अमित शाह और बेटी बांसुरी स्वराज ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर दी भावुक श्रद्धांजलि3 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में सलमान खान और बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन को अदालत का नोटिस, 5 अक्टूबर तक मांगा जवाबराजकुमार संतोषी की फिल्म 'बंटवारा 1947' में सिकंदर मिर्जा का किरदार निभाएंगे सनी देओल, 'गदर' के तारा सिंह से होगी बिल्कुल अलग भूमिकाबुध का पुष्य नक्षत्र में परिवर्तन खोलेगा तरक्की के द्वार, 4 राशियों को करियर और धन में मिलेगा बड़ा लाभमूलांक 6 अंकराशि 6 अगस्त 2026: शुक्र का प्रभाव बढ़ाएगा मिठास, जानें करियर, धन और सेहत का हालमिशिगन सीनेट चुनाव के बीच माइकल मूर और अब्दुल एल-सैयद पर डोनाल्ड ट्रंप का तीखा हमलाक्या 'हेरा फेरी 3' का निर्देशन संभालेंगे अहमद खान? प्रियदर्शन के पीछे हटने के बाद फिल्म पर कही अहम बातशिवांगी जोशी को हराकर श्रेया कालरा बनीं लॉक अप 2 की विनर, 1 करोड़ रुपये का इनाम जीत बोलीं 'क्रिएटर्स को नीचा दिखाया जाता है'कैलिफोर्निया में दिवाली की सरकारी छुट्टी पर अमरीकी कोर्ट की रोक, टैक्सपेयर संगठन की याचिका पर बड़ा फैसलादिल्ली से रांची तक भड़की परीक्षा धांधली की आग, कॉकरोच जनता पार्टी और जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन में क्या है समानता
दिल्ली से रांची तक भड़की परीक्षा धांधली की आग, कॉकरोच जनता पार्टी और जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन में क्या है समानतापरीक्षा
6 अग॰ 2026, 9:53 am (1 घंटे पहले)· 1

दिल्ली से रांची तक भड़की परीक्षा धांधली की आग, कॉकरोच जनता पार्टी और जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन में क्या है समानता

देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुंच चुका है।

देश में जब लाखों युवाओं की वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और भविष्य के सपनों पर परीक्षा कराने वाली संस्थाओं की गड़बड़ियां पानी फेरने लगती हैं, तब जनआंदोलन सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाते हैं। हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक प्रकरण के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के तत्वाधान में एक व्यापक छात्र प्रदर्शन देखने को मिला था। अब इसी प्रकार का जनआक्रोश झारखंड की राजधानी रांची में देखने को मिल रहा है, जहां प्रतियोगी छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कर रहे हैं।

रांची में आंदोलन की पृष्ठभूमि और परीक्षा विवाद

झारखंड में छात्रों और प्रतियोगी अभ्यर्थियों का यह विरोध प्रदर्शन किसी एक दिन का परिणाम नहीं है, बल्कि लंबे समय से जमा हो रहे असंतोष का विस्फोट है। 5 जुलाई को जब 14वीं जेपीएससी सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, तब से ही अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए थे। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों ने उत्तरपुस्तिकाओं, ओएमआर शीट और अंक निर्धारण में भारी विसंगतियों के आरोप लगाए। इसके विरोध में छात्रों ने 25 जुलाई से चौबीसों घंटे का सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। इसके बाद 29 जुलाई से रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के पुराने कड़वे अनुभवों और भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार होने वाले विलंब ने युवाओं के आक्रोश को और अधिक बढ़ा दिया है।

ये भी पढ़ें

कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन की तीन प्रमुख मांगें

दिल्ली में केंद्रीय स्तर पर आयोजित परीक्षाओं की धांधली के खिलाफ चले कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन की मांगें मुख्य रूप से नीतिगत बदलावों और प्रशासनिक जवाबदेही पर केंद्रित रही हैं

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नीट सहित देश की विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं में हुई व्यापक अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री तत्काल अपने पद से त्यागपत्र दें।
  • पीड़ित अभ्यर्थियों को मुआवजा: बार-बार परीक्षाएं रद्द होने, पर्चे लीक होने और इसके कारण हुए अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते अपनी जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के शोकाकुल परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाए।
  • संस्थागत सुधार और कठोर कानून: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जैसी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में संपूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक सख्त और पारदर्शी कानून का निर्माण किया जाए।

