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राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ के असर से झमाझम बारिशराजस्थान
29 अक्तू॰ 2026, 11:48 pm (50 मिनट पहले)· 2

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ के असर से झमाझम बारिश

राजस्थान के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से जयपुर सहित पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसका असर अगले 48 घंटों तक रहने का अनुमान है।

राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान के तमाम इलाकों में आसमान बादलों से घिरा हुआ है और लगातार हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव किसी एक स्थानीय कारण से नहीं, बल्कि एक बड़े मौसमी घटनाक्रम का परिणाम है।

अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय प्रदेश के मौसम में जो हलचल देखने को मिल रही है, उसके पीछे दो प्रमुख कारण सक्रिय हैं। पहला कारण ‘अर्नब’ तूफान का असर है और दूसरा एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इन दोनों प्रणालियों के आपस में मिलने से राज्य के वायुमंडल में नमी बढ़ गई है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्वी राजस्थान के बड़े हिस्से में बादलों का डेरा डला हुआ है और बारिश का सिलसिला चल रहा है।

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जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में बारिश का असर

इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर पूर्वी राजस्थान के तीन प्रमुख संभागों यानी जयपुर, भरतपुर और कोटा में दिखाई दे रहा है। राजधानी जयपुर के अधिकांश इलाकों में सुबह से ही धीमी से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश हो रही है। कुछ स्थानों पर केवल हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है, तो वहीं कुछ हिस्सों में बारिश थोड़ी तेज भी हुई है। इस अचानक बदलाव के कारण आम जनजीवन पर भी असर पड़ा है और लोगों को अपने रोजमर्रा के कामों के दौरान इस सुहाने लेकिन गीले मौसम का सामना करना पड़ रहा है।

अगले 48 घंटों तक बना रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग ने जो ताजा पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुताबिक आने वाले समय में भी राहत मिलने की तुरंत उम्मीद नहीं है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों का प्रभाव राज्य में अगले 48 घंटों तक पूरी तरह से बना रह सकता है। इसका मतलब यह है कि आगामी दो दिनों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में आसमान बादलों से ढंका रहेगा और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग के अधिकारी लगातार इस स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते सटीक अपडेट दिए जा सकें।

1 नवंबर से मौसम के साफ होने की उम्मीद

फिलहाल भले ही बादलों की आवाजाही और बारिश का यह दौर लोगों को परेशान कर रहा हो, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जैसे ही यह 48 घंटे की अवधि पूरी होगी, प्रदेश के मौसम में सुधार होना शुरू हो जाएगा। इसके बाद आगामी 1 नवंबर से राज्यभर में मौसम के पूरी तरह से साफ और शुष्क होने के पूरे आसार हैं। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही लोगों को बारिश से निजात मिलने की उम्मीद है और आसमान में खिली हुई धूप नजर आ सकती है।

सवाल-जवाब

राजस्थान में वर्तमान में मौसम में बदलाव का मुख्य कारण क्या है?
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव 'अर्नब' तूफान और एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण हो रहा है।
किन संभागों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की जा रही है?
जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में धीमी से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है।
यह खराब मौसम या बारिश का दौर कब तक जारी रहने की उम्मीद है?
मौसम विभाग का अनुमान है कि इन मौसमी प्रणालियों का असर अगले 48 घंटों तक बना रह सकता है।
मौसम के साफ होने की संभावना कब से है?
प्रदेश में 1 नवंबर के बाद मौसम के पूरी तरह साफ और शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
राजधानी जयपुर में किस प्रकार की बारिश हो रही है?
जयपुर के ज्यादातर इलाकों में धीमी से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी का दौर चल रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·38 मिनट पहले

48 घंटे बाद सब ठीक हो जाएगा — यह अनुमान थोड़ा ज़्यादा पक्का लग रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान अक्सर इतने सटीक नहीं होते, खासकर जब दो अलग-अलग मौसमी तंत्र एक साथ सक्रिय हों।

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

रोहन जी, बात सही है — और सवाल यह है कि जब दोनों तंत्र एक साथ सक्रिय हों तो निचले इलाकों में जलभराव का कितना खतरा है? यह कहीं नहीं बताया गया।

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