फिरोजाबाद में रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही मिठाई बाजार में रौनक बढ़ गई है और पारंपरिक सावन की इस मिठाई की मांग आसमान छूने लगी है। सावन के महीने की शुरुआत के साथ ही शहर की प्रसिद्ध दुकानों पर घेवर बनाने का काम जोरों पर शुरू हो जाता है और यह सिलसिला भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार के संपन्न होने तक लगातार चलता रहता है। इस बार स्थानीय निवासियों में घेवर को लेकर खासा क्रेज देखा जा रहा है। शहर के मुख्य इलाके स्टेशन रोड पर स्थित दाऊजी मिष्ठान भंडार में एक या दो नहीं बल्कि पूरे 10 अलग-अलग किस्मों के फ्लेवर में घेवर तैयार किए जा रहे हैं जो ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
विविधता और खास स्वाद
इस प्रतिष्ठान की सबसे बड़ी विशेषता यहां मिलने वाली घेवर की अनूठी वैरायटी है। पारंपरिक सादा घेवर के अलावा यहां स्ट्रॉबेरी, बादाम और केसर जैसे आधुनिक व लोकप्रिय फ्लेवर भी उपलब्ध हैं जो खाने के शौकीनों को खूब भाते हैं। दुकान के संचालकों के अनुसार त्योहारी सीजन यानी रक्षाबंधन के आसपास विभिन्न स्वादों वाले इन उत्पादों की मांग में भारी उछाल दर्ज किया जाता है। घेवर की खुदरा कीमत पूरी तरह से उसके फ्लेवर, सामग्री और प्रकार के आधार पर तय की जाती है ताकि हर वर्ग के ग्राहक की पहुंच इसके तक बनी रहे।
स्टेशन रोड स्थित दुकान पर व्यापक तैयारियां
स्टेशन रोड स्थित दाऊजी मिष्ठान भंडार के संचालक दुर्गेश कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन के मद्देनजर उनकी दुकान पर घेवर निर्माण का काम बहुत पहले से ही आरंभ कर दिया जाता है। उनके अनुसार आम तौर पर बाजारों में केवल दो या तीन सामान्य प्रकार के घेवर ही अधिक नजर आते हैं, लेकिन उनकी रसोई में लगभग 10 अलग फ्लेवर तैयार किए जाते हैं। इनमें बादाम, केसर, स्ट्रॉबेरी और सादे विकल्पों के साथ-साथ कई अन्य प्रीमियम वैरायटी भी शामिल रहती हैं। ग्राहकों की व्यक्तिगत पसंद और डिमांड को ध्यान में रखते हुए फ्लेवर में कस्टमाइजेशन और विशेष ऑर्डर भी स्वीकार किए जाते हैं।
मूल्य सीमा और शेल्फ लाइफ
दुकान पर उपलब्ध घेवर की शुरुआती कीमत लगभग 740 रुपये तय की गई है और जैसे-जैसे फ्लेवर, आकार व क्वालिटी बदलती है, वैसे-वैसे इसका मूल्य भी बढ़ता चला जाता है। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर लोग अपनी पारिवारिक पसंद और बजट के अनुसार इसकी खरीदारी करते हैं। दुर्गेश कुमार का कहना है कि उनकी दुकान पर तैयार किए जाने वाले इन मिष्ठान उत्पादों को सामान्य तापमान और परिस्थितियों में लगभग दो दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। त्योहार के दौरान अचानक बढ़ने वाले दबाव और मांग को पूरा करने के लिए कारीगरों द्वारा पहले से ही पर्याप्त तैयारियां कर ली जाती हैं।
आकर्षण का मुख्य केंद्र 25 हजार रुपये का शाही घेवर
दाऊजी मिष्ठान भंडार का सबसे बड़ा और सबसे अधिक चर्चा का विषय बनने वाला आकर्षण इसका 25 हजार रुपये मूल्य का बेहद खास और प्रीमियम शाही घेवर है। दुकानदार के अनुसार यह उत्पाद सामान्य श्रेणी के किसी भी घेवर से बिल्कुल अलग और भव्य तरीके से बनाया जाता है, जिसके ऊपर शुद्ध सोने की बर्क सजाई जाती है। इस अत्यंत विशिष्ट मिष्ठान को पहले एक निर्धारित कलात्मक आकार में पकाया जाता है और उसके बाद उस पर अत्यंत बारीक सोने की बर्क की परत चढ़ाई जाती है। इसकी कीमत बाजार में 25 हजार रुपये निर्धारित की गई है। दुकान के प्रबंधकों का कहना है कि इस किस्म की मांग मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा वीआईपी ग्राहकों के बीच ही बनी रहती है जो उत्सव को कुछ अलग अंदाज में मनाना पसंद करते हैं।
विशेष ऑर्डर और दूर-दराज के खरीदार
यह 25 हजार रुपये वाला महंगा और स्पेशल घेवर दुकान के काउंटर पर पहले से बनाकर स्टॉक में नहीं रखा जाता है। इसे पूरी तरह से ग्राहक की व्यक्तिगत आवश्यकता, मांग और एडवांस ऑर्डर के आधार पर ही फ्रेश तैयार किया जाता है। इसके लिए खरीदारों को पहले से अपनी बुकिंग दर्ज करानी पड़ती है। त्योहार के दिनों में इस तरह के आलीशान ऑर्डर्स भी दुकान को मिलते हैं, जबकि दूसरी ओर सामान्य फ्लेवर वाले दैनिक उत्पादों की बिक्री भी भारी मात्रा में होती है।
सावन भर उमड़ती है खरीदारों की भीड़
संचालक दुर्गेश कुमार बताते हैं कि सावन मास के पदार्पण के साथ ही पारंपरिक घेवर बनाने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर शुरू हो जाती है। रक्षाबंधन के दिन तक लगातार विभिन्न स्वादों वाले आकर्षक घेवर ग्राहकों के लिए सजाए जाते हैं। शहर के तमाम हिस्सों के अलावा फिरोजाबाद के आसपास के ग्रामीण इलाकों और दूर-दराज के अन्य जिलों से भी लोग विशेष तौर पर यहां का घेवर खरीदने के लिए पहुंचते हैं। यही मुख्य कारण है कि पर्व के आगमन से ठीक पहले दुकान पर उत्पादन क्षमता बढ़ाने और स्टॉक को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं।



















