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मध्य प्रदेश के इंदौर में छाया गुजराती कढ़ी और फाफड़े का जादू, अनोखे स्वाद के दीवाने हुए लोगखानपान
25 अक्तू॰ 2026, 6:55 am (4 दिन पहले)· 2

मध्य प्रदेश के इंदौर में छाया गुजराती कढ़ी और फाफड़े का जादू, अनोखे स्वाद के दीवाने हुए लोग

खानपान के शहर इंदौर में अब पोहे-जलेबी के साथ-साथ गुजराती कढ़ी और फाफड़े का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। चिमन बाग चौराहा पर स्थित श्री कृष्ण गुजराती कढ़ी फाफड़ा दुकान पर मिलने वाले इस नाश्ते का स्वाद चखने के लिए दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है।

देशभर में अपने लजीज जायके के लिए पहचान रखने वाले इंदौर शहर में अब एक नया फूड ट्रेंड तेजी से पैर पसार रहा है। पारंपरिक पोहे और जलेबी के दीवाने रहने वाले इंदौरी अब गुजरात के प्रसिद्ध कढ़ी और फाफड़े को भी बड़े चाव से खा रहे हैं। शहर के चिमन बाग चौराहा पर मौजूद श्री कृष्ण गुजराती कढ़ी फाफड़ा दुकान इस बदलाव का मुख्य केंद्र बनी हुई है, जहां स्थानीय लोग रोजाना बड़ी संख्या में इस खास स्वाद का आनंद लेने पहुंचते हैं।

यह दुकान आज जिस मुकाम पर है, वहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। लगभग 30 साल पहले जब इस कारोबार की शुरुआत हुई थी, तब स्थिति बिल्कुल अलग थी। दुकान के शुरुआती दिनों में ग्राहकों को आवाज लगाकार और बुला-बुलाकर कढ़ी फाफड़े चखाने पड़ते थे। हालांकि, समय बीतने के साथ लोगों की जुबान पर इसका ऐसा जादू चढ़ा कि इसकी लोकप्रियता लगातार आसमान छूने लगी और आज हालात यह हैं कि सुबह से लेकर शाम तक यहां खाने वालों का तांता लगा रहता है।

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इस व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत इसके साथ परोसी जाने वाली खास चटनी है। दुकान के संचालक बताते हैं कि फाफड़े पूरी तरह बेसन से तैयार किए जाते हैं, जबकि कढ़ी को बेसन और दही के मेल से बनाया जाता है। आम तौर पर गुजरात की कढ़ी का स्वाद हल्का मीठा होता है, लेकिन इंदौर के लोगों की पसंद और पसंद को ध्यान में रखते हुए यहां की कढ़ी के स्वाद में थोड़ा बदलाव किया गया है।

इसके साथ ही परोसा जाने वाला सांभार असल में कच्चे पपीते की चटनी होती है, जो इस पूरे व्यंजन के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। दुकान के संचालकों का कहना है कि गुजरात के अलावा केवल इंदौर ही ऐसा शहर है जहां फाफड़े के साथ कच्चे पपीते की यह अनोखी चटनी तैयार की जाती है। पपीते की यह चाट और गरमागरम फाफड़े का मेल ही है जो इंदौरवासियों को अपनी ओर खींच रहा है।

सवाल-जवाब

गुजराती कढ़ी और फाफड़े की दुकान इंदौर में कहां स्थित है?
यह दुकान इंदौर के चिमन बाग चौराहा पर स्थित है और इसका नाम श्री कृष्ण गुजराती कढ़ी फाफड़ा दुकान है।
यह दुकान इंदौर में कितने समय पुरानी है?
यह दुकान लगभग 30 साल पुरानी है और समय के साथ इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई है।
फाफड़े के साथ कौन सी विशेष चटनी परोसी जाती है?
फाफड़े के साथ सांभार के रूप में कच्चे पपीते की चटनी परोसी जाती है, जो इस व्यंजन का मुख्य आकर्षण है।
गुजराती कढ़ी के स्वाद में क्या बदलाव किया गया है?
मूल रूप से गुजरात की कढ़ी मीठी होती है, लेकिन यहां इसे इंदौर के लोगों के स्वाद के हिसाब से तैयार किया गया है।
लोग इस दुकान पर कब पहुंच सकते हैं?
इस दुकान पर सुबह से लेकर शाम तक खाने के शौकीनों की भारी भीड़ कढ़ी फाफड़े का स्वाद चखने पहुंचती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

पोहे-जलेबी के गढ़ में गुजराती कढ़ी-फाफड़े का ऐसा जलवा देख कर मज़ा आ गया! क्या कच्चे पपीते की यह चटनी सिर्फ चिमन बाग चौराहा पर ही मिलती है या शहर में और भी जगह बिकने लगी है?

Michael Anderson@michael-anderson·4 दिन पहले

पोहे-जलेबी के गढ़ में गुजराती कढ़ी और फाफड़े का इतना क्रेज देखकर थोड़ा अचंभा होता है। खैर, पपीते की चटनी के साथ इसका मेल सचमुच कितना अलग होगा, बिना खाए पक्का नहीं कहा जा सकता।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·4 दिन पहले

माइकल जी, आपकी बात बिल्कुल सही है! वैसे क्या सच में कच्चे पपीते की चटनी इस कढ़ी-फाफड़े के स्वाद को इतना अलग बना देती है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

पोहे-जलेबी छोड़ो, अब इस कढ़ी-फाफड़े और पपीते की चटनी के चक्कर में रोज सुबह लंबी लाइन लगानी पड़ेगी।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·4 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा! पिछली बार मैच कवर करने इंदौर गया था, तो सुबह-सुबह इसी कढ़ी-फाफड़े के चक्कर में मेरी कैब छूटते-छूटते बची थी।

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