अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव अचानक काफी तेज हो गया है। हालिया कारोबारी सत्र में USD/CHF जोड़ी 0.80% की भारी गिरावट के साथ 0.8184 पर बंद हुई। कारोबार के दौरान यह जोड़ी फिसलकर 0.8174 के निचले स्तर तक चली गई थी। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) के विश्लेषक क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के अनुसार, इस तेज गिरावट के बाद तकनीकी मोर्चे पर नीचे की ओर गति काफी बढ़ गई है, जिससे आने वाले दिनों में यह जोड़ी 0.8165 और संभवतः 0.8140 के सपोर्ट स्तरों का परीक्षण कर सकती है।
डॉलर और स्विस फ्रैंक का तकनीकी ढांचा
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर को जब यह जोड़ी 0.8240 के स्तर पर थी, तब एक मामूली नकारात्मक रुख के साथ इसके 0.8190 से 0.8290 के दायरे में सीमित रहने का अनुमान था। इससे पहले शुक्रवार को डॉलर 0.8191 के निचले स्तर तक गिरने के बाद संभलकर 0.8250 पर बंद हुआ था। शुरुआती आकलन में गति संकेतकों के सपाट होने की वजह से 0.8225 से 0.8270 के दायरे में सीमित कारोबार की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन बाजार में अचानक आई तेज बिकवाली ने इसे 0.8174 तक धकेल दिया।
अगले 24 घंटों के परिप्रेक्ष्य में तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर 0.8165 के बड़े सपोर्ट को तोड़ सकता है। हालांकि, बाजार में अत्यधिक बिकवाली यानी ओवरसोल्ड परिस्थितियां हावी होने के कारण डॉलर के लिए 0.8165 के नीचे टिके रहना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि यह स्तर टूटता भी है, तो 0.8140 का अगला सपोर्ट तत्काल सामने आने की संभावना कम है। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ डॉलर को 0.8200 पर पहला प्रतिरोध और उसके बाद 0.8220 पर अगला प्रतिरोध झेलना पड़ेगा। एक से तीन सप्ताह के मध्यम नजरिए से देखें तो गिरावट की गति तेज बनी हुई है। इस मंदी के रुझान को बरकरार रखने के लिए डॉलर का 0.8255 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से नीचे बने रहना अनिवार्य होगा।
ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक का फैसला और AUD/USD पर दबाव
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी महत्वपूर्ण फेरबदल देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह नरमी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बहुप्रतीक्षित वृद्धि किए जाने के तुरंत बाद आई। केंद्रीय बैंक का यह निर्णय पूरी तरह सर्वसम्मत नहीं था, क्योंकि बोर्ड के तीन सदस्यों ने नीतिगत दरों को 4.60% पर ही स्थिर रखने के पक्ष में मत दिया। इस आंतरिक असहमति ने भविष्य में नीतिगत दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों को काफी हद तक ठंडा कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर को मिले मामूली समर्थन ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव और बढ़ा दिया।
येन में सीमित बढ़त और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का असर
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) मंगलवार के एशियाई सत्र में फिसलकर 158.00 के पिछले स्तर से थोड़ा नीचे आ गया। ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदों और अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण डॉलर पर दबाव देखा गया। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप के संभावित जोखिमों ने येन को नीचे से सहारा दिया है। दूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगली दर वृद्धि के सटीक समय को लेकर बनी अनिश्चितता ने येन की बढ़त को भी सीमित कर रखा है। इन दोनों कारकों के बीच USD/JPY जोड़ी एक तय दायरे में फंसी हुई है, जिससे व्यापारी कोई भी एकतरफा दांव लगाने से बच रहे हैं।
सोने में बिकवाली और मजबूत विनिर्माण आंकड़े
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी का रुख बना रहा। पीली धातु एशियाई सत्र में $3,950 प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गई, जिससे पिछले सप्ताह दर्ज किए गए एक साल के निचले स्तर से उबरने की कोशिशें धीमी पड़ गईं। सोने पर यह दबाव अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के मजबूत आने से बना है। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र में अक्टूबर के दौरान लगातार 10वें महीने विस्तार दर्ज किया गया। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) का मैन्युफैक्चरिंग PMI अक्टूबर में बढ़कर 55.5 पर पहुंच गया, जो पिछले महीने 54.5 था और आम बाजार अनुमानों से अधिक रहा। इस आंकड़े ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीति को सख्त बनाए रखने की संभावनाओं को हवा दी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार आने से ब्याज न देने वाले सोने में नई बिकवाली देखी जा रही है।
क्रिप्टो बाजार में कार्डानो की कमजोरी
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में कार्डानो (ADA) में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को एक अहम सपोर्ट दायरा गंवाने के बाद मंगलवार को कार्डानो $0.189 से नीचे कारोबार करता दिखा। डेरिवेटिव बाजार के मिले-जुले रुझान और ऑन-चेन संकेतकों में सतर्कता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है। तकनीकी संकेतकों में कमजोरी यह दर्शा रही है कि आने वाले सत्रों में ADA के लिए गिरावट का जोखिम बना रह सकता है।
अमेरिकी राजनीति में बड़ा दांव
इन सभी वित्तीय गतिविधियों के बीच अमेरिका मंगलवार को मध्यावधि चुनावों में मतदान के लिए आगे बढ़ रहा है। इस चुनाव में सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर मुकाबला है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खाली की गई सीटों को भरने के लिए फ्लोरिडा और ओहियो में विशेष चुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन चुनावी नतीजों पर वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें टिकी हुई हैं।


















