राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित पुष्कर अपने प्राकृतिक सौंदर्य और गहरी आध्यात्मिक पहचान के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है. यहां स्थित पवित्र पुष्कर सरोवर के चारों ओर कुल 52 घाट बने हुए हैं, जो तीर्थयात्रियों और घूमने आने वाले सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहते हैं. इन्हीं प्रमुख घाटों में शामिल जयपुर घाट अपने पुराने ऐतिहासिक महत्व, शांत परिवेश और सरोवर के विहंगम दृश्यों के कारण अपनी अलग पहचान बनाए हुए है. धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय साबित हो रहा है, जहां लोग सरोवर के शांत जल और आसपास बने देवालयों के बीच सुकून भरे पल बिताने पहुंचते हैं.
भक्ति भाव और विदेशी सैलानियों की पसंदीदा जगह
जयपुर घाट पर सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रहती है. श्रद्धालु यहां सरोवर के दर्शन लाभ लेने और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के लिए हाजिरी लगाते हैं. घाट का शांत और स्वच्छ वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है. इस जगह की सबसे खास बात यह है कि यहां भारतीय श्रद्धालुओं के अलावा भारी तादाद में विदेशी सैलानी भी आते हैं. वे घाट की सीढ़ियों पर बैठकर प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते हैं और अपने कैमरों से यहां की वादियों व सरोवर की खूबसूरत तस्वीरें खींचते दिखाई देते हैं.
वार्षिक मेले के दौरान उमड़ता है सैलानियों का सैलाब
पुष्कर में हर साल आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले के समय इस घाट का माहौल और भी ज्यादा जीवंत हो उठता है. देश और दुनिया के कोने-कोने से आने वाले यात्री पुष्कर सरोवर के मनमोहक दृश्यों और यहां के शांत वातावरण में समय बिताने के लिए जयपुर घाट का रुख करते हैं. मेले के दौरान खासकर विदेशी आगंतुकों का बड़ा जमावड़ा यहां देखने को मिलता है. इस बार इस अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले की शुरुआत 10 नवंबर से होने जा रही है, जिसको लेकर तैयारियां जोरों पर हैं.
शाम के समय रेस्टोरेंट और कैफे में जमती है महफिल
जयपुर घाट के आसपास संचालित होने वाले कैफे और रेस्टोरेंट भी यहां आने वाले मुसाफिरों के आकर्षण का बड़ा केंद्र हैं. दिन ढलते ही शाम के वक्त इन खान-पान के ठिकानों पर पर्यटकों की खासी भीड़ जुट जाती है. लोग कैफे की बालकनियों या रूफटॉप पर बैठकर गरमा-गरम चाय, कॉफी और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेते हुए पुष्कर सरोवर के बदलते रंगों को निहारते हैं. दिन के मुकाबले शाम के वक्त ढलते सूरज और जलती रोशनियों के बीच यहां का नजारा बेहद दर्शनीय और सम्मोहक बन जाता है.


















