रोजाना दोपहर और रात के भोजन में क्या पकाया जाए, यह तय करना अक्सर एक बड़ा सिरदर्द बन जाता है। खासकर तब जब फ्रिज में गिनी-चुनी सब्जियां बची हों और कुछ अलग तथा चटपटा खाने का मन कर रहा हो। ऐसी स्थिति में शिमला मिर्च और बेसन की सूखी भुर्जी एक बेहद मुफीद विकल्प बनकर उभरती है। शिमला मिर्च का प्राकृतिक क्रंच और भुने हुए बेसन का सौंधापन मिलकर एक साधारण भोजन को भी खास बना देते हैं। इसे तैयार करने में न तो बहुत ज्यादा मेहनत लगती है और न ही किसी जटिल तैयारी की जरूरत होती है।
इस खास भुर्जी को बनाने के लिए जरूरी चीजें
इस आसान डिश को पकाने के लिए घर की रसोई में हमेशा मौजूद रहने वाले सामान की ही आवश्यकता होती है। मुख्य घटक के तौर पर दो मध्यम आकार की शिमला मिर्च, एक कटा हुआ प्याज और लगभग आधी कटोरी भुना हुआ बेसन चाहिए होता है। तड़के के लिए आधा छोटा चम्मच जीरा तथा दो चुटकी हींग पर्याप्त रहती है।
मसालों के मिश्रण में आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, चौथाई छोटा चम्मच धनिया पाउडर और स्वाद के मुताबिक नमक का इस्तेमाल किया जाता है। पकवान में ताजगी और चटपटा स्वाद जोड़ने के लिए एक पूरे नींबू का रस, बारीक कटी हुई हरी धनिया पत्ती और पकाने के लिए जरूरत के अनुसार कुकिंग ऑयल काम में लिया जाता है।
बेसन भूनने का सही तरीका
अगर आपके पास पहले से भुना हुआ बेसन मौजूद नहीं है, तो भुर्जी शुरू करने से पहले कच्चे बेसन को अलग से भूनना बेहद जरूरी होता है। एक सूखे बर्तन या कड़ाही को धीमी आंच पर रखकर उसमें कच्चा बेसन डालें। इसे लगातार चम्मच से चलाते रहना चाहिए ताकि यह तली में चिपककर जले नहीं। जैसे ही बेसन से सौंधी महक आने लगे और उसका रंग हल्का सा सुनहरा होने लगे, गैस बंद कर दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बेसन को बहुत ज्यादा गहरा या डार्क भूरा नहीं करना है, वरना उसका स्वाद कड़वा हो सकता है।
शिमला मिर्च और प्याज की तैयारी तथा तड़का
सब्जी बनाने की शुरुआत शिमला मिर्च और प्याज को अच्छी तरह पानी से धोने के बाद काटने से होती है। शिमला मिर्च को बहुत बारीक काटने के बजाय थोड़े मोटे टुकड़ों में काटना चाहिए। पकाने के दौरान यह थोड़ा मोटा आकार अपनी हल्की कुरकुरी बनावट को बनाए रखता है, जो खाते समय मुंह में बहुत बढ़िया स्वाद देता है।
इसके बाद एक कड़ाही या पैन में आवश्यकतानुसार तेल गर्म करें। तेल गर्म होते ही आधा छोटा चम्मच जीरा डालें और उसे अच्छी तरह चटकने दें। जीरा पकते ही कटी हुई शिमला मिर्च पैन में डालें और लगातार हिलाते हुए करीब दो मिनट तक भूनें। इसके तुरंत बाद कटा हुआ प्याज मिलाएं और दोनों चीजों को तब तक मध्यम आंच पर पकाएं जब तक कि वे हल्के नरम न दिखने लगें।
मसालों का संतुलन और बेसन मिलाने की तकनीक
सब्जियों के थोड़ा नरम होते ही उसमें हींग, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालें। मसालों को शिमला मिर्च और प्याज के टुकड़ों के साथ अच्छी तरह मिला लें। इस मोड़ पर आंच को धीमा रखना चाहिए ताकि सूखे मसाले तेल में जल न जाएं।
इसके बाद पहले से भूनकर रखा गया बेसन डालने की बारी आती है। बेसन को एक साथ पूरी मात्रा में उड़ेलने के बजाय धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा करके पैन में छिड़कते हुए मिलाना चाहिए। इस तरीके से बेसन सब्जियों के टुकड़ों पर एक समान परत की तरह चढ़ जाता है और उसमें गुठलियां बनने का जोखिम बिल्कुल खत्म हो जाता है। जब बेसन पूरी तरह मिल जाए, तो पैन को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर लगभग तीन से चार मिनट तक पकने दें। बीच में एक बार ढक्कन हटाकर सब्जी को चला लें ताकि वह बर्तन के तले में न लगे और बेसन सभी मसालों के साथ अच्छी तरह रच-बस जाए।
अंतिम स्पर्श और परोसने के विकल्प
सब्जी पूरी तरह पककर तैयार हो जाने के बाद गैस चूल्हा बंद कर दें। इसके तुरंत बाद इसमें एक नींबू का रस निचोड़ें और बारीक कटा हरा धनिया डालकर सारी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। नींबू की हल्की खटास भुने बेसन के भारीपन को संतुलित करती है और शिमला मिर्च की मिठास को और ज्यादा उभार देती है।
यह मसालेदार शिमला मिर्च बेसन भुर्जी गरमागरम चपाती, तवा फुल्के या कुरकुरे पराठों के साथ बेहद लजीज लगती है। इसके अलावा दोपहर के सादे दाल-चावल के साथ इसे एक साइड डिश के तौर पर परोसने से भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। सुबह के नाश्ते में या शाम की हल्की भूख के दौरान भी इसे पराठे के साथ आसानी से खाया जा सकता है।



















