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धौलपुर की गृहिणी ने बताया व्रत का नया फलाहार, यूं बनाएं लौकी और कुट्टू का स्वादिष्ट चीलाखानपान
15 अक्तू॰ 2026, 10:09 am (15 दिन पहले)· 4

धौलपुर की गृहिणी ने बताया व्रत का नया फलाहार, यूं बनाएं लौकी और कुट्टू का स्वादिष्ट चीला

नवरात्रि व्रत में पारंपरिक फलाहार से हटकर कुछ अलग चाहने वालों के लिए लौकी और कुट्टू के आटे का चीला एक हल्का, पौष्टिक और बेहद आसान विकल्प है।

नवरात्रि के नौ दिनों के उपवास के दौरान अक्सर लोग हर दिन एक ही तरह का फलाहार खाकर ऊब जाते हैं और किसी नए स्वाद की तलाश में रहते हैं। ऐसे में लौकी और कुट्टू के आटे से तैयार किया गया चीला एक बेहतरीन, हल्का और जायकेदार विकल्प साबित होता है। यह व्यंजन न केवल बहुत कम समय में सरलता से बन जाता है, बल्कि इसे सुबह के नाश्ते या शाम के हल्के भोजन के रूप में भी चाव से खाया जा सकता है। इसे पकाने के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें रसोई में पहले से मौजूद होती हैं। इसके अलावा, यदि उपवास के दिनों में घर पर कोई मेहमान आ जाए, तो उन्हें भी यह गरमा-गरम चीला परोसना एक शानदार विचार है।

रसोई में मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार होता है यह व्यंजन

धौलपुर की गृहिणी प्रभा शर्मा के अनुसार, लौकी और कुट्टू के आटे का चीला तैयार करने की विधि बेहद सरल है और इसके लिए बहुत सीमित सामग्री की आवश्यकता होती है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से ताजी लौकी, कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, पिसी हुई काली मिर्च और थोड़ा सा शुद्ध घी चाहिए होता है। तैयारी शुरू करते समय सबसे पहले ताजी लौकी का छिलका उतार लें। छीलने के बाद लौकी को चार टुकड़ों में काटें और फिर उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके उपरांत, इन टुकड़ों को कद्दूकस करके एक साफ कटोरे में अलग रख लें।

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घोल तैयार करने का सही तरीका

चीले के लिए चिकना घोल तैयार करने के लिए एक दूसरे गहरे बर्तन में चार चम्मच कुट्टू का आटा निकालें। इस आटे में थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाएं और इसे लगातार चलाते रहें, ताकि आटे की सारी गुठलियां पूरी तरह खत्म हो जाएं और एक समान घोल बन सके। इसके बाद, इसी कुट्टू के आटे वाले बर्तन में पहले से कद्दूकस करके रखी गई लौकी मिला दें। मिश्रण की बनावट संतुलित रखने के लिए आवश्यकतानुसार थोड़ा सा पानी और जोड़ें। इस दौरान यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि यह बैटर न तो बहुत अधिक गाढ़ा बने और न ही बहुत ज्यादा पतला बहे। अंत में इस घोल में अपने स्वादानुसार सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह फेंट लें।

तवे पर सेंकने की विधि और जरूरी सावधानियां

घोल तैयार हो जाने के बाद गैस का चूल्हा जलाएं और उस पर तवा गर्म होने के लिए रख दें। जब तवा ठीक से गर्म हो जाए, तब उसकी सतह पर थोड़ा सा घी चारों तरफ फैलाएं। इसके बाद एक बड़े चम्मच की मदद से तैयार मिश्रण को तवे के बीच में डालें और हल्के हाथों से गोल आकार देते हुए फैलाएं। चीले को हमेशा धीमी या मध्यम आंच पर ही पकाना चाहिए, ताकि वह अंदर तक अच्छी तरह सिक जाए और कच्चा न रहे। जब निचली सतह सुनहरी होकर तवा छोड़ने लगे, तब सावधानी से चीले को पलट दें और दूसरी तरफ भी हल्का घी लगाकर अच्छी तरह सेंक लें।

