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बिहार के मशरख में तैयार पेड़े का विदेश तक बज रहा डंका, सऊदी अरब और कोलकाता तक पहुंच रहा देसी स्वादखानपान
19 अग॰ 2026, 8:23 pm (3 घंटे पहले)· 2

बिहार के मशरख में तैयार पेड़े का विदेश तक बज रहा डंका, सऊदी अरब और कोलकाता तक पहुंच रहा देसी स्वाद

बिहार के छपरा जिले के देवरिया बाजार का देसी पेड़ा अपनी शुद्धता की बदौलत कोलकाता और सऊदी अरब तक मशहूर हो गया है। ₹350 प्रति किलो बिकने वाले इस पेड़े को पारंपरिक भट्ठी पर काजू, पिस्ता और इलायची के साथ तैयार किया जाता है।

बिहार के छपरा जिले में मशरख प्रखंड के तहत आने वाला देवरिया बाजार इन दिनों अपनी एक खास मिठास की वजह से सुर्खियों में है। यहां स्थित एक छोटी सी दुकान पर बनने वाला देसी पेड़ा स्वाद और शुद्धता के मामले में बड़े-बड़े शहरों की मशहूर मिठाइयों को मात दे रहा है। आमतौर पर बंगाली मिठाइयों की चर्चा हर तरफ होती है, लेकिन इस ग्रामीण इलाके में तैयार पेड़े की साख अब न केवल स्थानीय लोगों के बीच है, बल्कि कोलकाता और सऊदी अरब तक फैले प्रवासियों की रसोई तक पहुंच चुकी है।

कोयले की भट्ठी और शुद्ध मावे से बनता है खास स्वाद

इस लोकप्रिय दुकान का संचालन राजकुमार सिंह करते हैं। वे पेड़ा तैयार करने के लिए आसपास के ग्रामीण इलाकों से ही बिल्कुल शुद्ध दूध मंगवाते हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के केमिकल या कृत्रिम मिलावट की सख्त मनाही रहती है। दूध को कोयले की आंच वाली भट्ठी पर कई घंटों तक लगातार चलाया जाता है, जिससे गाढ़ा और शुद्ध खोआ या मावा तैयार होता है। इसके बाद इसमें हल्की चीनी मिलाई जाती है। स्वाद और खुशबू को बढ़ाने के लिए इसमें बारीक कटे काजू, पिस्ता और इलायची का तड़का लगाया जाता है। यही पारंपरिक कारीगरी इस पेड़े को खास पहचान दिलाती है।

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350 रुपये प्रति किलो कीमत और सऊदी अरब तक सप्लाई

राजकुमार सिंह बताते हैं कि उनकी दुकान में मुख्य रूप से पेड़ा और गर्म चाय ही बेची जाती है। इस दुकान पर मिलने वाले पेड़े की कीमत 350 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जबकि एक पीस की कीमत 10 रुपये है। स्वाद इतना बेहतरीन होता है कि एक बार चखने के बाद ग्राहक बार-बार खिंचे चले आते हैं। छपरा के जो लोग रोजी-रोटी के सिलसिले में सऊदी अरब में काम करते हैं या कोलकाता में बस चुके हैं, वे जब भी अपने गांव आते हैं, तो वापस लौटते समय भारी मात्रा में यह पेड़ा पैक करवाकर साथ ले जाना कभी नहीं भूलते।

कोलकाता के मशहूर मिष्ठानों को भी दे रहा सीधी टक्कर

दुकान पर खरीदारी करने आईं स्थानीय ग्राहक लीलावती देवी ने बताया कि उनका पूरा परिवार कोलकाता में रहता है। कोलकाता अपनी तरह-तरह की मिठाइयों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके बावजूद जब भी उनकी बेटी, दामाद या अन्य रिश्तेदार छपरा आते हैं, तो वे यहां से देवरिया बाजार का पेड़ा जरूर मंगवाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार शुद्धता और बिना किसी मिलावट के पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाने की वजह से ही इस पेड़े की साख दूर-दूर तक फैली हुई है।

सवाल-जवाब

छपरा के देवरिया बाजार का पेड़ा क्यों प्रसिद्ध है?
यह पेड़ा बिना किसी मिलावट के शुद्ध दूध, मावे, इलायची, काजू और पिस्ता से कोयले की आंच पर पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है।
देवरिया बाजार के पेड़े की कीमत क्या है?
यह पेड़ा 350 रुपये प्रति किलो या 10 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेचा जाता है।
इस पेड़े की मांग कहां-कहां है?
स्थानीय बाजार के अलावा कोलकाता में बसे प्रवासियों और सऊदी अरब में काम करने वाले बिहार के लोगों में इसकी भारी मांग है।
पेड़ा बनाने वाली इस दुकान के संचालक कौन हैं?
इस दुकान का संचालन राजकुमार सिंह करते हैं, जो छपरा जिले के मशरख प्रखंड स्थित देवरिया बाजार में दुकान चलाते हैं।
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