परीक्षा की तारीख पर कोई बदलाव नहीं
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने दोटूक जवाब दे दिया है। NEET UG 2026 की परीक्षा 21 जून को तय समय पर ही होगी, इसमें कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। NTA ने यह भी साफ किया है कि सोशल मीडिया पर परीक्षा टलने को लेकर जो भी दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
YouTube, Telegram और X पर झूठी खबरों से रहें दूर
जब भी कोई बड़ी परीक्षा नजदीक आती है, YouTube, Telegram और X (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर गलत सूचनाओं का तूफान आ जाता है। कोई पेपर लीक का दावा करता है तो कोई नई तारीखों की झूठी अटकलें फैलाता है। NTA ने छात्रों से अपील की है कि इस डिजिटल शोरगुल से खुद को पूरी तरह दूर रखें और मानसिक शांति बनाए रखें। जब भी कोई अपडेट की जरूरत हो, NTA की ऑफिशियल वेबसाइट ही एकमात्र भरोसेमंद जगह है।
परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए फूलप्रूफ प्लान
इस बार NTA ने परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है। केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक मजबूत और फूलप्रूफ प्लान तैयार किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी चेकिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।
धांधली और नकल पर होगी कड़ी कार्रवाई
NTA और सरकार का एकमात्र एजेंडा मेहनती और ईमानदार उम्मीदवारों के भविष्य की हिफाजत करना है। परीक्षा के दौरान नकल, धांधली या किसी अनुचित साधन का सहारा लेने वालों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरी व्यवस्था इतनी मजबूत बनाई गई है कि कोई गलत तत्व इसे कमजोर नहीं कर पाएगा।
एक-दो साल की मेहनत पर रखें भरोसा
जो छात्र पिछले एक या दो सालों से फिजिक्स के फॉर्मूले, केमिस्ट्री के रिएक्शंस और बायोलॉजी के डायग्राम्स को रट रहे हैं, उन्हें आखिरी वक्त में यह नहीं सोचना चाहिए कि सब कुछ भूल गए। परीक्षा से पहले ऐसा महसूस होना बेहद स्वाभाविक है, यह इंसानी फितरत है। जैसे ही सवाल सामने आएंगे, दिमाग खुद ही सही जवाब ढूंढ निकालेगा।
परेशान हों तो MANAS हेल्पलाइन से लें मदद
अगर परीक्षा का तनाव बहुत ज्यादा हो जाए और घबराहट हद से बढ़ जाए तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। सरकार की मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन MANAS चौबीसों घंटे उपलब्ध है और इसका नंबर है 14416। इस पर कॉल करके छात्र प्रशिक्षित एक्सपर्ट्स से बात कर सकते हैं और अपना डर व तनाव साझा कर सकते हैं। मदद मांगना कमजोरी नहीं, यह समझदारी की निशानी है।
पेरेंट्स: बच्चों का हौसला बनें, बोझ नहीं
इस नाजुक दौर में माता-पिता की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। बच्चों पर अच्छे नंबर लाने या कटऑफ क्लियर करने का मानसिक दबाव न बनाएं। उनसे खुलकर बात करें और समझाएं कि यह परीक्षा जिंदगी का एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। थोड़ा सा प्यार, हौसला और सकारात्मक रवैया बच्चे का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा सकता है और परीक्षा हॉल में उसे शांत रख सकता है।













