उत्तर प्रदेश के बलिया शहर में इन दिनों एक बेहद अनोखा फूड एक्सपेरिमेंट तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है। यहां मिलने वाली पनीर लिट्टी का स्वाद खाने के शौकीनों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। पारंपरिक लिट्टी को जब मसालेदार ग्रेवी और मक्खन जैसे नरम पनीर के साथ मिलाकर दोबारा पकाया जाता है, तो इसका जायका पूरी तरह बदल जाता है और यह लोगों की जुबान पर छा जाता है।
बलिया रेलवे स्टेशन के नजदीक शीश महल के पास स्थित इस दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। दुकान संचालक गोविंद कुमार माली इस लजीज व्यंजन को तैयार करने की अनोखी प्रक्रिया के बारे में बताते हैं। सबसे पहले आटे के अंदर सत्तू भरकर उसे पारंपरिक ढंग से पकाया जाता है। इसके बाद उस पकी हुई लिट्टी को प्याज की खुशबूदार मसालेदार ग्रेवी और पनीर के टुकड़ों के साथ कढ़ाई में डालकर फिर से पकाया जाता है। इस दोहरी पकाने की प्रक्रिया की वजह से लिट्टी बेहद मुलायम हो जाती है और मुंह में जाते ही घुल जाती है।
इस लजीज व्यंजन की ख्याति अब सिर्फ बलिया तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि एनएच-31 पर स्थित इस दुकान पर आसपास के कई जिलों से लोग स्वाद लेने पहुंचते हैं। बनारस, बक्सर, गाजीपुर, सीवान, गोपालगंज के अलावा बलिया की सातों विधानसभा क्षेत्रों से आने वाले लोग इस जायके का लुत्फ उठाते हैं। मात्र पचास रुपए प्रति प्लेट मिलने वाले इस भोजन की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां खाने वालों का तांता लगा रहता है। टकरसन से खास तौर पर पनीर लिट्टी का स्वाद लेने पहुंचे रितिक ने इस अनोखे व्यंजन की तारीफ करते हुए इसके स्वाद को बेजोड़ बताया।
बलिया की पारंपरिक लिट्टी वैसे भी देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखती है और इसे सरकार की ओडीओपी योजना के तहत भी स्थान मिला हुआ है। लेकिन इस नए अंदाज ने इस पारंपरिक व्यंजन को एक बिल्कुल अलग मुकाम पर पहुंचा दिया है। जो लोग भी एक बार इस ग्रेवी वाली पनीर लिट्टी का स्वाद चख लेते हैं, वे इसकी सोंधी खुशबू और लाजवाब स्वाद के कारण बार-बार यहां खिंचे चले आते हैं।
