स्वाद के साथ सेहत के लिए भी है गुणकारी

जब चीला दोनों तरफ से पूरी तरह सिक कर सुनहरा और कुरकुरा हो जाए, तब उसे तवे से उतार लें। गृहिणी प्रभा शर्मा बताती हैं कि लौकी और कुट्टू का यह चीला जितना खाने में स्वादिष्ट लगता है, सेहत के लिहाज से उतना ही पौष्टिक भी होता है। इसे घर पर कोई भी बड़ी आसानी से बना सकता है। व्रत रखने वाले परिवार के लोग इसे सुबह की शुरुआत में या फिर शाम के फलाहार के रूप में खा सकते हैं। इसके साथ ही, उपवास के दौरान अचानक घर पधारे व्रतधारी मेहमानों का आदर-सत्कार करने के लिए भी यह एक झटपट बनने वाला लाजवाब फलाहार है।

सवाल-जवाब

लौकी और कुट्टू का चीला बनाने के लिए किन चीजों की जरूरत होती है?
इसे बनाने के लिए ताजी लौकी, कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, पिसी काली मिर्च और शुद्ध घी की जरूरत होती है।
चीले का घोल तैयार करने के लिए कितना कुट्टू का आटा इस्तेमाल किया जाता है?
घोल तैयार करने के लिए चार चम्मच कुट्टू के आटे में थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर कद्दूकस की हुई लौकी मिलाई जाती है।
लौकी को कद्दूकस करने से पहले कैसे तैयार करना चाहिए?
लौकी को पहले अच्छी तरह छील लें, फिर चार टुकड़ों में काटकर साफ पानी से धोएं और उसके बाद ही कद्दूकस करें।
चीले को तवे पर किस आंच पर सेंकना चाहिए?
चीले को तवे पर धीमी या मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक अच्छी तरह सेंकना चाहिए।
क्या यह चीला केवल नाश्ते के समय ही खाया जा सकता है?
नहीं, इसे सुबह के नाश्ते के अलावा शाम के फलाहार के रूप में या उपवास रखने वाले मेहमानों के लिए भी बनाया जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·14 दिन पहले

व्रत में लौकी का इस्तेमाल करने का यह आइडिया सचमुच बहुत काम का है। साबूदाना और आलू से अलग कुछ हल्का खाने का मन हो तो प्रभा जी की यह रेसिपी ज़रूर ट्राई करूँगी।

Neha Verma@neha-verma·14 दिन पहले

व्रत में लौकी का कुछ अलग ट्राई करने का आइडिया वाकई अच्छा लगा, वैसे क्या इसे बनाने के लिए कुट्टू की जगह सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल किया जा सकता है?

Priya Sharma@priya-sharma·14 दिन पहले

नेहा, कुट्टू और सिंघाड़ा दोनों का स्वाद अलग होता है, मुझे लगता है सिंघाड़े के साथ ये उतना क्रिस्पी नहीं बनेगा जितना कुट्टू से.

Ananya Iyer@ananya-iyer·14 दिन पहले

व्रत में रोज़-रोज़ वही आलू खाकर बोर हो जाती हूँ। पिछले साल जब मैं धौलपुर गई थी, तो वहाँ एक आंटी ने मुझे ऐसे ही लौकी का चीला खिलाया था। सच में बहुत हल्का और स्वादिष्ट लगता है, घर पर ज़रूर ट्राई करूँगी।

Rohan Gupta@rohan-gupta·14 दिन पहले

अरे अनन्या जी, सच कहा! व्रत में आलू खा-खाकर पेट भारी हो जाता है, लौकी का यह चीला वाकई बढ़िया और हल्का विकल्प है।

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