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चाय के समय के लिए बनाएं बिहार का पारंपरिक खजूर खस्ता, बिना खजूर के तैयार होगी यह कुरकुरी और नरम मिठाईखानपान
2 सित॰ 2026, 4:32 pm (45 मिनट पहले)· 2

चाय के समय के लिए बनाएं बिहार का पारंपरिक खजूर खस्ता, बिना खजूर के तैयार होगी यह कुरकुरी और नरम मिठाई

बिहार का प्रसिद्ध खजूर खस्ता बिना खजूर फल के गेहूं के आटे, चीनी, नारियल, किशमिश और मूंगफली से बनाया जाता है। शाम की चाय के साथ परोसी जाने वाली यह पारंपरिक मिठाई बाहर से खस्ता और अंदर से नरम होती है।

घरेलू रसोई में उपलब्ध साधारण चीजों से बनने वाले व्यंजनों का स्वाद अक्सर लंबे समय तक जुबां पर बना रहता है। बिहार की रसोई परंपराओं में रचा-बसा खजूर खस्ता भी एक ऐसा ही स्वादिष्ट और लोकप्रिय व्यंजन है। आमतौर पर नाम में खजूर शब्द सुनकर लोग यह मान लेते हैं कि इसे खजूर के फल से तैयार किया जाता होगा, लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह मिठाई पूरी तरह से गेहूं के आटे या मैदा, सूखे नारियल, भुनी हुई मूंगफली, किशमिश और चीनी के अनूठे मेल से बनती है। इस पारंपरिक व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत इसकी दोहरी बनावट है। यह बाहर से हल्की खस्ता और कुरकुरी होती है, जबकि अंदर से उतनी ही नरम और स्वाद से भरपूर रहती है। शाम की चाय के साथ कुछ मीठा खाने की इच्छा हो या घर में आए मेहमानों का स्वागत करना हो, खजूर खस्ता हर मौके के लिए एक आदर्श और स्वादिष्ट विकल्प साबित होता है।

बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है यह पारंपरिक व्यंजन

बिहार के खानपान में खजूर खस्ता का एक विशिष्ट स्थान रहा है। इसे त्योहारों, विशेष अवसरों और पारिवारिक आयोजनों पर बड़े चाव से बनाया जाता है। साधारण मिठाइयों की तुलना में इसकी बनावट और बनाने की शैली इसे अलग पहचान देती है। इसमें मिलाया गया कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल और हल्की भुनी हुई दरदरी मूंगफली हर बाइट में एक बेहतरीन क्रंच जोड़ती है। वहीं चीनी की मिठास और किशमिश का स्वाद इसे एक संपूर्ण पारंपरिक मिठाई का रूप देता है। इस डिश की एक और खासियत यह है कि इसे किसी भी आकार में ढाला जा सकता है। कई घरों में लकड़ी या पीतल के नक्काशीदार सांचों का इस्तेमाल करके इस पर सुंदर डिजाइन बनाए जाते हैं, तो कई लोग हाथ से लोइयों को चपटा करके सादा घरेलू रूप देते हैं। यही आत्मीय और घरेलू अंदाज खजूर खस्ता को हर पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाए रखता है।

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खजूर खस्ता की आवश्यक सामग्री और सटीक मात्रा

इस स्वादिष्ट खस्ता मिठाई को तैयार करने के लिए रसोई में मिलने वाली बुनियादी सामग्रियों की जरूरत पड़ती है। सही स्वाद और सही बनावट पाने के लिए सामग्री का अनुपात बेहद महत्वपूर्ण होता है।

  • गेहूं का आटा या मैदा: 500 ग्राम
  • तेल: 500 ग्राम (मोयन और तलने के लिए)
  • चीनी: 500 ग्राम
  • सूखा नारियल: 250 ग्राम
  • किशमिश: 200 ग्राम
  • मूंगफली: 200 ग्राम

अगर आप कम या ज्यादा मात्रा में बनाना चाहते हैं, तो अपनी आवश्यकता और स्वाद के अनुसार इस अनुपात को कम या ज्यादा भी कर सकते हैं। कम मीठा पसंद करने वाले लोग चीनी की मात्रा में थोड़ी कटौती कर सकते हैं।

भरावन और आटे का मिश्रण तैयार करने की पूरी विधि

खजूर खस्ता बनाने की शुरुआत मेवों और नारियल के मिश्रण को तैयार करने से होती है। सबसे पहले सूखे नारियल को कद्दूकस की मदद से बारीक घिस लें। इसके बाद मूंगफली के दानों को एक कड़ाही में हल्का भून लें और ठंडा होने पर उनके छिलके साफ कर लें। भुनी हुई मूंगफली को मिक्सर में पीसते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसका पाउडर न बने। इसे हल्का दरदरा ही कूटें ताकि खाते समय मूंगफली के छोटे-छोटे टुकड़े मुंह में आएं और कुरकुरापन महसूस हो। अब इस दरदरी मूंगफली में घिसा हुआ नारियल और किशमिश मिला लें।

