मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रक्षाबंधन पर पारंपरिक खाजा और फैनी की धूम, जानिए इसकी खास विधि9 मई उपद्रव मामले में पूर्व आईएसआई चीफ फैज हमीद पर कस सकता है कानूनी शिकंजा, राना सनाउल्लाह ने दिए चार्जशीट के संकेतफेड ब्याज दर की उम्मीदों से दबाव में न्यूजीलैंड डॉलर साप्ताहिक निचले स्तर के करीब पहुँचाअमेरिका के ओवरकैपेसिटी टैरिफ पर चीन का सख्त रुख, जैक्सन होल में फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के भाषण से पहले जानें बाजार का रिस्क पैटर्ननागालैंड राज्य ने 27 अगस्त के डियर लॉटरी ड्रॉ की घोषणा की, 3 करोड़ रुपये के मुख्य पुरस्कार शामिलतुर्की लीरा पर बढ़ा दबाव, कमर्ज़बैंक की चेतावनी के बाद केंद्रीय बैंक के लक्ष्य से आगे निकली महंगाईतुएनसांग में लगातार बारिश और भूस्खलन से गिरा डीटीओ भवन, पहले ही खाली कराने से बची जानेंएनवीडिया के मजबूत नतीजों से टेक शेयरों में उछाल, अमेरिकी फ्यूचर्स और एशियाई बाजारों में तेजीरक्षाबंधन पर पहले तिलक लगाएं या बांधें राखी? जानिए सही पूजा क्रम, थाली सामग्री और जरूरी नियमहस्तरेखा शास्त्र के अनुसार अंगूठे के ये तीन खास निशान दिलाते हैं अपार धन और सामाजिक प्रतिष्ठा
दाल से बनाएं ये 5 लाजवाब व्यंजन: स्वाद और सेहत का मिलेगा अनोखा मेलखानपान
13 जुल॰ 2026, 6:29 am (45 दिन पहले)· 0

दाल से बनाएं ये 5 लाजवाब व्यंजन: स्वाद और सेहत का मिलेगा अनोखा मेल

भारतीय रसोई में मौजूद दाल से सिर्फ करी ही नहीं, बल्कि कई पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन भी तैयार किए जा सकते हैं। अगर आपके पास भिगोई हुई दाल है, तो आप चीला, वड़ा, फरा, पराठा और सिड्डू जैसे बेहतरीन विकल्प घर पर ही बना सकते हैं।

भारतीय खानपान की संस्कृति में दाल का एक विशिष्ट स्थान है। यह केवल रोजमर्रा की एक सामान्य सब्जी या करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई ऐसे स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं, जो नाश्ते से लेकर शाम के स्नैक्स तक पूरे परिवार की भूख मिटा सकते हैं। यदि आपके पास रातभर भिगोई हुई दाल उपलब्ध है, तो आप बहुत कम समय में दाल चीला, दाल वड़ा, फरा, दाल पराठा और सिड्डू जैसे लाजवाब पकवान तैयार कर सकते हैं।

दाल को भिगोने का वैज्ञानिक महत्व

भिगोई हुई दाल में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और आवश्यक खनिजों की प्रचुरता होती है। जब दाल को कुछ घंटों तक पानी में रखा जाता है, तो यह पचने में अत्यंत आसान हो जाती है और शरीर को इसके पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से मिलते हैं। यही कारण है कि आहार विशेषज्ञ नियमित रूप से दाल से बने व्यंजनों को भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं। 6 से 8 घंटे तक दाल भिगोने से इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व कम हो जाते हैं, जिससे पाचन में कोई समस्या नहीं होती। इसके अतिरिक्त, भिगोई हुई दाल जल्दी पकती है और उसका स्वाद भी बेहतर हो जाता है। ये व्यंजन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए लाभदायक हैं और तेल में तले हुए अन्य स्नैक्स की तुलना में अधिक पौष्टिक होते हैं।