झारखंड के अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें

दूसरी तरफ रांची के मैदानों में डटे जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों की मांगें सीधे तौर पर राज्य स्तरीय चयन प्रक्रियाओं और परीक्षा संचालन से जुड़ी हुई हैं

  • 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द हो: जब तक पूरी निष्पक्षता, जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के घोषित परिणाम को तुरंत रद्द किया जाए।
  • सीबीआई और ईडी जांच की मांग: जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल तथा परीक्षा आयोजित कराने का टेंडर लेने वाली निजी एजेंसी टीडीपीएल के कामकाज और कथित वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से कराई जाए।
  • ओएमआर शीट को सार्वजनिक करना: पारदर्शिता कायम करने के लिए प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों की मूल ओएमआर शीट के साथ-साथ आधिकारिक उत्तर कुंजी को सार्वजनिक पोर्टल पर जारी किया जाए।
  • परीक्षा कैलेंडर का कड़ाई से पालन: भर्ती प्रक्रियाओं में सालों से हो रही देरी और अनिश्चितता को समाप्त करने के लिए एक सख्त समय सीमा वाला परीक्षा कैलेंडर लागू किया जाए।

आंदोलन के प्रमुख चेहरे और नेतृत्व

दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन को मुख्य रूप से कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके सहयोगी छात्र नेताओं ने नेतृत्व प्रदान किया। इस आंदोलन को सबसे बड़ी नैतिक और वैचारिक ताकत पर्यावरणविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिली, जिन्होंने युवाओं के समर्थन में 26 दिनों तक अनशन और सत्याग्रह कर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।

वहीं दूसरी ओर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी सत्याग्रह का मुख्य चेहरा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो बनकर उभरे हैं, जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन की शुरुआत की थी। हाल ही में सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के साथ वीडियो कॉल पर हुई विस्तृत बातचीत और समर्थन के आश्वासन के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने अपना निर्जल उपवास समाप्त किया, यद्यपि उनका सत्याग्रह अब भी जारी है। इस राज्यस्तरीय आंदोलन की कमान मनोज यादव, योगेश चंद्र भारती, रियाज अहमद और त्रिलोचन महतो समेत 7 प्रमुख छात्र नेता संभाल रहे हैं।

दोनों आंदोलनों की समानताएं और अंतर

दोनों आंदोलनों के स्वरूप का विश्लेषण करने पर कई समानताएं और मूलभूत अंतर दिखाई देते हैं। समानताओं की बात करें तो दोनों ही आंदोलनों ने अपनी बात शासन तक पहुंचाने के लिए भूख हड़ताल, मशाल जुलूस और अहिंसक सत्याग्रह का मार्ग चुना है। इसके अलावा सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी की टीम के सीधे जुड़ाव ने दिल्ली और रांची के इन दोनों मंचों को आपस में जोड़ दिया है। दोनों ही स्थानों पर युवाओं की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि वर्षों की मेहनत के बाद भी सरकारी एजेंसियां निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से परीक्षा आयोजित कराने में असफल रही हैं।

हालांकि दोनों के कार्यक्षेत्र और मांगों के स्वरूप में स्पष्ट भिन्नता है। कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं जैसे नीट और केंद्रीय नीतियों तक सीमित था, जबकि झारखंड का आंदोलन राज्य स्तरीय आयोगों और स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसरों से संबंधित है। इसके अतिरिक्त जहां दिल्ली का आंदोलन नैतिक जिम्मेदारी, इस्तीफे और नीतिगत सुधारों पर जोर देता है, वहीं झारखंड के अभ्यर्थी धांधली में शामिल दोषी एजेंसियों और अधिकारियों पर आपराधिक मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की सीधी कार्रवाई चाहते हैं।

सवाल-जवाब

रांची में प्रतियोगी छात्र किस बात को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं?
छात्र 14वीं JPSC PT परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं और JSSC CGL भर्ती में देरी व गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
रांची आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक की क्या भूमिका है?
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शन करने के बाद रांची के आंदोलनकारी छात्रों को अपना समर्थन दिया है।
झारखंड के छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द की जाए, एजेंसियों की CBI और ED से जांच कराई जाए तथा OMR शीट सार्वजनिक की जाएं।
रांची आंदोलन की अगुवाई कौन से छात्र नेता कर रहे हैं?
इस आंदोलन की कमान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, मनोज यादव, योगेश चंद्र भारती, रियाज अहमद और त्रिलोचन महतो समेत 7 प्रमुख चेहरे संभाल रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR