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बारिश के मौसम में माउंट आबू की गलियों में मिलता है कढ़ी पकोड़ा से लेकर रबड़ी तक का देसी जायकाखानपान
7 जुल॰ 2026, 7:13 am (115 दिन पहले)· 3

बारिश के मौसम में माउंट आबू की गलियों में मिलता है कढ़ी पकोड़ा से लेकर रबड़ी तक का देसी जायका

मानसून में राजस्थान के माउंट आबू घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यहां का लोकल स्ट्रीट फूड किसी आकर्षण से कम नहीं, कढ़ी पकोड़ा, ग्रिल वड़ा पाव, दाल बाटी चूरमा और लच्छेदार रबड़ी जैसी डिशेज हर बाइट में असली देसी जायका देती हैं।

मानसून में राजस्थान के पर्यटन स्थलों में माउंट आबू सबसे ज्यादा भीड़ खींचता है, और यहां आने वाले सैलानी सिर्फ नक्की झील या गुरुशिखर की खूबसूरती के लिए नहीं आते, बल्कि यहां की गलियों में बिकने वाले जायकेदार स्ट्रीट फूड के लिए भी आते हैं। बारिश के मौसम में राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और देश के दूसरे हिस्सों से पहुंचने वाले पर्यटक यहां के लोकल स्वाद चखने के लिए खासतौर पर रुकते हैं। आइए जानते हैं माउंट आबू और आबूरोड इलाके के वो मशहूर स्ट्रीट फूड जिनका स्वाद लिए बिना यहां की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

कढ़ी पकोड़ा नाश्ते का जायका

माउंट आबू और आबूरोड रेलवे स्टेशन के आसपास का इलाका स्ट्रीट फूड के शौकीनों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। रेलवे स्टेशन के नजदीक मुख्य बाजार में मौजूद नारायण नाश्ता सेंटर की पहचान यहां के कढ़ी पकोड़ा नाश्ते से होती है। यहां बेसन और पालक से बने पकोड़ों को बेसन की गाढ़ी कढ़ी के साथ परोसा जाता है। इसका क्रिस्पी टेक्सचर और तीखा स्वाद टूरिस्ट्स को इतना पसंद आता है कि सुबह के नाश्ते में यहां अक्सर भीड़ लगी रहती है।

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मुंबई वाला वड़ापाव, माउंट आबू के अंदाज में

मानसून में नक्की झील और गुरुशिखर की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक और चीज खूब बिकती है, और वो है ग्रिल वड़ा पाव। यह मुंबई के मशहूर वड़ापाव का ही एक नया रूप है, बस फर्क इतना है कि इसे ग्रिल करके परोसा जाता है, जिससे यह सामान्य वड़ापाव के मुकाबले ज्यादा क्रिस्पी बन जाता है। भवानी वड़ापाव समेत यहां की कई नाश्ते की दुकानें इस खास डिश के लिए जानी जाती हैं। यहां आने वाले ज्यादातर पर्यटक इस बड़ा पाव का स्वाद जरूर लेते हैं, वो भी बेहद वाजिब दाम में।

राजस्थानी दाल बाटी चूरमा का असली स्वाद

दाल बाटी और चूरमा को सिर्फ स्ट्रीट फूड नहीं कहा जा सकता, यह राजस्थान की सबसे पसंदीदा पारंपरिक डिश है। माउंट आबू में इसका ऑथेंटिक स्वाद चखना हो तो जोधपुर भोजनालय की दाल बाटी सबसे मशहूर मानी जाती है। बारिश के मौसम में इस डिश की मांग और बढ़ जाती है। जोधपुर भोजनालय में रोजाना इस पारंपरिक राजस्थानी थाली का लुत्फ उठाने के लिए लोगों की अच्छी खासी भीड़ जुटती है।

लच्छेदार रबड़ी की मिठास

माउंट आबू की पहचान बनी मिठाइयों में लच्छेदार रबड़ी का नाम सबसे ऊपर आता है। आबूरोड रेलवे स्टेशन के पास दयाल रबड़ी और सांवल रबड़ी की दुकानें इसके लिए मशहूर हैं, तो वहीं माउंट आबू में पंडित जी की रबड़ी की दुकान भी काफी लोकप्रिय है। यहां आकर पर्यटक आबू की असली, गाढ़ी और मलाईदार रबड़ी का स्वाद ले सकते हैं। पंडित जी की रबड़ी अपने खास स्वाद की वजह से अलग पहचान रखती है, और यही वजह है कि यहां रबड़ी की बिक्री हमेशा जबरदस्त रहती है।

सिर्फ खूबसूरती नहीं, स्वाद भी है माउंट आबू की पहचान

माउंट आबू सिर्फ अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए नहीं जाना जाता, बल्कि यहां का स्वादिष्ट लोकल स्ट्रीट फूड भी उतना ही बड़ा आकर्षण है। एक जानी मानी पर्यटन नगरी होने की वजह से यहां खान-पान में लगातार नई वैरायटी देखने को मिलती है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय व्यंजनों का पारंपरिक और ऑथेंटिक स्वाद पूरी तरह बरकरार रहता है। यही कारण है कि यहां घूमने आने वाले पर्यटक इन स्ट्रीट फूड का स्वाद चखे बिना अपनी यात्रा को अधूरा मानते हैं।

सवाल-जवाब

माउंट आबू में मानसून के दौरान सबसे मशहूर नाश्ता कौन सा है?
नारायण नाश्ता सेंटर का कढ़ी पकोड़ा नाश्ता यहां का सबसे मशहूर मानसून नाश्ता माना जाता है।
ग्रिल वड़ा पाव कहां मिलता है?
नक्की झील और गुरुशिखर मार्ग पर भवानी वड़ापाव समेत कई दुकानों पर ग्रिल वड़ा पाव मिलता है।
माउंट आबू में असली दाल बाटी चूरमा कहां मिलेगी?
जोधपुर भोजनालय की दाल बाटी अपने ऑथेंटिक स्वाद के लिए सबसे मशहूर मानी जाती है।
माउंट आबू की मशहूर रबड़ी कहां मिलती है?
आबूरोड रेलवे स्टेशन के पास दयाल रबड़ी और सांवल रबड़ी की दुकानें फेमस हैं, जबकि माउंट आबू में पंडित जी की रबड़ी काफी लोकप्रिय है।
मानसून में माउंट आबू सबसे ज्यादा किन राज्यों के पर्यटकों को खींचता है?
राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों से पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
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