जन्माष्टमी के त्योहार को लेकर कोडरमा के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों के बीच बाजारों में लड्डू गोपाल के परिधान, झूले और पूजा सामग्रियों की खरीदारी तेजी से हो रही है। इस पावान अवसर पर भगवान कृष्ण के प्रिय भोग माखन की मांग भी चरम पर पहुंच जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को माखन का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी महत्ता को ध्यान में रखते हुए कोडरमा के रामेश्वरम होटल के समीप स्थित यादव ऑर्गेनिक देसी घी काउंटर पर पारंपरिक बिलोना तकनीक से बना शुद्ध मक्खन श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। काउंटर के संचालक मनोज यादव ने लोगों को बाजार में मक्खन उपलब्ध कराने के साथ-साथ इसे घर पर ही आसानी से तैयार करने की विधि भी साझा की है।
जन्माष्टमी पर माखन का धार्मिक महत्व और बाजार की स्थिति
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में माखन का विशेष स्थान रहा है। यही वजह है कि जन्माष्टमी पूजन के दौरान मक्खन का भोग लगाना अनिवार्य माना जाता है। पर्व के दिनों में सामान्य दिनों के मुकाबले मक्खन की बिक्री में भारी उछाल आता है। अचानक मांग बढ़ने के कारण कई बार स्थानीय बाजारों में मक्खन की कमी हो जाती है और दुकानें आउट ऑफ स्टॉक हो जाती हैं। इसके अलावा, त्योहार के दौरान बाजार में मिलने वाले डेयरी उत्पादों की शुद्धता को लेकर भी लोगों के मन में शंकाएं बनी रहती हैं। ऐसी स्थिति में घर पर पारंपरिक तरीके से मक्खन तैयार करना श्रद्धालुओं के लिए एक बेहतरीन और भरोसेमंद विकल्प साबित हो रहा है।
बिना मशीन के घर पर शुद्ध मक्खन बनाने की पूरी प्रक्रिया
यादव ऑर्गेनिक देसी घी काउंटर के संचालक मनोज यादव के अनुसार, घर में बिना किसी जटिल प्रक्रिया या महंगी मशीन के शुद्ध मक्खन तैयार किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले रोजाना दूध से निकलने वाली मलाई को एकत्र कर एक स्वच्छ बर्तन में रख लें। इस एकत्र की गई मलाई को रातभर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अगली सुबह मलाई में कुछ बर्फ के टुकड़े मिलाएं और पारंपरिक बिलोना की मदद से उसे धीरे-धीरे मथना शुरू करें। मथने के दौरान धीरे-धीरे मक्खन मलाई से अलग होने लगता है और बर्तन में ऊपर तैरने लगता है, जबकि पानी नीचे बैठ जाता है। जब पूरा मक्खन ऊपर एकत्र हो जाए, तो उसे साफ हाथ या चम्मच की सहायता से निकाल लें।
भंडारण के आसान उपाय और रखरखाव की अवधि
घरेलू विधि से तैयार इस मक्खन को लंबे समय तक सुरक्षित और ताजा रखा जा सकता है। मनोज यादव ने बताया कि मक्खन तैयार होने के बाद उसे एक साफ और एयरटाइट डिब्बे में रख देना चाहिए। इसके बाद डिब्बे को फ्रिज में सही तापमान पर स्टोर करें। यदि स्वच्छता और उचित तापमान का सही ध्यान रखा जाए, तो यह घर का बना मक्खन लगभग 15 दिनों तक पूरी तरह सुरक्षित और खाने योग्य बना रहता है। जन्माष्टमी के अवसर पर इस तरह तैयार किया गया ताजा मक्खन भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित करने के लिए एकदम सही रहता है।
कोडरमा में बिलोना मक्खन बना आकर्षण का केंद्र
कोडरमा शहर के रामेश्वरम होटल के पास स्थित काउंटर पर पारंपरिक बिलोना तकनीक से तैयार मक्खन श्रद्धालुओं के बीच खासे आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पर्व की तैयारियों के बीच लोग जहां एक ओर तैयार मक्खन की खरीदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनोज यादव द्वारा बताई गई आसान विधि से अपने घरों में ही शुद्ध मक्खन बनाने के प्रति भी काफी रुचि दिखा रहे हैं। इस पहल से त्योहार के दौरान मिलावट रहित और शुद्ध सामग्री से पूजा संपन्न कराने में लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।



















