अक्सर लोग पापड़ बनाने की प्रक्रिया को काफी जटिल मानते हैं, लेकिन सही जानकारी के साथ इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। जहानाबाद की निवासी तारावती देवी काफी लंबे समय से पापड़ बनाने के काम में जुटी हुई हैं और वह मूंग दाल व उड़द दाल के स्वादिष्ट पापड़ तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। उनके द्वारा बनाए गए पापड़ अब बाजार में भी काफी पसंद किए जा रहे हैं।
पापड़ बनाने की विधि
तारावती देवी के अनुसार, पापड़ बनाने के लिए सबसे पहले मूंग दाल और उड़द दाल को पानी में भिगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है। भीगने के बाद दाल को आटे के साथ मिलाया जाता है और अच्छी तरह से गूंथा जाता है। आटे को गूंथने के बाद थोड़ी देर के लिए फूलने के वास्ते छोड़ना आवश्यक है। इसके बाद, आटे के मिश्रण को मूसल की सहायता से अच्छी तरह कूटने की जरूरत होती है ताकि वह पूरी तरह से लचीला बन जाए।
जब आटा पर्याप्त लचीला हो जाता है, तो उसकी छोटी-छोटी लोइयां बनाई जाती हैं। इन लोइयों को बेलन की मदद से चिकने फर्श पर बेलकर पापड़ का आकार दिया जाता है। तैयार पापड़ों को पंखे की हवा में सूखने के लिए रख दिया जाता है। कुछ समय तक हवा लगने के बाद ये पापड़ पूरी तरह से तैयार हो जाते हैं।
स्वाद का रहस्य और समूह का योगदान
तारावती देवी का कहना है कि आटा गूंथते समय ही उसमें हींग, जीरा और अन्य जरूरी मसालों का मिश्रण शामिल करना चाहिए। इन मसालों से आटा हल्का हो जाता है, जिसके कारण पापड़ बहुत ही कुरकुरे और खिले-खिले बनते हैं। वर्तमान में घोसी सर्वसिद्धांता FPO से जुड़ी कई महिलाएं इस काम में सक्रिय हैं और पापड़ के अलावा दालमोट व मशरूम का अचार बनाने का भी कार्य कर रही हैं। यहाँ चने का सत्तू भी तैयार किया जाता है। कई महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं, जिससे न केवल उनका खुद का आर्थिक स्तर सुधरा है, बल्कि उनके परिवारों को भी बेहतर संबल मिला है। यह केंद्र अब कई महिलाओं के लिए आजीविका का एक बड़ा जरिया बन चुका है।











