करवा चौथ का पावन पर्व पंजाब और हरियाणा में पूरे पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं। शाम के समय करवा माता की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं की निगाहें आसमान में चंद्रदेव के दीदार पर टिकी रहती हैं। चंद्र दर्शन और अर्घ्य अर्पण के साथ ही यह कठिन व्रत पूर्ण होता है, जिसके चलते दोनों राज्यों के विभिन्न शहरों में चंद्रोदय के समय को लेकर खासी उत्सुकता देखी जा रही है।
हरियाणा के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय
हरियाणा के अलग-अलग जिलों में भौगोलिक स्थिति के अनुसार चंद्रोदय के समय में हल्का अंतर देखने को मिलता है। पंचांग गणनाओं के आधार पर गुड़गांव में चंद्रोदय का संभावित समय रात करीब 8:18 बजे रहने का अनुमान है। वहीं फरीदाबाद और सोनीपत जैसे एनसीआर क्षेत्र के निकटवर्ती शहरों में भी इसके आसपास ही चांद नजर आने की संभावना है। स्थानीय मौसम, आसमान में छाए घने काले बादलों अथवा वायु प्रदूषण की परत की वजह से वास्तविक रूप से चांद दिखने में 10 से 15 मिनट का अतिरिक्त विलंब भी हो सकता है।
पंजाब और साझा राजधानी चंडीगढ़ में समय सारिणी
पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़ में रात करीब 8:12 बजे से 8:17 बजे के बीच चांद निकलने का अनुमान लगाया गया है। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों जैसे अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी इसी समय अंतराल के आसपास चंद्र दर्शन होने की उम्मीद है। आमतौर पर पश्चिमी हिस्सों की तुलना में पूर्वी क्षेत्रों में चांद कुछ मिनट पहले दिखाई देता है। महिलाएं पूजा की थाली तैयार रखकर चंद्र दर्शन के तुरंत बाद जल अर्पित कर अपने व्रत का पारण करती हैं।





















