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घर पर ऐसे बनाएं मशहूर राजस्थानी प्याज कचौरी, जानें सही तरीकाखानपान
10 सित॰ 2026, 3:03 pm (49 दिन पहले)· 2

घर पर ऐसे बनाएं मशहूर राजस्थानी प्याज कचौरी, जानें सही तरीका

राजस्थानी प्याज कचौरी अपने खस्ता स्वाद और तीखी स्टफिंग के लिए जानी जाती है। आप इसे घर पर ही हलवाई जैसे स्वाद के साथ आसानी से तैयार कर सकते हैं।

राजस्थान की प्रसिद्ध प्याज कचौरी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। इसका मसालेदार स्वाद और खस्तापन हर किसी को भाता है। चाहे सुबह का नाश्ता हो या शाम की चाय, यह डिश हर महफिल की जान बन जाती है। आप चाहें तो बाजार जाने के बजाय अपने ही किचन में पारंपरिक तरीके से वैसी ही स्वादिष्ट कचौरी बना सकते हैं।

आटा गूंथने की सही विधि

इसकी शुरुआत एक परफेक्ट आटा तैयार करने से होती है। एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक और मोयन के लिए घी डालकर अच्छी तरह मिला लें। जब इस मिश्रण को हाथ में मुट्ठी बांधकर देखा जाए और यह बंधने लगे, तब समझ लें कि मोयन एकदम सही मात्रा में है। इसके बाद इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर एक नरम आटा गूंथ लें। अब इस गूंथे हुए आटे को किसी कपड़े या बर्तन से ढककर 20 मिनट के लिए रेस्ट करने के लिए छोड़ दें।

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मसालेदार स्टफिंग तैयार करना

कचौरी की असली जान उसकी फिलिंग होती है। एक कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें जीरा व सौंफ का तड़का लगाएं। इसके बाद बारीक कटे हुए प्याज डालें और मध्यम आंच पर उन्हें अच्छी तरह भून लें। जब प्याज हल्के सुनहरे रंग के होने लगें, तब हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, अमचूर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक मिलाएं।

बेसन का खास इस्तेमाल

मसालों को प्याज के साथ मिलाने के बाद कड़ाही में बेसन डालें। बेसन डालने से स्टफिंग में मौजूद अतिरिक्त नमी सूख जाती है और कचौरी लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है। बेसन को 2 से 3 मिनट तक भूनने के बाद अंत में बारीक कटा हरा धनिया मिलाएं और इस मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने के लिए अलग रख दें।

कचौरी भरने और आकार देने की प्रक्रिया

तैयार किए गए आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। एक लोई को लेकर उसे हल्का सा बेलें और उसके केंद्र में 1 से 2 चम्मच ठंडी की हुई स्टफिंग रखें। अब इसके किनारों को आपस में मिलाते हुए अच्छी तरह बंद कर दें ताकि तलते समय मसाला बाहर न निकले। इसे हथेलियों से दबाकर हल्का सा चपटा कर लें। इसी प्रकार बाकी सभी लोइयों से कचौरियां तैयार कर लें।

धीमी आंच पर तलने की कला

एक कड़ाही में तेल को मध्यम गरम करें। अब तैयार कचौरियों को कड़ाही में डालें और इन्हें धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा तथा खस्ता होने तक तलें। अगर आप इन्हें तेज आंच पर तलेंगे तो कचौरी बाहर से तो जल्दी पक जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची रह जाएगी। इसलिए धैर्य रखते हुए इसे धीमी आंच पर ही पकाएं।

सर्व करने का तरीका

आपकी गरमागरम राजस्थानी प्याज कचौरी अब पूरी तरह तैयार है। इसे तीखी हरी चटनी, खट्टी-मीठी इमली की चटनी या फिर मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसें। बाहर से करारी और अंदर से चटपटे मसालों से भरी यह रेसिपी आपके घर के सदस्यों और मेहमानों का दिल जीत लेगी।

सवाल-जवाब

राजस्थानी प्याज कचौरी के आटे में मोयन कैसे चेक करते हैं?
आटे में घी और नमक मिलाने के बाद उसे हाथ में लेकर दबाएं, अगर वह मुट्ठी में बंधने लगे तो मोयन एकदम सही है।
स्टफिंग में बेसन मिलाने का क्या फायदा है?
बेसन प्याज की अतिरिक्त नमी को सोख लेता है, जिससे कचौरी लंबे समय तक कुरकुरी और खस्ता रहती है।
कचौरी को किस आंच पर तलना चाहिए?
कचौरियों को हमेशा धीमी से मध्यम आंच पर तलना चाहिए ताकि वे अंदर तक पक सकें और बाहर से खस्ता हो जाएं।
प्याज कचौरी को किसके साथ परोसा जाता है?
इसे हरी चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी या मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है।
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