत FIR भी दर्ज कराई गई है और परीक्षा के प्रभारी अधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष देती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।