ये भी पढ़ें

दाल चीला

सुबह के नाश्ते में दाल चीला एक बेहतरीन और लोकप्रिय विकल्प है। इसे मूंग, उड़द या चना दाल के उपयोग से बनाया जा सकता है। सबसे पहले भिगोई हुई दाल को पीसकर एक मुलायम घोल तैयार करें। अब इसमें बारीक कटी अदरक, हरी मिर्च, जीरा, नमक और हरा धनिया डालें। तवे को हल्का गरम करके उस पर थोड़ा तेल लगाएं और तैयार घोल को फैला दें। दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेकें। यह पौष्टिक चीला मात्र 5 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है और इसे दही या हरी चटनी के साथ परोसा जा सकता है।

पारंपरिक फरा

फरा उत्तर प्रदेश का एक पारंपरिक व्यंजन है, जो बहुत कम तेल का उपयोग करके बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए 1 कप चना दाल को 5 से 6 घंटे भिगोकर पानी निकाल लें और फिर इसे दरदरा पीस लें। इसमें हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, धनिया, जीरा और नमक मिलाकर एक भरावन तैयार करें। 2 कप चावल के आटे को गरम पानी से गूंध लें और इसकी छोटी लोइयां बेलकर तैयार दाल का मिश्रण भरें। इन फरों को स्टीमर या इडली कुकर में 20 से 25 मिनट तक भाप में पकाएं। स्वाद बढ़ाने के लिए अंत में राई और करी पत्ते का तड़का भी लगाया जा सकता है।

दाल वड़ा

दाल वड़ा एक कुरकुरा स्नैक है, जो शाम की चाय के साथ बहुत पसंद किया जाता है। 1 कप चना या उड़द दाल को 5 से 6 घंटे भिगोने के बाद इसे दरदरा पीस लें। मिश्रण में कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, अदरक, धनिया, जीरा, हींग और स्वादानुसार नमक मिलाएं। बेहतर स्वाद के लिए आप इसमें सौंफ या कुटी हुई काली मिर्च भी डाल सकते हैं। कड़ाही में तेल गरम करें और छोटे वड़े बनाकर उन्हें मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें।

दाल पराठा

सुबह की जल्दी में यदि पौष्टिक नाश्ते की तलाश हो, तो दाल पराठा सबसे उत्तम विकल्प है। दाल को हल्का पीसकर उसमें मनपसंद मसाले मिलाएं। अब आटे की लोई में इस मिश्रण को भरकर बेल लें और तवे पर घी या तेल लगाकर सेकें। यह कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का एक संतुलित मिश्रण प्रदान करता है, जिससे आप पूरे दिन ऊर्जावान बने रहते हैं। इसे अचार, मक्खन या दही के साथ खाने का आनंद लिया जा सकता है।

सिड्डू

सिड्डू एक प्रोटीन से भरपूर व्यंजन है। इसे बनाने के लिए 2 कप गेहूं के आटे में दही या यीस्ट मिलाकर 2 से 3 घंटे के लिए रख दें। दूसरी तरफ, 1 कप भिगोई हुई उड़द दाल को पीसकर उसमें अदरक, लहसुन, मिर्च और जीरा डालकर भरावन तैयार करें। आटे की लोई में भरावन भरकर उसे अच्छी तरह बंद करें। इसे 20 से 25 मिनट तक स्टीमर में भाप में पकाएं। परोसते समय इसे काटकर ऊपर से देसी घी डालें। यह हल्का भोजन के रूप में बेहद गुणकारी माना जाता है।

सवाल-जवाब

दाल को कितने समय तक भिगोना चाहिए?
दाल को अच्छी तरह से पचने और नरम होने के लिए 6 से 8 घंटे तक भिगोना सबसे बेहतर माना जाता है।
दाल को भिगोने से क्या फायदा होता है?
भिगोने से दाल में मौजूद प्राकृतिक तत्व कम हो जाते हैं, जिससे यह पचने में आसान हो जाती है और जल्दी पकती है।
क्या दाल के व्यंजनों का सेवन वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है?
हाँ, यदि इन व्यंजनों को कम तेल में तैयार किया जाए, तो ये पौष्टिक होते हैं और वजन को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकते हैं।
सिड्डू बनाने के लिए किस तरह का आटा चाहिए?
सिड्डू के लिए गेहूं के आटे में थोड़ा दही या यीस्ट मिलाकर उसे मुलायम गूंधना चाहिए और 2-3 घंटे के लिए रखना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR