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छतरपुर की यह पारंपरिक मिठाई सर्दियों और त्योहारों में मचाती है धमाल, स्वाद और खुशबू के दीवाने हैं लोगखानपान
21 अक्तू॰ 2026, 3:49 pm (8 दिन पहले)· 2

छतरपुर की यह पारंपरिक मिठाई सर्दियों और त्योहारों में मचाती है धमाल, स्वाद और खुशबू के दीवाने हैं लोग

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सिंघाड़ा और मावा से बनने वाली एक खास मिठाई ठंड और त्योहारी सीजन में खासी लोकप्रिय होती है। नवरात्रि से दीपावली तक बिकने वाले इस खोवा सिंघाड़ पाक की कीमत 350 रुपये प्रति किलो है।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में ठंड और त्योहारों के सीजन के दौरान एक बेहद लोकप्रिय मिठाई बाजारों की शोभा बढ़ाती है। इस अनूठी मिठाई को मुख्य रूप से सिंघाड़ा और मावा के मिश्रण से तैयार किया जाता है। नवरात्रि के पावन पर्व से लेकर दीपावली तक इस लजीज व्यंजन की मांग बाजार में काफी अधिक बढ़ जाती है। स्थानीय बाजारों में इस मिठाई को 350 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाता है, जिसे खाने के लिए दूर-दूर से लोग खिंचे चले आते हैं।

प्रेम पैलेस होटल के बब्बी चौरसिया की जुबानी

स्थानीय प्रेम पैलेस होटल के संचालक बब्बी चौरसिया के अनुसार, सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही बाजारों में सिंघाड़े की आवक शुरू हो जाती है। इस मौसम में कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं, जिनके दौरान सिंघाड़े से कई तरह के पकवान और व्यंजन बनाए जाते हैं। इन्हीं व्यंजनों में से एक प्रमुख नाम मावा सिंघाड़े के पाक का है, जो अपनी खास महक और स्वाद के लिए जाना जाता है।

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नवरात्रि से शुरू होती है बंपर मांग

बब्बी चौरसिया बताते हैं कि इस खास मिठाई की मांग की शुरुआत मुख्य रूप से नवरात्रि के दिनों से हो जाती है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु उपवास के दौरान इस मिठाई का सेवन करना पसंद करते हैं। जब तक छतरपुर जिले में ताजे सिंघाड़े की उपलब्धता बनी रहती है, तब तक यह मिठाई लगातार तैयार की जाती है। इस पारंपरिक व्यंजन को छतरपुर क्षेत्र में खोवा सिंघाड़ पाक के नाम से पुकारा जाता है, जबकि कई लोग इसे खोवा सेव के रूप में भी जानते हैं।

दिखने में अनोखी और मेलों की शान

बब्बी का कहना है कि यह मिठाई देखने में फ्रेंच फिंगर जैसी नजर आती है, लेकिन इसका रंग और स्वाद बिल्कुल अलग होता है। इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में खोया सेव की तरह तैयार किया जाता है। पहले यह मिठाई केवल नवरात्रि के दौरान लगने वाले छोटे-छोटे मेलों में ही नजर आती थी, लेकिन अब इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ चुकी है कि यह छतरपुर के प्रमुख होटलों और दुकानों पर भी आसानी से मिलने लगी है।

व्यापार और दैनिक बिक्री के आंकड़े

उपवास के इस विशेष समय में इस मिठाई की बिक्री अपने चरम पर होती है। अकेले एक दिन में लगभग 10,000 रुपये तक का खोवा सिंघाड़ पाक बिक जाता है। स्थानीय भाषा और परंपरा के अनुसार छतरपुर में मावा को खोवा कहा जाता है। वर्तमान समय में इस लजीज खोवा सिंघाड़ पाक का खुदरा बाजार भाव 350 रुपये प्रति किलो तय किया गया है, जो ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

सवाल-जवाब

छतरपुर में यह खास मिठाई किस चीज से बनाई जाती है?
यह मिठाई सिंघाड़ा और मावा के मिश्रण से तैयार की जाती है।
इस मिठाई को बाजार में क्या कीमत है?
इस मिठाई का बाजार भाव 350 रुपये प्रति किलोग्राम है।
खोवा सिंघाड़ पाक की मांग किस दौरान सबसे ज्यादा होती है?
इसकी मांग नवरात्रि से लेकर दीपावली तक और विशेषकर उपवास के दिनों में सबसे अधिक होती है।
इस मिठाई को स्थानीय रूप से किन अन्य नामों से जाना जाता है?
इसे छतरपुर में खोवा सिंघाड़ पाक और खोवा सेव के नाम से भी जाना जाता है।
प्रेम पैलेस होटल के संचालक का क्या नाम है?
प्रेम पैलेस होटल के मालिक का नाम बब्बी चौरसिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Vikram Yadav@vikram-yadav·8 दिन पहले

350 रुपये किलो में मावा और सिंघाड़ा मिल रहा है, तो इसमें मावा असली होना मुश्किल लगता है। इस दाम पर दुकानदार इतना मुनाफा कैसे निकाल रहे हैं, कुछ समझ नहीं आया।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·8 दिन पहले

विक्रम जी, छतरपुर में जब मैं खुद गई थी तब इसे खाया था, सिंघाड़े के आटे का स्वाद सच में बहुत अलग और सौंधा होता है।

Meera Joshi@meera-joshi·8 दिन पहले

छतरपुर के उन मेलों में सिंघाड़े के इस पाक की खुशबू आज भी याद है, व्रत के दिनों में दादी के साथ इसे खाने का मज़ा ही अलग था।

Aisha Khan@aisha-khan·8 दिन पहले

मीरा जी, दादी के हाथ की बनी चीज़ों की बात ही अलग होती है, छतरपुर के इस खोवा सिंघाड़ पाक की खुशबू पढ़कर ही मुँह में पानी आ गया!

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