छपरा में रीना देवी के ठेले पर मिलने वाले समोसों और चाट का स्वाद लोगों के बीच काफी मशहूर हो चुका है। यहाँ आने वाले ग्राहक एक बार खाने के बाद बार-बार खिंचे चले आते हैं। इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ आने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे अधिक होती है। पिछले आठ वर्षों से रीना देवी एक ठेले पर अपनी यह दुकान चला रही हैं और रोजाना बड़ी संख्या में लोग उनके लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने पहुँचते हैं।
यह दुकान रोजाना शाम को चार बजे सजती है और रात के आठ बजे तक चलती है। दुकान के खुलते ही वहाँ ग्राहकों की भारी भीड़ जमा होने लगती है। सबसे खास बात यह है कि रीना देवी अपने किसी भी व्यंजन में, चाहे वह समोसा हो या चाट, लहसुन और प्याज का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करती हैं। इसके बावजूद उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले पकवानों का स्वाद बेहद लाजवाब होता है। वह बाहर के मसालों के बजाय घर पर ही विशेष मसाले तैयार करती हैं, जिनमें अजवाइन, मंगरैल, काली मिर्च और हल्दी जैसी चीजें मिलाई जाती हैं।
रीना देवी ने बताया कि वह समोसे, चाट, पकौड़े, आलू फिंगर और कचरी जैसी तमाम चीजें पूरी शुद्धता के साथ बनाती हैं। घर पर तैयार किए गए इन खास मसालों को डालने से व्यंजनों का स्वाद और भी बढ़ जाता है। वह अपने घर के पास ही ठेला लगाती हैं और उनके खाने का जायका इतना बेहतरीन है कि स्थानीय लोगों के अलावा दूर-दराज के इलाकों से भी लोग खाने के लिए पहुँचते हैं।
स्थानीय निवासी कांति देवी का कहना है कि रीना देवी के हाथ के बने समोसे, पकौड़ी और कचरी सभी चीजें खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती हैं। लोग इन व्यंजनों का इंतजार करते हैं और दुकान पर बनते ही सारा सामान पलक झपकते ही खत्म हो जाता है। चाट और पकौड़ी का स्वाद लोगों को बहुत पसंद आता है।
यहाँ बनने वाले सभी व्यंजन शुद्ध सरसों के तेल में तले जाते हैं और रीना देवी साफ-सफाई तथा शुद्धता पर विशेष जोर देती हैं। घर के शुद्ध मसालों और बेहतरीन क्वालिटी के कारण इस ठेले की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और दूर-दूर से लोग इस अनोखे स्वाद का आनंद लेने आते हैं।


