अगले चरण में एक बड़े परात या बर्तन में गेहूं का आटा या मैदा लें। इसमें थोड़ा तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें। इस प्रक्रिया को मोयन देना कहते हैं, जिससे खस्तापन आता है। मोयन अच्छी तरह मिल जाने के बाद इसमें नारियल, मूंगफली और किशमिश का तैयार मिश्रण डालें और मिला लें। दूसरी तरफ चीनी को थोड़े पानी में घोलकर चाशनी जैसी हल्की मीठी सिरप तैयार कर लें। अब इसी चीनी के पानी से आटे को गूंथना शुरू करें। ध्यान रखें कि चीनी का पानी एक साथ न ढालें, बल्कि थोड़ा-थोड़ा करके मिलाते जाएं। आटे का टेक्सचर न तो बहुत ज्यादा गीला होना चाहिए और न ही अत्यधिक सख्त। जब आटा सही तरीके से बंधने लगे, तो उसकी छोटी-छोटी लोइयां तैयार कर लें।

सांचे से डिजाइन देना और आकार तैयार करना

लोइयां तैयार हो जाने के बाद उन्हें आकार देने का काम किया जाता है। आप हर लोई को अपनी हथेलियों के बीच रखकर हल्का सा चपटा कर सकते हैं। यदि आपके पास पारंपरिक नक्काशीदार सांचा उपलब्ध है, तो लोई पर थोड़ा सा तेल लगाकर सांचे पर दबाएं। इससे खजूर खस्ता पर एक सुंदर और आकर्षक डिजाइन उभर कर आता है। यदि सांचा न हो तो हाथ से चपटा करके या कांटे की मदद से भी हल्का डिजाइन बनाया जा सकता है। इसी तरह एक-एक करके सभी लोइयों से खजूर तैयार करके एक प्लेट में रख लें।

धीमी आंच पर तलने का सही तरीका

खजूर खस्ता की खस्ता बनावट पूरी तरह से इसे तलने की प्रक्रिया पर निर्भर करती है। सबसे पहले कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में तेल डालकर गरम करें। जब तेल गरम हो जाए, तो गैस की आंच को मध्यम से धीमी कर दें। अब तैयार किए गए खजूर को एक-एक करके कड़ाही में डालें। इन्हें धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकने दें।

यदि आप जल्दबाजी में तेज आंच पर इन्हें तलेंगे, तो बाहर की परत तो बहुत जल्दी भूरी हो जाएगी, लेकिन अंदर का आटा कच्चा रह जाएगा। धीमी आंच पर पकाने से गर्मी अंदर तक पहुंचती है और मिठाई अंदर से नरम और बाहर से सुनहरी खस्ता बनती है। थोड़ा धैर्य रखते हुए इन्हें दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक तलें और फिर कड़ाही से निकालकर किसी जाली या बर्तन में रख लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।

परफेक्ट खजूर खस्ता बनाने के लिए जरूरी टिप्स

खजूर खस्ता बनाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप हर बार बिल्कुल परफेक्ट परिणाम हासिल कर सकते हैं।

  • आटे में पानी का संतुलन: आटा गूंथते समय पानी की मात्रा पर नियंत्रण रखें। अधिक पानी आटा गीला कर देगा, जिससे खस्तापन खत्म हो जाएगा। वहीं बहुत कम पानी से आटा सख्त हो जाएगा और पकाने के बाद कड़ा लगेगा।
  • मूंगफली की पिसाई: मूंगफली का बारीक पाउडर बनाने से बचें। दरदरा कूटने से ही असली बिहारी स्वाद आता है।
  • तेल का तापमान: तलते समय तेल न तो बहुत ज्यादा ठंडा होना चाहिए और न ही तेज गरम। धीमी से मध्यम आंच ही इसके लिए सबसे उपयुक्त है।
  • भंडारण और स्टोरेज: तलने के तुरंत बाद खजूर खस्ता को बंद डिब्बे में न रखें। इसे कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें और उसके बाद ही एयरटाइट कंटेनर में भरें। इससे यह कई दिनों तक कुरकुरा बना रहता है।

सवाल-जवाब

क्या खजूर खस्ता बनाने में खजूर फल का उपयोग किया जाता है?
नहीं, इस पारंपरिक बिहारी मिठाई में खजूर फल का इस्तेमाल नहीं होता है। इसका नाम केवल इसके पारंपरिक आकार और बनावट के कारण खजूर खस्ता पड़ा है।
खजूर खस्ता बनाने के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?
इसके लिए 500 ग्राम गेहूं का आटा या मैदा, 500 ग्राम तेल, 500 ग्राम चीनी, 250 ग्राम सूखा नारियल, 200 ग्राम किशमिश और 200 ग्राम मूंगफली की आवश्यकता होती है।
खजूर खस्ता को तलते समय आंच कैसी रखनी चाहिए?
कड़ाही में तेल गरम करने के बाद आंच को मध्यम से धीमा कर देना चाहिए। इसे हमेशा धीमी आंच पर धीरे-धीरे सुनहरा होने तक तलना चाहिए।
खजूर खस्ता को कितने दिनों तक स्टोर किया जा सकता है?
पूरी तरह ठंडा होने के बाद इसे एयरटाइट डिब्बे में बंद करके कई दिनों तक फ्रेश रखा जा सकता है।
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