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कढ़ी का खट्टापन बिगड़ने पर फेंकने की जरूरत नहीं, इन आसान घरेलू उपायों से दोबारा पाएं सही स्वादखानपान
29 अग॰ 2026, 1:00 pm (1 घंटे पहले)· 2

कढ़ी का खट्टापन बिगड़ने पर फेंकने की जरूरत नहीं, इन आसान घरेलू उपायों से दोबारा पाएं सही स्वाद

कढ़ी में दही, नींबू या इमली के कारण खट्टापन बढ़ जाने पर घबराने की जरूरत नहीं है। बेसन के घोल, हल्के गर्म पानी, ताजे दही या थोड़े गुड़-चीनी का सही संतुलन बनाकर आप इसका स्वाद पूरी तरह ठीक कर सकते हैं।

भारतीय रसोई में कढ़ी एक बेहद लोकप्रिय और पसंदीदा व्यंजन मानी जाती है। इसका असली जायका तभी निखरकर आता है जब इसमें खट्टापन, नमक और मसालों का संतुलन एकदम सटीक हो। हालांकि, कई बार खाना बनाते समय दही अत्यधिक खट्टा निकल जाता है या फिर अनजाने में इमली, अमचूर और नींबू जैसे खट्टे घटकों की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में कढ़ी इतनी खट्टी हो जाती है कि उसे खाना मुश्किल लगने लगता है। अधिकांश लोग स्वाद बिगड़ने पर कढ़ी को फेंकने का विचार करने लगते हैं, लेकिन थोड़ी सी समझदारी और आसान किचन ट्रिक्स की मदद से इसके स्वाद को बिल्कुल संतुलित और मजेदार बनाया जा सकता है।

बेसन के घोल का इस्तेमाल कैसे करें?

कढ़ी के तीखे खट्टेपन को दबाने और उसका जायका सुधारने का सबसे असरदार तरीका बेसन का घोल मिलाना है। इसके लिए आपको एक कटोरी में एक से दो चम्मच बेसन लेना होगा और उसमें थोड़ा सा सामान्य पानी डालकर अच्छी तरह फेंटना होगा। ध्यान रखें कि इस घोल में किसी भी प्रकार की गांठें न रहें। जब घोल पूरी तरह स्मूथ हो जाए, तो इसे पक रही कढ़ी में धीरे-धीरे डालें। घोल मिलाने के बाद कढ़ी को धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक पकने दें। बेसन न केवल खट्टेपन को संतुलित करेगा, बल्कि कढ़ी के गाढ़ेपन को भी सही बनाएगा। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि कभी भी सूखा या सूखा बेसन सीधे गर्म कढ़ी में न छिड़कें, ऐसा करने से कढ़ी में गुठलियां बन सकती हैं जिन्हें हटाना काफी कठिन होता है।

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गुनगुने पानी से खट्टापन कम करने का तरीका

अगर आपकी कढ़ी में खट्टापन बहुत अधिक बढ़ गया है और उसका गाढ़ापन भी ज्यादा है, तो उसमें हल्का गर्म पानी मिलाना एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। कढ़ी में थोड़ा गर्म पानी डालकर उसे अच्छी तरह चलाएं, जिससे खट्टेपन का असर तुरंत कम होने लगता है। पानी मिलाने के बाद कढ़ी का नमक और मसालों का स्तर थोड़ा फीका पड़ सकता है, इसलिए स्वाद चखकर नमक और मिर्च को दोबारा व्यवस्थित करें। पानी डालने के बाद कढ़ी को धीमी आंच पर कम से कम 5 से 7 मिनट तक उबलने दें ताकि पानी और कढ़ी के सभी घटक आपस में अच्छी तरह एकसार हो जाएं।

मीठे स्वाद का सही संतुलन: चीनी या गुड़

स्वाद के विज्ञान में खट्टेपन को काटने के लिए मीठे का इस्तेमाल सबसे पुराना और प्रभावी उपाय माना जाता है। कढ़ी के अत्यधिक खट्टेपन को दबाने के लिए आप उसमें थोड़ी मात्रा में चीनी या गुड़ का प्रयोग कर सकते हैं। शुरुआत में केवल आधा से एक छोटा चम्मच चीनी या कद्दूकस किया हुआ गुड़ कढ़ी में डालें और उसे अच्छी तरह मिलाएं। कढ़ी को एक मिनट पकाने के बाद उसका स्वाद चखें। यदि आपको लगता है कि खट्टापन अभी भी दबा नहीं है, तो थोड़ी सी मात्रा और बढ़ाई जा सकती है। उत्तर भारतीय और गुजराती शैली की कढ़ी में हल्का सा मीठापन बेहद पसंद किया जाता है, इसलिए यह तरीका कढ़ी के स्वाद को बढ़ाने में भी मदद करता है। हालांकि, चीनी या गुड़ एक साथ बहुत ज्यादा न डालें, वरना कढ़ी पूरी तरह मीठी हो जाएगी।

