पेपर लीक के बाद आयोजित NEET री-एग्जाम 2026 आखिरकार सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छात्रों ने परीक्षा दी और परीक्षा केंद्रों पर बेहतरीन इंतजाम होने की बात करते हुए बाहर निकले। पेपर के तीनों विषयों में कठिनाई का स्तर अलग-अलग रहा। फिजिक्स ने सबसे ज्यादा उलझाया, केमिस्ट्री में समय बीत गया और बायोलॉजी ने थोड़ी राहत दी।
तीनों विषयों का कैसा रहा स्तर?
छात्रों ने बताया कि फिजिक्स के सवाल इस बार सबसे ज्यादा परेशान करने वाले रहे। सवाल ऐसे थे जिनमें दिमाग को लगातार खपाना पड़ा और काफी वक्त खर्च हो गया। केमिस्ट्री में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां सवालों को हल करने में अपेक्षा से अधिक समय निकल गया। दूसरी तरफ बायोलॉजी के सवाल छात्रों को सरल लगे और इस सेक्शन में किसी को कोई खास दिक्कत नहीं आई। पेपर को कुल मिलाकर औसत बताया गया। जो छात्र तैयारी करके आए थे, उन्हें ज्यादातर सवाल पाठ्यक्रम के दायरे में मिले, हालांकि कुछ सवाल सिलेबस से बाहर के भी थे।
छात्रों ने बताया अपना अनुभव
परीक्षा के बाद बाहर निकली प्रतिष्ठा ने बताया कि पेपर उनकी उम्मीद से थोड़ा कम कठिन रहा। उन्होंने कहा, "तगड़ा पेपर आने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।" फिजिक्स के सवालों ने जरूर उलझाया, लेकिन बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सवाल सामान्य स्तर के रहे और उनमें कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई।
खुश्बू मौर्य ने बताया कि पेपर ईजी टू मोडरेट था। फिजिक्स में ट्रिकी सवाल थे जिनसे थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन बाकी सभी विषयों में कोई समस्या नहीं आई और सवाल बेहद आसानी से हल हो गए।
आदित्य सिंह के मुताबिक फिजिक्स और केमिस्ट्री, दोनों के सवाल थोड़े हार्ड आए। उन्हें हल करना आसान नहीं था। हालांकि बाकी सेक्शन के सवाल अच्छे थे और उन्हें अच्छे नंबर आने की उम्मीद है।
अंतरा दुबे ने बताया कि बायोलॉजी के सवाल काफी सरल थे, लेकिन फिजिक्स में इतना समय निकल गया कि उसी में पूरा वक्त खर्च हो गया। उन्होंने भी माना कि इस बार NEET की कट-ऑफ थोड़ा ज्यादा रहेगी।
कट-ऑफ को लेकर क्या है अनुमान?
अधिकांश छात्रों का मानना है कि इस बार NEET की कट-ऑफ पहले के मुकाबले ऊंची जाएगी। पेपर का स्तर औसत रहने और बायोलॉजी के आसान होने की वजह से ज्यादा छात्रों के बेहतर अंक लाने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो सकती है।













