बिहार के जहानाबाद जिले में एक महिला उद्यमी ने आम और नींबू के पारंपरिक अचार से हटकर एक बिल्कुल नया प्रयोग किया है, वह मशरूम का अचार बना रही हैं और यह अचार बाजार में खूब पसंद किया जा रहा है।
अचार की दुनिया में मशरूम की एंट्री
भारतीय रसोई में अचार का खास स्थान है, हर राज्य और हर घर की अपनी अलग रेसिपी होती है। बिहार में तो अचार प्रेमियों के लिए विकल्पों की कोई कमी नहीं, आम का अचार, नींबू का अचार, मिर्च का अचार जैसी कई किस्में हर घर की रसोई में मिल जाती हैं। लेकिन क्या कभी आपने मशरूम के अचार का स्वाद चखा है? जहानाबाद में अब यही अचार सुर्खियों में है।
घोसी प्रखंड की एफपीओ में तैयार हो रहा अचार
जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड में स्थित सर्वसिद्धांता एफपीओ में कई महिलाएं मिलकर अलग-अलग तरह के उत्पाद बनाती हैं। इसी समूह से जुड़ी डॉली कुमारी वहां मशरूम का अचार तैयार करने का काम करती हैं। डॉली पिछले कई सालों से अचार बनाने के काम में जुटी हैं और अलग-अलग तरह के अचार तैयार करती आई हैं। अब उन्होंने मशरूम के अचार को भी अपनी सूची में शामिल कर लिया है और इसे बाजार तक पहुंचा रही हैं।
डॉली ने बताई मशरूम अचार बनाने की पूरी विधि
डॉली के मुताबिक मशरूम का अचार बनाने में सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम सही मशरूम का चुनाव करना है। बाजार में मशरूम की कई किस्में उपलब्ध हैं, लेकिन अचार के लिए बटन मशरूम सबसे बेहतर माना जाता है। सबसे पहले बटन मशरूम को घर लाकर किसी बर्तन में पानी डालकर उबाला जाता है। उबालने के बाद मशरूम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। टुकड़े करने के बाद इन्हें कुछ देर के लिए पंखे की हवा में रखा जाता है ताकि ये अच्छी तरह ठंडे हो जाएं।
करीब 30 मिनट तक ठंडा होने के बाद मशरूम के टुकड़ों को एक गड्ढेनुमा बर्तन में डाला जाता है और उसमें जरूरी मसाले मिलाए जाते हैं। इसके बाद हल्दी और नमक डालकर इस मिश्रण को एक पूरे दिन धूप में रखा जाता है। जब तेज धूप मशरूम पर अच्छी तरह पड़ जाती है, तब उसमें बचा हुआ मसाला मिलाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद महज दो दिनों में स्वादिष्ट मशरूम का अचार बनकर तैयार हो जाता है।
बटन मशरूम का अचार क्यों है सबसे खास
डॉली का कहना है कि उनके अनुभव में बटन मशरूम से बना अचार सबसे स्वादिष्ट होता है, इसलिए वह इसी किस्म को इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं। उनका दावा है कि मशरूम का अचार बाकी पारंपरिक अचारों के मुकाबले कहीं ज्यादा स्वादिष्ट होता है। तैयार होने के बाद इस अचार को अलग-अलग डिब्बों में पैक किया जाता है और फिर बाजार में सप्लाई के लिए भेजा जाता है। इस काम से डॉली और उनके समूह की महिलाओं को अच्छी कमाई भी हो रही है।