ताजे दही का उपयोग और सावधानी

यदि कढ़ी में खट्टापन किसी तीखे खट्टे तत्व के कारण बहुत बढ़ गया है, तो आप उसमें एकदम ताजा और बिना खट्टा दही मिला सकते हैं। इसके लिए थोड़े से ताजे दही को एक अलग बर्तन में लेकर अच्छी तरह फेंट लें ताकि वह पूरी तरह चिकना हो जाए। अब कढ़ी की आंच को एकदम धीमा करें और फेंटे हुए दही को धीरे-धीरे कढ़ी में डालते हुए लगातार चलाते रहें। अगर आप तेज आंच पर दही डालेंगे या चलाना छोड़ देंगे, तो दही फट सकता है और कढ़ी की बनावट खराब हो सकती है। दही मिलाने के बाद कढ़ी को धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट पकाना बेहद जरूरी होता है।

अलग से पका हुआ बेसन का मिश्रण मिलाना

कभी-कभी कढ़ी काफी देर तक पक चुकी होती है और उसमें खट्टापन अत्यधिक तीखा हो जाता है। ऐसे में कढ़ी में सीधे कच्चा बेसन घोलकर डालने पर बेसन के कच्चेपन की महक आने का खतरा रहता है। इस समस्या से बचने के लिए एक अलग पैन में थोड़ा सा बेसन और पानी मिलाकर धीमी आंच पर हल्का उबाल लें। जब यह मिश्रण हल्का पक जाए, तो इसे कढ़ी में धीरे-धीरे मिला दें। इस उपाय से कढ़ी की कुल मात्रा बढ़ जाती है और उसका खट्टापन अपने आप कम हो जाता है। इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार नमक, हल्दी और अन्य सूखे मसालों का संतुलन फिर से बना लें।

स्वादिष्ट कढ़ी बनाने के लिए जरूरी सावधानियां

कढ़ी के स्वाद को सुधारते समय धैर्य रखना बहुत जरूरी है। कभी भी एक साथ बहुत ज्यादा चीनी, नमक, पानी या बेसन न डालें, क्योंकि इससे कढ़ी का मूल स्वाद पूरी तरह बिगड़ सकता है। कोई भी सामग्री हमेशा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ही मिलाएं और हर बार मिलाने के बाद कढ़ी को चखकर देखें। इसके अलावा, कढ़ी में जब भी पानी या बेसन का घोल बढ़ाएं, तो उसे अच्छी तरह उबालना कभी न भूलें, अन्यथा कढ़ी में कच्चापन और फीका स्वाद बना रहेगा। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप बिगड़ी हुई कढ़ी को भी बेहद स्वादिष्ट बना सकते हैं।

सवाल-जवाब

कढ़ी ज्यादा खट्टी हो जाए तो सबसे पहले क्या करना चाहिए?
कढ़ी में खट्टापन कम करने के लिए तुरंत थोड़ा बेसन पानी में घोलकर मिलाएं और धीमी आंच पर पकाएं।
क्या गर्म कढ़ी में सीधे सूखा बेसन डालना सही है?
नहीं, गर्म कढ़ी में सूखा बेसन डालने से उसमें गुठलियां बन सकती हैं। हमेशा पानी में घोल बनाकर ही डालें।
क्या कढ़ी का खट्टापन घटाने के लिए चीनी या गुड़ डाला जा सकता है?
हां, आधी से एक चम्मच चीनी या गुड़ डालने से खट्टापन संतुलित होता है, लेकिन इसे बहुत सीमित मात्रा में ही प्रयोग करें।
दही मिलाने पर कढ़ी फटने से कैसे बचाएं?
ताजा फेंटा हुआ दही धीमी आंच पर कढ़ी में डालें और उसे लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं।
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