राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी और भारतीय सेना के पूर्व मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने अपने जीवन की एक बिल्कुल नई और अप्रत्याशित दिशा चुनी है। तीस वर्ष की उम्र में सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति (PMR) लेकर चर्चा बटोरने वाले सांब्याल अब ग्लैमर और फैशन उद्योग में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपने सख्त अनुशासन और प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व सैन्य अधिकारी ने सीधे तौर पर फैशन और स्ट्रीटवियर की दुनिया का रुख किया है।
लग्जरी स्ट्रीटवियर ब्रांड के साथ साझेदारी
प्रशंसकों के बीच व्यापक पहचान रखने वाले ऋषभ सिंह सांब्याल ने मुंबई आधारित लोकप्रिय लग्जरी स्ट्रीटवियर ब्रांड बॉन्कर्स कॉर्नर के साथ हाथ मिलाया है। इस ब्रांड के ऑनलाइन मंचों और सोशल मीडिया हैंडल्स पर ‘MAJ RISHABH (RETD.) X BONKERS’ नाम से एक विशेष कलेक्शन प्रस्तुत किया गया है। इस अभियान में चौबीस वर्षीय अभिनेत्री और ब्रांड एंबेसडर अनुष्का सेन के साथ उनकी तस्वीरें और प्रचार वीडियो सामने आए हैं, जो इंटरनेट पर खासी चर्चा बटोर रहे हैं।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से पैरा स्पेशल फोर्सेज तक का सफर
ऋषभ सिंह सांब्याल जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के एक डोगरा राजपूत सैन्य घराने से ताल्लुक रखते हैं। वर्ष 2013 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत वे भारतीय सेना का हिस्सा बने। सेना में लगभग बारह वर्षों की अपनी सेवा के दौरान वे जाट रेजिमेंट में तैनात रहे। वर्ष 2021 के गणतंत्र दिवस समारोह में उन्होंने ‘बेस्ट मार्चिंग कंटिंजेंट’ का नेतृत्व किया था।
इसके बाद वे सेना की विशेष इकाई ‘4 पैरा स्पेशल फोर्सेज’ (डैगर्स) का अंग बने, जहां उन्होंने विशिष्ट ‘बलिदान बैज’ प्राप्त किया। मार्च 2023 में उन्हें भारत की राष्ट्रपति के एडीसी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, घरेलू और पारिवारिक दायित्वों के कारण उन्होंने सेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने का निर्णय किया।
अभियान का संदेश और अन्य चेहरे
वर्दी त्यागने के बाद ऋषभ सिंह सांब्याल ने डिजिटल कंटेंट निर्माण और प्रेरक व्याख्यान के क्षेत्र में सक्रियता दिखाई। बॉन्कर्स कॉर्नर के ताजा विज्ञापन अभियान में वे केवल अनुष्का सेन के साथ ही नहीं, बल्कि शार्क टैंक फेम नमिता थापर और ब्रांड के संस्थापक शुभम गुप्ता के साथ भी दिखाई दे रहे हैं।
इस पूरे प्रचार अभियान की मूल थीम ‘कमाई का फल, उधार का नहीं’ रखी गई है, जो नकल और फर्जी उत्पादों के स्थान पर वास्तविक श्रम तथा उपलब्धि के महत्व पर बल देती है। इस फोटोशूट में सांब्याल का अनुशासित अंदाज और शैली देखकर सोशल मीडिया पर प्रशंसक उन्हें सिनेमा जगत में भी प्रयास करने के सुझाव दे रहे हैं।
अनुशासन और आधुनिक शैली का अनूठा मेल
विशेष सैन्य बलों का सख्त रवैया और युवाओं की समकालीन शैली का यह संगम भारतीय स्ट्रीटवियर बाजार में एक भिन्न प्रयोग प्रस्तुत करता है। शार्क टैंक इंडिया के जरिए पहचान और निवेश पाने वाला बॉन्कर्स कॉर्नर समसामयिक चेहरों को अपने अभियानों का हिस्सा बनाता रहा है। एक अनुशासित पूर्व सैन्य अधिकारी को ब्रांड के साथ जोड़ने का यह प्रयास युवा वर्ग को आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है।



















