कढ़ी का खट्टा और मसालेदार स्वाद हर किसी को आकर्षित करता है, लेकिन गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र की पारंपरिक काठियावाड़ी कढ़ी की बात ही कुछ अलग है। आम कढ़ी के मुकाबले इस कढ़ी में दही की खटास और विशेष खड़े मसालों का संतुलन इसे बेहद खास बना देता है। शेफ संज्योत कीर ने इस पारंपरिक काठियावाड़ी कढ़ी को घर पर बनाने की एक बेहद ही सरल और सटीक विधि साझा की है। इस कढ़ी में लगने वाला दोहरा तड़का इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है, जिसे एक बार खाने के बाद आप बार-बार बनाना पसंद करेंगे।
काठियावाड़ी कढ़ी की सामग्री
इस स्वादिष्ट कढ़ी को तैयार करने के लिए सामग्री को तीन हिस्सों में विभाजित किया जाता है, कढ़ी का घोल, पहला तड़का और अंतिम दोहरा तड़का।
- कढ़ी बेस की सामग्री: 1 कप खट्टा दही, आधा कप बेसन, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच तीखी लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक, 3 कप पानी और दरदरा पिसा हुआ लहसुन-हरी मिर्च का पेस्ट।
- पहले तड़के की सामग्री: 2 बड़े चम्मच मूंगफली का तेल, आधा छोटा चम्मच राई, आधा छोटा चम्मच जीरा, एक चुटकी हींग, एक चुटकी मेथी दाना, 2 तेजपत्ता, 1 छोटी दालचीनी की स्टिक और करी पत्ता।
- दूसरे तड़के की सामग्री: 1 बड़ा चम्मच देसी घी, 2 सूखी लाल मिर्च, आधा छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर और बारीक कटा हरा धनिया।
काठियावाड़ी कढ़ी बनाने की चरणबद्ध विधि
काठियावाड़ी कढ़ी को सही गाढ़ेपन और समृद्ध स्वाद के साथ तैयार करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें।
पहला चरण: बेसन और दही का घोल तैयार करना
सबसे पहले एक गहरे कटोरे में 1 कप खट्टा दही और आधा कप बेसन लें। इन्हें आपस में तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि कोई गांठ न रहे। अब इसमें 1 गिलास पानी मिलाएं और फिर से चलाएं। जब घोल पूरी तरह से एकसार हो जाए, तब इसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच तीखी लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच जीरा पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें। सभी मसालों को फेंटकर मिलाएं। फिर बचा हुआ पानी डालकर एक स्मूथ और पतला घोल तैयार कर लें। इसके साथ ही लहसुन और हरी मिर्च को खलबट्टे में दरदरा पीसकर पेस्ट बना लें और एक तरफ रख दें।
दूसरा चरण: पहला तड़का और कढ़ी को पकाना
एक कड़ाही में 2 बड़े चम्मच मूंगफली का तेल गरम करें। तेल के गरम होते ही उसमें आधा छोटा चम्मच राई और आधा छोटा चम्मच जीरा डालकर चटकने दें। इसके बाद इसमें एक चुटकी हींग, एक चुटकी मेथी दाना, 2 तेजपत्ता, दालचीनी का टुकड़ा और करी पत्ता डालें। मसालों से अच्छी खुशबू आने तक धीमी आंच पर भूनें। अब तैयार दही और बेसन के घोल को कड़ाही में धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं। कढ़ी में जब हल्का उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें और इसे 5 से 7 मिनट तक खुला पकने दें। इसके बाद कड़ाही को ढक दें और धीमी आंच पर लगभग 15 मिनट तक पकने दें। कढ़ी के गाढ़ेपन को अपनी पसंद के हिसाब से पानी मिलाकर एडजस्ट कर सकते हैं।
तीसरा चरण: दूसरा तड़का और परोसने का तरीका
जब कढ़ी पूरी तरह पक जाए, तो परोसने में आसानी के लिए करी पत्ते की डंठल और तेजपत्ता बाहर निकाल दें। अब अंतिम तड़के के लिए एक छोटे तड़का पैन में 1 बड़ा चम्मच घी गरम करें। इसमें 2 सूखी लाल मिर्च, आधा छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर डालें। तुरंत इस गरम तड़के को कढ़ी के ऊपर उड़ेल दें और बारीक कटे हरे धनिए से गार्निश करें। आपकी गर्मागर्म और ज़ायकेदार काठियावाड़ी कढ़ी परोसने के लिए तैयार है।



















