छोले भारतीय खानपान का एक बेहद लोकप्रिय हिस्सा हैं, जिन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में चाव से खाया जाता है। छोले-भटूरे, छोले-कुलचे, छोले-पूड़ी और छोले-चावल जैसे व्यंजनों का स्वाद हर किसी को पसंद आता है और हर डिश की अपनी एक खास पहचान है। हालांकि, जब इन्हें घर पर पकाया जाता है, तो एक आम चुनौती सामने आती है कि उनका स्वाद तो बेहतरीन होता है, लेकिन वे देखने में उतने गहरे और आकर्षक नहीं लगते जितने ढाबे या हलवाई की दुकान पर मिलते हैं। इस कमी को दूर करने के लिए आम तौर पर लोग छोले उबालते वक्त चायपत्ती की पोटली या चाय का पानी डालते हैं, जिससे छोलों का रंग गहरा हो जाता है।
अनार के छिलके का अचूक इस्तेमाल
अगर आप चायपत्ती के इस्तेमाल से बचना चाहती हैं, तो रसोई में मौजूद एक ऐसी चीज को आजमा सकती हैं जिसे आमतौर पर कचरा समझकर फेंक दिया जाता है। यह चीज है अनार का छिलका। सूखे हुए अनार के छिलके को छोले उबालते समय पानी में डालने से उनकी रंगत को प्राकृतिक रूप से गहरा करने में मदद मिलती है। इस बेहद आसान ट्रिक को अपनाकर आप बिना किसी तरह के कृत्रिम फूड कलर का उपयोग किए अपने छोलों को ज्यादा आकर्षक और सुंदर बना सकती हैं।
छोले उबालने की सही विधि
सबसे पहले छोले को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और उन्हें कुछ घंटों के लिए या फिर पूरी रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद इन भीगे हुए छोलों को कुकर में डालें और इतना पानी मिलाएं कि छोले उसमें अच्छी तरह डूब जाएं। अब इसी पानी में एक साफ और पूरी तरह से सूखा हुआ अनार का छिलका डाल दीजिए। कुकर का ढक्कन बंद करके छोलों को अच्छी तरह गलने तक पकने दें। जब छोले अच्छी तरह पक जाएं, तो कुकर खोलें और अंदर डाले गए अनार के छिलके को बाहर निकालकर फेंक दें। इसके बाद इन उबले हुए छोलों से आप अपनी पसंद की कोई भी स्वादिष्ट सब्जी या ग्रेवी तैयार कर सकती हैं।
किस तरह काम करता है अनार का छिलका
अनार के छिलके के अंदर टैनिन जैसे प्राकृतिक यौगिक यानी नेचुरल कंपाउंड पाए जाते हैं, जो पकने के दौरान पानी के रंग को गहरा करने की क्षमता रखते हैं। जब छोले इसी पानी के साथ उबलते हैं, तो उनकी बाहरी परत पर भी गहरा रंग चढ़ जाता है और वे देखने में काफी सुंदर लगते हैं। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार के आर्टिफिशियल फूड कलर को मिलाने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है और प्राकृतिक तरीका अपनाकर काम हो जाता है।
छिलकों को सुखाने और सुरक्षित रखने का तरीका
जब भी आप अनार खाएं, तो उसके छिलकों को फेंकने के बजाय उन्हें अच्छी तरह धो लें और फिर धूप में सूखने के लिए रख दें। सुखाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनका अतिरिक्त पानी पूरी तरह से निकल गया हो और धूप में वे पूरी तरह से सूख जाएं। जब छिलके पूरी तरह से सूखकर कड़क हो जाएं, तो इन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख लें ताकि वे लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि स्टोर करते समय छिलकों में किसी भी प्रकार की नमी या सीलन बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
मात्रा और पकाने के जरूरी नियम
एक बार छोले बनाने के लिए केवल एक सूखा अनार का छिलका ही पर्याप्त होता है। रंग को बहुत ज्यादा गहरा करने के चक्कर में एक साथ कई सारे छिलके कुकर में डालने से बचना चाहिए। इसके अलावा, जैसे ही छोले पक जाएं, छिलके को कुकर से बाहर निकालना बिलकुल न भूलें। उबले हुए छोलों के लिए प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और अपने पसंद के मसालों का इस्तेमाल करते हुए एक बढ़िया ग्रेवी तैयार करें। इस तैयार ग्रेवी में उबले हुए छोले मिलाएं और कुछ देर तक धीमी आंच पर पकने दें, ताकि मसालों का स्वाद छोलों के अंदर तक अच्छी तरह रच-बस जाए।
सावधानियां और जरूरी बातें
छोले बनाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि स्वाद और सेहत दोनों बरकरार रहें। सबसे पहले तो अनार का छिलका पूरी तरह से साफ और सूखा होना चाहिए। एक बार में केवल एक ही छिलके का प्रयोग करें और पकने के बाद उसे तुरंत हटा दें। कुकर में जरूरत से ज्यादा पानी भरने से बचें। इसके अलावा, छोलों का प्राकृतिक टेक्सचर और रूप बनाए रखने के लिए बेकिंग सोडा या खाने के सोडे के इस्तेमाल से बचें।



















