मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 (217) के डालू से बाघमारा हिस्से पर अब तक निर्माण कार्य शुरू न होने को लेकर स्थानीय संगठनों में गहरा आक्रोश फैल गया है। इस देरी के विरोध में फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल (FKJGP) गारो हिल्स जोन ने तीखी नाराजगी जताई है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
सड़क निर्माण और पुरानी मांगें
फेडरेशन ऑफ खासी जयंतिया एंड गारो पीपल के अध्यक्ष प्रीतम अरेग ने जानकारी दी कि इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर अभी तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है, जिसे दक्षिण गारो हिल्स की जीवन रेखा माना जाता है। यह मार्ग यहां के व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा के जनजीवन के लिए बेहद आवश्यक है। प्रीतम अरेग के अनुसार, बाघमारा क्षेत्र के गैर-सरकारी संगठनों और नागरिक समाज समूहों ने इस सड़क के निर्माण के लिए लंबे समय से नाइट ब्लॉकड, रैलियों और एनएचआईडीसीएल तथा राज्य लोक निर्माण विभाग को कई ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं।
आंदोलन की चेतावनी और सरकारी रुख
अरेग का कहना है कि इन तमाम प्रयासों के बावजूद अधिकारियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। लगातार प्रशासनिक उदासीनता को देखते हुए विभिन्न एनजीओ ने 28 अक्टूबर से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस बीच, संगठन ने मेघालय सरकार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, एनएचआईडीसीएल और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर को जल्द पूरा करें, वन और पर्यावरण संबंधी मंजूरियां लें, युद्धस्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करें और बिना किसी और देरी के धरातल पर काम शुरू करवाएं। संगठन ने मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की भी अपील की है और कहा है कि बेहतर सड़क संपर्क कोई विलासिता नहीं बल्कि एक बुनियादी संवैधानिक अधिकार है, जो इस दूरदराज के सीमावर्ती जिले में शांति, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
प्रशासनिक प्रतिबंध और धारा 163
दूसरी ओर, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पीआर मारक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नेशनल हाईवे-62 बाघमारा को तुरा, शिलांग और राज्य के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार का चक्का जाम या नाकाबंदी करने से आवश्यक सेवाओं, आपातकालीन वाहनों और दैनिक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होगी जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
नियमों का उल्लंघन और छूट के प्रावधान
जारी किए गए आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, नेशनल हाईवे-62 या किसी भी सार्वजनिक सड़क को अवरुद्ध करने, लाठी, पत्थर या घातक हथियार ले जाने, तथा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और नारेबाजी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे शांति भंग होने की आशंका हो। हालांकि, एंबुलेंस, दमकल सेवाओं, सुरक्षा बलों, मजिस्ट्रेटों और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान किया गया है, जिसके संबंध में हाईलैंड पोस्ट की एक रिपोर्ट में भी जानकारी दी गई है।





















